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 नई दिल्ली, 05 अक्टूबर, 2015 को  “जश्न-ए-उस्ताद” के अवसर पर मेरा भाषण :   

माननीय केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला जी और यहाँ उपस्थित अन्य मित्रों।

सेकुलरिज्म के स्वयंभू सियासी उस्तादों से भारतीय अल्पसंख्यकों के सरोकार को सियासी स्वार्थो की सूली पर चढ़ने से बचाना होगा। 

अब वक़्त आ गया है जब वोट के लिए जज्बातों पर चोट बंद होनी चाहिए- सेकुलरिज्म के सियासी सूरमाओं को यह सन्देश और सबक देश की जनता बार-बार दे रही है।

देश के सभी लोगों विशेषकर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक सरोकार हम सब की जिम्मेदारी है, इस जिम्मेदारी को निभाने में संकीर्णता और सियासी स्वार्थ आड़े नहीं आने देना चाहिए।

सत्ता में आने के बाद से ही केंद्र की मोदी सरकार ने गरीबों, उपेक्षितों, दलितों और अल्पसंख्यक तबके के समुचित विकास के लिए कई कदम उठाये हैं।

अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिम समाज के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए लाई गयी विभिन्न योजनाओं में से "उस्ताद" एक महत्वपूर्ण प्रयास है। 

"उस्ताद" जैसे कदम अल्पसंख्यक वर्गों की पारम्परिक कलाओं और शिल्पों के प्रचार-प्रसार के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म मुहैया कराएँगे। इनसे अल्पसंख्यकों की कलाओं और कौशल को विस्तृत बाजार उपलब्ध कराने और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

 

पिछले लगभग 16 महीनों के दौरान केंद्र की मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए जो कदम उठाये, उनका लाभ दिखना शुरू भी हो गया है। अल्पसंख्यकों तक विकास का लाभ सीधे पहुंचे यह हमारा संकल्प है।

हमारी सरकार का मकसद न केवल अल्पसंख्यकों को तरक्की के अवसर देना है बल्कि अल्पसंख्यकों का मान-सम्मान भी सुनिश्चित करना है। आज अल्पसंख्यक समुदाय भी देश के अन्य वर्गों के साथ तरक्की के रास्ते पर पुरे सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है। यह बदलाव जमीनी स्तर पर दिख रहा है। अल्पसंख्यकों की Dignity, Identity, Prosperity सुनिश्चित करना हमारा संकल्प है।

"मिशन सशक्तिकरण", "उस्ताद", "हमारी धरोहर", "मानस", "नई मंजिल", "पढ़ो परदेश", "सीखो और कमाओ", "नई रौशनी" जैसी योजनाओं से अल्पसंख्यकों का आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक विकास सुनिश्चित हुआ है। इन योजनाओं से अल्पसंख्यकों का कौशल विकास भी किया जा रहा है।

आज जरुरत इस बात की है कि अल्पसंख्यकों की कौशल क्षमता को पूरी दुनिया के सामने लाया जाये। इस प्रयास में "उस्ताद" महत्वपूर्ण साबित होगा। "उस्ताद" योजना अल्पसंख्यकों की पारम्परिक कलाओं/शिल्पों का जुड़ाव राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के साथ स्थापित करेगी और श्रम की गरिमा सुनिश्चित करेगी। इस योजना से अल्पसंख्यकों को बेहतर आजीविका के मौके भी मिलेंगे।

"उस्ताद" योजना से अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुसलमानों की परंपरागत कौशल और शिल्पों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी चाहे वह लखनऊ की चिकनकरी हो, वाराणसी की कढ़ाई हो, मुरादाबाद का पीतल का काम हो, पंजाब की फुलकारी हो, उत्तर-पूर्व का हस्तशिल्प  या कर्नाटक का बिदरी का काम हो।

सरकार शिल्पकारों को अपना परंपरागत कौशल दुनिया भर को दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

हम पुरानी योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके की जमीनी स्तर पर उनका कितना लाभ जरुरत मंदों तक पहुंचा है। इससे नयी योजनाएं बनाने में भी मदद मिलेगी।

जनसँख्या के नवीनतम आंकड़ों के हिसाब से भी योजनाओं की समीक्षा करने की जरुरत है ताकि योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों को दिया जा सके।

अल्पसंख्यक समुदायों के शिल्पों पर आधारित पुस्तक “India’s Creative Continuum- Minority Communities in Craft” भी अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की शिल्प कला के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाएगी।

अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिम समुदाय के विकास को लेकर मोदी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। कुछ सियासी दल जो अब तक अल्पसंख्यकों के राजनैतिक शोषण करने के उस्ताद थे, उन्हें मोदी सरकार के सबके विकास का संकल्प हजम नहीं हो रहा है।

हमारी सरकार के कदमों से अब मुस्लिमों सहित अल्पसंख्यकों को भी ये समझ आ गया है की भाजपा उनकी तरक्की को लेकर समर्पित है। अल्पसंख्यक ये देख-समझ रहे हैं कि हमारी सरकार उनको राजनैतिक या वोट की नजर से नहीं देखती।

भाजपा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है ताकि देश के हर समुदाय हर व्यक्ति का विकास हो सके चाहे वह किसी भी धर्म का हो। भारत की एकता ही विकास की ताकत है, इसका टूटना विकास के ताने बाने को तोड़ना है।

मोदी सरकार सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है। सुशासन के संकल्प और विकास की राह में कोई भी रोड़ा कामयाब नहीं हो पायेगा, हम देश के सौहार्द और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते।

भाजपा सरकार का इरादा बिकुल साफ है और वह है विकास के रास्ते पर देश को आगे बढ़ाना। हम साफ सुथरी, विकास की, सकारात्मक राजनीति करते हैं। हम समाज के बिखराव-टकराव की सियासत की निंदा करते हैं।