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नई दिल्ली, 30 अप्रैल,2016: नई दिल्ली में बाबासाहेब बी. आर. अम्बेडकर की 125वी जयंती पर आयोजित सेमिनार में मेरे सम्बोधन के मुख्य अंश:

केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द समाज की खुशहाली, देश के विकास के खजाने की कुंजी है।

बाबासाहेब बी. आर. अम्बेडकर की 125वी जयंती पर उनके जीवन, सिद्धांतों, कार्यों पर आयोजित एक सेमिनार में श्री नक़वी ने कहा कि दुनिया की तरक्की की दौड़ में हम तब तक आगे नहीं बढ़ पाएंगे जब तक समरसता और सौहार्द के मूल मंत्र को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह और स्वार्थ के समाज का संपूर्ण हिस्सा नहीं बनाते।

श्री नक़वी ने कहा कि आज भारत दुनिया के विकसित देशों से बराबरी इसलिए कर पा रहा है कि बाबा साहेब अम्बेडकर ने हमें जो संविधान और समाज के समरसता का जो सन्देश दिया है वह काफी हद तक हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है। हमें और मजबूती से इसे आगे बढ़ाना होगा।

श्री नक़वी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को दुनिया का आदर्श "समरसता समाज" बनाना होगा। इस दिशा में हमारे महापुरुषों ने आंदोलन, अभियान चलाया है। महात्मा गांधी, बाबा साहेब अम्बेडकर, दीन दयाल उपाध्याय, डा. लोहिया इस सन्देश को मजबूती से समाज को देते रहे।

श्री नक़वी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी समरसता और सौहार्द के मूल सिद्धांत के साथ देश की समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि संसद, विधानसभाओं, पंचायतों, राजनीतिक दलों में भी सामाजिक समरसता का एहसास दिखाई देना चाहिए। केवल आरक्षित ही नहीं अनारक्षित सीटों पर भी समाज के उस हिस्से का प्रतिनिधि चुना जाना चाहिए जो पिछड़े और कमजोर वर्ग का हो।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार गांव, गरीब, किसान, कमजोर तबकों, अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता मान कर योजनाओं को जमीन पर उतार रही है ताकि समाज के आखिरी व्यक्ति तक विकास की रौशनी पहुँच सके।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा शुरू की गई योजनाएं, विशेषकर "ग्रामोदय से भारत उदय" अभियान, बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने एवं समरसता के संकल्प का मजबूत मिशन हैं।