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जयपुर, 27 मई, 2016: मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर जयपुर में "विकास पर्व“ के दौरान मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि मोदी सरकार के दो वर्ष बिचौलियों-बेईमानों के “बुरे दिन” और गरीबों, किसानों, कमजोर तबकों के "अच्छे दिन" साबित हुए हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित "विकास पर्व" के दौरान जयपुर में श्री नक़वी ने कहा कि कांग्रेस, जो अपने शासन में "घोटालों का घुंघरू" पहनकर "भ्रष्टाचार का भांगड़ा" करती रही है, उसे देश में विकास और विश्वास का माहौल नहीं दिखेगा। देश की चौतरफा तरक्की "बिचौलियों और बेईमानों की बेचैनी का कारण है।"

श्री नक़वी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता थी देश में "भ्रष्टाचार मुक्त-विकास युक्त" व्यवस्था देना, जिसमे हम सफल हुए हैं। हमने गरीबों, कमजोर तबकों, किसानों, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मजबूत-प्रभावी कदम उठाये, जिनका असर साफ़ तौर पर जमीन पर दिख रहा है।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने दो वर्षों में दिल्ली के सत्ता के गलियारे से सत्ता के दलालों को निकाल बाहर किया है जिसका नतीजा है कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले धन का आना-पाई गरीबों, जरूरतमंदों के कल्याण पर खर्च हो रहा है। इस दिशा में सीधे बैंक खाते में सब्सिडी भेजने की स्कीम "पहल" बहुत ही कारगर साबित हुई है। "पहल" के माध्यम से पिछले दो साल में नरेगा, विभिन्न पेंशन, छात्रवृतियों के लिए लगभग 31 करोड़ लोगों के बैंक खातों में 61,822 करोड़ की सब्सिडी दी गई है। वहीँ इन योजनाओं के नाम पर बिचौलियों द्वारा हड़प किये जाने वाले 36,500 करोड़ की बचत हुई है, लीकेज रुकी है। यह तो बस एक शुरुआत है।

श्री नक़वी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार के सख्त रवैये से व्यवस्था में सुधार हुआ है। जहाँ 2008 में अनैतिक संपत्ति (क्रोनी वेल्थ) जीडीपी का 18 प्रतिशत थी वह अब केवल 3 प्रतिशत रह गई है। कठोर कारवाई के कारण लगभग 50 हजार करोड़ की अप्रत्यक्ष कर चोरी पकड़ी गई है।

श्री नक़वी ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान एनडीए सरकार ने "रिफार्म-परफॉर्म" के जरिये गांव-गरीब, किसान, कमजोर तबकों, दलितों, महिलाओं, युवाओं, अल्पसंख्यकों और अन्य जरूरतमंदों को विकास का हिस्सेदार-भागीदार बनाने के मजबूत संकल्प के साथ कई योजनाओं को शुरू किया और उनके नतीजे जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं। आम लोगों, गरीबों के जीवन में इसका असर साफ दिख रहा है।

श्री नक़वी ने कहा कि जहाँ पिछली केंद्र सरकार के 10 वर्षों के दौरान जमीन से लेकर हवा में हुए लाखों, करोड़ों के "करप्शन” की चर्चा होती थी, वहीँ मोदी सरकार में लाखों, करोड़ों को "कनेक्शन" की चर्चा होती है-- 3.7 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन, लगभग 50,465 ग्राम पंचायतों को "ब्रॉडबैंड कनेक्शन", 21,000 से ज्यादा डाक कोर बैंकिंग शाखाओं का कनेक्शन, लगभग 8000 गांवों को बिजली का कनेक्शन, देश भर में सड़कों का कनेक्शन।

श्री नक़वी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान जो अर्थव्यवस्था जर्जर हालत में पहुँच गई थी, उस अर्थव्यवस्था को मोदी सरकार ना केवल पटरी पर ले आई है बल्कि दुनिया भर में चल रहे आर्थिक संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और 7.5 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है। 2015 में भारत ने 63 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है। विश्व भर की संस्थाओं और नेताओं ने भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ की है।

श्री नक़वी ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक लम्बे समय बाद देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला जिसने गांव-गरीब, किसान, कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण को अपना धर्म मान कर काम करना शुरू किया। इन दो वर्षों में 22 करोड़ लोगों को "प्रधानमंत्री जन धन योजना" के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था में शामिल किया गया है। आम आदमी को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए "अटल पेंशन योजना" के अंतर्गर्त 25 लाख, "प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना" के अंतर्गर्त 2.96 करोड़ और "प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना" के तहत 9.43 करोड़ से ज्यादा लोगो को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर जन सुरक्षा में लगभग 12.64 करोड़ पंजीकरण हुए हैं। मुद्रा योजना के तहत 17 मई 2016 तक 1.47 लाख करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत किये गए हैं। 3.48 करोड़ से ज्यादा लोगों को लोन दिए गए हैं। इनमे 79 प्रतिशत महिलाएं हैं।

"भारत कृषि प्रधान देश है"- इस बात को प्राथमिकता देते हुए मोदी सरकार ने इस वर्ष एक ऐसा बजट पेश किया जो पूरी तरह गांव-किसान के विकास को समर्पित है। किसानों की आय अगले 5 वर्षों में दोगुना करने के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। केंद्र सरकार ने सूखे की स्थिति से निबटने के लिए कई कदम उठाये जिनमे प्रधानमंत्री का सूखा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलना, उन्हें मदद देना भी शामिल है। 2010-15 के लिए केंद्र द्वारा राज्य आपदा राहत कोष में 33,581 करोड़ रूपए दिए गए थे, वहीँ 2015-20 के लिए इसे बढ़ा कर 61,219 करोड़ कर दिया गया है। हर ग्राम सभा को विकास कार्यों के लिए प्रति वर्ष 80 लाख रूपए दिए जायेंगे।

श्री नक़वी ने कहा कि देश भर में सड़कों और रेलवे का विस्तार करने की दिशा में तेज रफ़्तार से काम हो रहा है। 2015-16 के दौरान 6026 किलोमीटर से भी अधिक राजमार्ग का निर्माण किया गया है। मतलब हर दिन 12 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनीं। इससे पहले तो यह आंकड़ा 8 किलोमीटर से नीचे ही रहता था। भारतीय रेलवे प्रतिदिन 7 किलोमीटर लाइन बिछा रही है जो पिछले 6 वर्षों के दौरान प्रतिदिन 4.3 किलोमीटर से कम थी। इसके अलावा “दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना” के तहत 1 मई 2018 तक 18,500 गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 7874 गांवों का विद्युतीकरण किया गया है।श्री नक़वी ने कहा कि अभी तक 3.7 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। "प्रधानमंत्री उज्वला योजना" के तहत बीपीएल परिवारों को 2019 तक 5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन मुफ्त दिए जायेंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने 26 मई 2014 से 18 मई 2016 के बीच समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण और देश की तरक्की के लिए रिकॉर्ड 918 फैसले लिए जिनमे रियल एस्टेट, स्मार्ट सिटीज, अमृत, जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार पूरक "उड़ान" योजना, बांग्लादेश के साथ लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट शामिल हैं। इन सभी फैसलों को जमीनी स्तर पर उतारा गया है। जिसका प्रभाव देश के चौतरफा तरक्की का कारण बना है।