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रामपुर (उत्तर प्रदेश), 21 अप्रैल, 2016:"ग्रामोदय से भारत उदय" अभियान के तहत रामपुर (उत्तर प्रदेश) में ग्राम सभाओं को सम्बोधन की मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

 केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश सहित जिन राज्यों में सूखे की समस्या है,केंद्र सरकार उनकी भरपूर मदद कर रही है ताकि सूखे की समस्या अन्नदाता की आत्महत्या का कारण ना बन पाये।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू 14 अप्रैल को बाबासाहेब अम्बेडकर के जन्म दिवस से लेकर 24 अप्रैल, 2016 को “पंचायती राज दिवस” तक चलने वाले "ग्रामोदय से भारत उदय अभियान" के तहत श्री नक़वी ने रामपुर में विभिन्न ग्राम सभाओं को सम्बोधित किया।

रामपुर के पटरिया, शंकरपुर और रठौंडा में ग्राम सभाओं को सम्बोधित करते हुए श्री नक़वी ने कहा कि राज्य सरकारों को केंद्र द्वारा दिए जा रहे पैसे के आना-पाई का खर्च ईमानदारी से होना चाहिए, जन प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, स्वयं सेवी संगठनों, राजनीतिक दलों को किसानों के हितों का “रक्षक और चौकीदार” बनना चाहिए, ग्राम प्रधानों की इस काम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार ने फसल बर्बादी पर मुआवजे की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि 30 प्रतिशत फसल भी प्रभावित होगी तो किसान को मुआवजा मिलेगा। श्री नक़वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य के किसानों और खेती की दशा सुधारने के लिए कोई काम नहीं किया जिसके चलते राज्य में किसानों की दुर्दशा हुई है, खेती जर्जर हालत में है। श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गर्त हजारों करोड़ रूपए आवंटित किये हैं।

ग्राम सभा सम्मेलन के दौरान श्री नक़वी ने लोगों को मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनसे सुझाव भी मांगे। श्री नक़वी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, किसान की समृद्धि बढ़ाना और पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना तथा संतुलित एवं समग्र ग्राम विकास की परिकल्पना को साकार करना है।

ग्राम सभा सम्मेलन में श्री नक़वी ने गांव, किसान के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जिनमे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, दिन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शामिल हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र सरकार देश की हर ग्राम सभा को विकास कार्यों के लिए 80 लाख रूपए प्रतिवर्ष देगी।

श्री नक़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार गांव, गरीब, किसान, युवाओं,महिलाओं, कमजोर तबकों, अल्पसंख्यकों सहित सभी जरूरतमंदों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण को समर्पित सरकार है। गांवों-किसानों की दशा सुधारे बिना देश का संपूर्ण विकास नहीं किया जा सकता। इसी संकल्प के साथ मोदी सरकार ने गांव-किसानों के सशक्तिकरण को समर्पित योजनाएं शुरू की हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य 5 साल में किसानों की आय दोगुनी करना है।इस साल का केंद्रीय बजट भी किसानों और गांवों को ही समर्पित है। गांव, गरीब और किसान के समुचित विकास और सशक्तिकरण को समर्पित ऐसा बजट पहली बार आया है। इस बजट से कृषि उन्नति एवं किसान कल्याण का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस बार कृषि और सिंचाई के बजट में भारी वृद्धि हुई है। कृषि और किसान कल्याण के लिए 35,984 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आबंटन बढ़ाकर 19,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है जो विगत वर्षों में जारी की गई राशि का लगभग दोगुना है। 1000 दिनों की समय सीमा के भीतर उन 18000 गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है, जो बिजली की सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2016-17 में मनरेगा के लिए 38,500 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया गया है।