Speeches



मेरठ, 21 जून, 2016:''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' के अवसर पर मेरठ में दिए गए मेरे उद्बोधन के प्रमुख अंश:

केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि भारतीय सेहत संस्कार "योग" आज दुनिया के "सिर का ताज" बनता जा रहा है। हमें गर्व है कि मेरे भारत की सदियों पुरानी विरासत पूरी दुनिया और लोगों के "सेहत का संसाधन" साबित हो रही है।

श्री नक़वी ने दूसरे "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर मेरठ में हजारों लोगों के साथ योग किया और लोगों से अपील की कि वो इस "सेहत समारोह"- "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस"- को “सेहत के संकल्प का दिन”बनाएं। समस्त विश्व में “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को जोश-जज़्बे के साथ मनाया जाना वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती हुई साख का एक और प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने योग को पूरी दुनिया में सम्मान और स्वीकार्यता दिलाई।

श्री नक़वी ने कहा कि आधुनिक युग में योग का महत्व और बढ़ गया है जब मन और शरीर अत्यधिक तनाव, प्रदूषण तथा भागमभाग के जीवन से रोगग्रस्त हो चला है। "योग सेहत के खजाने की गोल्डन चाभी है" और अच्छी सेहत ही इंसान की सबसे बड़ी दौलत है।

श्री नक़वी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं है बल्कि यह "सेहत विज्ञान" भी है। योग तन को मजबूती और मन को शांति प्रदान करता है। योग की मदद से जीवन के विभिन्न पहलुओं में सामंजस्य बैठाया जा सकता है, योग अभ्यास शरीर एवं मन, विचार एवं कर्म, और मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य प्रदान करने में भी सफलता दिलाता है।

श्री नक़वी ने कहा कि वह स्वयं पिछले कई वर्षों से योग कर रहे हैं और यह सभी वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक है। श्री नक़वी ने कहा कि योग को किसी एक धर्मं, संप्रदाय या क्षेत्र से जोड़ कर देखना सही नहीं है। जो भी लोग योग को संकीर्ण मानसिकता से देख रहे हैं वह नासमझी और नादानी का काम कर रहें हैं। "सेहत पर सियासत" स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

श्री नक़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में लगभग 40 इस्लामी देशों सहित 177 देशों ने 21 जून को ''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया। ''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' मनाने के निर्णय से विश्व भर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।