Speeches



नई दिल्ली, 30 मार्च, 2016:नई दिल्ली में राज्य वक्फ बोर्डों के अध्यक्षों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

 

 केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि "भारत माता की जय" "फैशन" नहीं, हर हिन्दुस्तानी का "पैशन" (जज़्बा) होना चाहिए। राष्ट्रभक्ति जोर-जबरदस्ती नहीं, बल्कि जुनून-जज़्बे का हिस्सा होती है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्य वक्फ बोर्डों के अध्यक्षों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मलेन में श्री नक़वी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति हर धर्म का पहला कर्तव्य है। ना तो राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र, ना ही सेक्युलरिज़्म का सर्टिफिकेट बांटने की जरुरत है। राष्ट्रवाद हर सच्चे हिंदुस्तानी के डी.एन.ए में है, राष्ट्रवाद का जितना भी डी.एन.ए टेस्ट होगा उतना ही मजबूत हो कर उसका रिजल्ट निकलेगा। लेकिन यदि राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रवाद पर अगर बेबुनियाद बहस हो रही हो, कुछ लोग राष्ट्रवाद पर भी सवाल खड़े कर रहे हों तो यह चिंता का विषय है।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर तबके के संपूर्ण विकास के मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। मुस्लिम समाज का समावेशी विकास हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य के रास्ते में कोई भी नकारात्मक एजेंडा सफल नहीं हो पाएगा।

श्री नक़वी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और विकास इस दिशा में अहम है। राज्य वक्फ बोर्डों की संख्या 31 है और देश भर में 4,27,000 से ज्यादा पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियां हैं। इसके अलावा कई वक्फ सम्पत्तियां पंजीकृत नहीं हुई हैं। कई राज्यों के वक्फ बोर्ड पर वक्फ माफियाओं ने कब्ज़ा जमा लिया है जिसके चलते वक्फ संपत्तियों का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।

श्री नक़वी ने कहा कि नए वक्फ कानूनों के बावजूद भी कई राज्य बड़े पैमाने पर मौजूद वक्फ संपत्तियों का मुस्लिम समाज के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए इस्तेमाल नहीं कर पा रहें हैं, जिसके चलते बड़े पैमाने पर वक्फ सम्पत्तियां अभी भी वक्फ माफियाओं के चंगुल से बाहर नहीं निकल पाई हैं। इसके लिए हमें युद्ध स्तर पर अभियान चलाना होगा।

श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी वक्फ बोर्डों को निर्देश दे चुकी है कि सभी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होना चाहिए और पारदर्शी तरीके से उसके बारे में किसी को भी जानकारी हो सके इसकी व्यवस्था की जाए। कई राज्यों के वक्फ बोर्ड इस दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं पर कई राज्यों के वक्फ बोर्ड ऑन लाइन वक्फ संपत्ति पंजीकरण के मामलें में गंभीर नहीं दिख रहे हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि नए वक्फ एक्ट, 2013 में कई सुधार किये गए हैं, लेकिन इसमें और सुधार की जरुरत है। इस संबंध में हम राज्यों, आम लोगों, शैक्षणिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों से सुझाव लेकर वक्फ कानूनों में व्यापक सुधार के लिए कदम उठाएंगे।

श्री नक़वी ने कहा कि नए कानून के बाद केंद्रीय वक्फ परिषद के साथ-साथ राज्य वक्फ बोर्डों की भूमिका बढ़ गई है, मुझे उम्मीद है कि केंद्रीय वक्फ परिषद वक्फ की संपत्तियों को समाज की तरक्की के साथ जोड़ कर काम करेगी, जिससे सही तौर पर वक्फ की जायदादों की आमदनी का इस्तेमाल समाज के जरुरत मंद तबके के काम आ सके और वक्फ की संपत्तियों की सुरक्षा हो सके।