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मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), 19 दिसंबर 2016:मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के दलपतपुर में "कैशलेस चौपाल" के दौरान मेरे संबोधन के मुख्य अंश:

19 दिसंबर 2016: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबदली के बाद अब "कैशलेस अर्थव्यवस्था", नेट एंड मोबाइल बैंकिंग की मुहीम एक साफ-सुथरी, ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने का एक मजबूत मिशन है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा मुरादाबाद के दलपतपुर में अल्पसंख्यकों के लिए "कैशलेस चौपाल" का आयोजन किया गया। इस चौपाल में भारी संख्या में शामिल लोगों को श्री नकवी ने डिजिटल ट्रांजेक्शन, मोबाइल-नेट बैंकिंग के फायदों की जानकारी दी। श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा शुरू डिजिटल ट्रांजेक्शन की मुहीम भ्रष्टाचार-काले धन के खिलाफ एक सफल मिशन साबित हो रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसमे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग 100 प्रतिशत सफल रही है। इसी तरह भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन, नेट और मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था सफल साबित होगी। श्री नकवी ने कहा कि जिस समय देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन द्वारा वोटिंग की शुरुआत हुई थी, उस समय भी कुछ लोगों ने इसके खिलाफ दुष्प्रचार किया था, इस पर सवाल खड़े किये थे। लेकिन इस व्यवस्था के बाद चुनावों में पारदर्शिता आने और आम जनता को सहूलियत होने से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की व्यवस्था सफल हुई। इसी तरह डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग भी अपने देश में सफल साबित होगा।

श्री नकवी ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने का मतलब अर्थव्यवस्था से नकदी को पूरी तरह हटा देना नहीं है, बल्कि एक ऐसी अर्थव्यवस्था स्थापित करना है जो कम नकदी और अधिकतम डिजिटल ट्रांजेक्शन पर आधारित हो। श्री नकवी ने आह्वाहन किया कि "ना नकद ना उधार, करें डिजिटल लेनदेन और कारोबार"।

"कैशलेस चौपाल" में हजारों की संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोगों को विभिन्न बैंक अधिकारियों की मदद से डिजिटल पेमेंट, नेट और मोबाइल बैंकिंग से सम्बंधित ऐप डाउनलोड करवाया गया, उसकी पूरी जानकारी दी गई। हजारों लोगों ने चौपाल में ही डिजिटल ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया से अपने आप को जोड़ा। "कैशलेस चौपाल" में बैंक अधिकारियों ने डिजिटल ट्रांजेक्शन के सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी उपस्थित लोगों को दी।

श्री नकवी ने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार की समस्या की वजह से सरकार ज्यादा इनकम टैक्स संग्रह नहीं कर पाती है, जब लोगों के आय व्यय की जानकारी ऑनलाइन हो जायेगी तो सरकार राजस्व में बढ़ोतरी करने में कामयाबी हासिल करेगी। कैशलेस अर्थव्यवस्था होने की वजह से त्वरित भुगतान किया जा सकता है, किसान, कारीगर व छोटे कारोबारी आसानी से भुगतान कर सकते हैं।

श्री नकवी ने कहा कि कैशलेस डिजिटल अर्थव्यवस्था की वजह से भ्रष्टाचार में कमी आएगी क्योंकि ज्यादातर भ्रष्टाचार की गतिविधयां कैश में होती है। श्री नकवी ने कहा कि छोटे जगहों पर जहां बैकिंग की सुविधा नहीं है वहां आसानी से ई पेमेंट व मोबाइल बैकिंग के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के अकाउंट में पहुंचाया जा सकता है।

श्री नकवी ने कहा कि मुस्लिम सहित सभी तबकों को इस मुहीम के साथ जुड़ कर देश को "करप्शन के कैंसर" से मुक्ति दिलाने में सहयोग करना चाहिए। श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 3 करोड़ छात्रों की 6715 करोड़ की छात्रवृति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है।

श्री नकवी ने कहा कि दुनिया के कई देश "लेस कैश" डिजिटल इकॉनमी बन गए हैं। जैसे स्वीडेन, बेल्जियम, फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया। यँहा तक की केन्या जैसा विकासशील देश भी कैशलेस इकॉनमी की और बढ़ रहा है। श्री नकवी ने कहा कि भारत में भी ई पेमेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन की व्यवस्था बहुत आसानी से लागू की जा सकती है। भारत में लगभग 103 करोड़ मोबाइल हैं, लगभग 35 करोड़ स्मार्टफोन हैं और इन्टरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग 50 करोड़ से भी ज्यादा है। देश भर में लगभग 144 करोड़ बैंक खाते हैं, जन धन के तहत 25 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए हैं। लगभग 107 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। इसके अलावा 14 लाख से ज्यादा पॉइंट ऑफ़ सेल मशीने हैं। लगभग 73 करोड़ क्रेडिट/डेबिट कार्ड इस्तेमाल में हैं।

श्री नकवी ने कहा कि डिजिटल पेमेंट अपनाने से छोटे-छोटे दूकानदार, कारोबारी भी बड़ी कंपनियों से मुकाबला कर पाएंगे। डिजिटल इकॉनमी बैंको पर दबाव भी कम करेगी। कैशलेश यानी जब नोट का चलन समाप्त हो जाएगा या न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाएगा, तो लूटमार, चोरी और बैंक डकैती जैसे अपराधों में कमी आएगी।