About

                 Brief introduction of Shri Mukhtar Abbas Naqvi

Brought up in an ordinary and respectable family of Allahabad in Uttar Pradesh, Mr Mukhtar Abbas Naqvi had been active in social-political activities since his early age. During the Emergency (1975), Mr Mukhtar Abbas Naqvi actively participated in “Sampoorna Kranti” (Total Revolution) movement, launched by “Loknayak” Jaiprakash Narayan and during the movement, he was jailed under “MISA-DIR” at the age of just 17 years. He actively participated in various movements for democratic and social issues and was even jailed on several occasions during these movements.

Born on 15th October, 1957 at Bhadari Village in Allahabad, Mr Naqvi completed his BA (Hons) and post-graduation in Mass Communication. He has continued writing on several socio-political-cultural issues and working for the uplift of artisans and craftsmen.

Committed to nationalistic, democratic and secular values, Mr Naqvi, as a BJP candidate, has contested two Assembly elections (1991, 1993) and three Lok Sabha elections (1998, 1999, 2009). Elected to the Lok Sabha from Rampur, Uttar Pradesh, in 1998, he has been elected to the Rajya Sabha (Upper House of Parliament) in 2002, 2010 and 2016. He has worked as Chairman and Member of various important Parliamentary Committees and led several Indian Parliamentary delegations abroad.

Mr Mukhtar Abbas Naqvi served as Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs in 1998 in Shri Atal Bihari Vajpayee Government. During his tenure, he took major decisions and initiated reforms like Direct to Home broadcast system (DTH) and giving industry status to Indian film industry.  In the present Shri Narendra Modi Government, he has served as Minister of State for Parliamentary Affairs and Minority Affairs (Independent Charge). Known for his humble and friendly approach, Shri Naqvi played a crucial role in several key legislative works and passage of various important Reform Bills. With cooperation-coordination-communication with the Opposition benches, he has played an important role in successful completion of several legislative works despite the Government being in minority in the Upper House of Parliament.

Presently, Mr Naqvi is Cabinet Minister of Minority Affairs. He has effectively implemented various schemes aimed at socio-economic-educational empowerment of poor& weaker sections of Minority communities with the goal of “Development with Dignity”.

Recognized as a constructive, companionable & cultured leader, Mr Naqvi has a long political, administrative and organisational experience.  He was National General Secretary, National Vice-President and National Spokesperson of the BJP and National Vice-President of BJP’s youth wing Bharatiya Janta Yuva Morcha. Mr Naqvi has successfully fulfilled various important responsibilities in the party. He has headed the central election management and coordination during 2014 Parliamentary elections and he had also been head of BJP’s Electoral Reform Committee and a member of the party’s Central Election Committee. He has also served as BJP’s organisation in-charge of various States.

Mr Naqvi has been an admirer of life and works of “Father of the Nation” Mahatma Gandhi, Pandit Deen Dayal Upadhyay, “Loknayak” Jaiprakash Narayan, Dr. Ram Manohar Lohia, Shri Atal Bihari Vajpayee, Shri Lal Krishna Advani and Shri Narendra Modi in political-social fields.

He believes in the principle that “Never stop learning because life never stops teaching”.

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उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के एक सामान्य एवं संभ्रांत परिवार में पले-बढ़े श्री मुख्तार अब्बास नकवी, कम उम्र से ही सामाजिक-राजनैतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। आपातकाल (1975) में "लोकनायक" जयप्रकाश नारायण के "संपूर्ण क्रांति" आंदोलन में सक्रिय रहे और मात्र 17 वर्ष की उम्र में "मीसा-डी.आई.आर" मे जेल में नजरबन्द किये गए। लोकतान्त्रिक मूल्यों एवं सामाजिक सरोकार को लेकर कई आंदोलनों-अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके चलते कई बार उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

15 अक्टूबर 1957 को इलाहाबाद के गांव भदारी में जन्मे श्री नकवी ने स्नातक एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। इसके साथ-साथ श्री नकवी लेखन, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं दस्तकारों, शिल्पकारों के उत्थान के लिए सक्रिय रहते हैं।

राष्ट्रवाद, लोकतांत्रिक एवं पंथनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति कटिबद्ध श्री नकवी ने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में अब तक दो विधानसभा (1991, 1993) एवं तीन लोकसभा (1998, 1999, 2009) चुनाव लड़ा है। 1998 में रामपुर, उत्तर प्रदेश से लोकसभा सदस्य एवं 2002, 2010, 2016 में राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। विभिन्न महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। विदेशों में कई भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व भी किया है।

श्री नकवी 1998 में श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री रहे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले किये जिनमे “डायरेक्ट टू होम” प्रसारण व्यवस्था (DTH) एवं भारतीय फिल्म क्षेत्र को उद्योग का कानूनी दर्जा देना शामिल है। वर्तमान श्री नरेंद्र मोदी सरकार में संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। अपने सरल, मिलनसार स्वभाव के लिए लोकप्रिय श्री नकवी ने संसदीय कार्य राज्यमंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों एवं सुधारपरक बिल पास कराये। उन्होंने राज्यसभा में सरकार के अल्पमत में होने के बावजूद विपक्ष के साथ संपर्क-संवाद-समन्वय बना कर महत्वपूर्ण विधाई कार्यों को कराने में सफलता हासिल की। अब अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री हैं। "सम्मान के साथ सशक्तिकरण’’ के संकल्प के साथ अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण की विभिन्न  योजनाओं को असरदार तरीके से लागू कर रहे हैं।

मिलनसार, मृदुभाषी, संस्कारी एवं कार्यकुशल नेताओं की श्रेणी में माने जाने वाले श्री नकवी को राजनैतिक, प्रशासनिक एवं संगठनात्मक कार्यों का एक लम्बा अनुभव है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय चुनाव प्रबंधन-समन्वय के प्रमुख, केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य एवं पार्टी की चुनाव सुधार समिति के अध्यक्ष के रूप में कई अहम एवं चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सफलता के साथ निभाई हैं। साथ ही कई राज्यों के संगठन प्रभारी भी रह चुके हैं।

  श्री नकवी राजनैतिक-सामाजिक क्षेत्र में "राष्ट्रपिता" महात्मा गाँधी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, "लोकनायक" जयप्रकाश नारायण, डा. राम मनोहर लोहिया, श्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्री लाल कृष्ण अडवाणी, श्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित रहे हैं।

वह इस सिद्धांत पर यकीन करते हैं कि, "सीखना कभी बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि जीवन का हर अध्याय एक सबक है" ।