Speeches



नई दिल्ली, 20 मार्च, 2016: आज नई दिल्ली में पारसी समुदाय की प्रदर्शनी “Painted Encounters Parsi Traders and the Community & No Parsi is an Island” के उद्घाटन के अवसर पर मेरे भाषण के मुख्य अंश:

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि “राजनीतिक पूर्वाग्रह” से भुला दिए गए देश की विकास और विजय गाथा के महापुरुषों, योद्धाओं को नई पीढ़ी का आदर्श और प्रेरणा स्रोत बनाना होगा।

नई दिल्ली में राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में पारसी समुदाय से संबंधित प्रदर्शनी “Painted Encounters Parsi Traders and the Community & No Parsi is an Island” के उद्घाटन के अवसर पर श्री नक़वी ने कहा कि आजादी से पहले और बाद के इतिहास का 80 % हिस्सा एक परिवार का "गाथा ग्रन्थ" बन कर रह गया है। हमें समाज के उन महापुरुषों को नई पीढ़ी के सामने लाना होगा जिन्होंने भारत निर्माण के लिए जबर्दस्त काम किया है।

श्री नक़वी ने कहा कि हर समाज अपने महापुरषों से अपने आप को जोड़कर गर्व महसूस करता है, हिन्दू,मुसलमान, सिक्ख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, जैन समाज में तमाम ऐसे महापुरुष, योद्धा हुए हैं जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है और “भारत निर्माण के आर्किटेक्ट” रहे हैं। पारसी समाज के ऐसे ही इतिहास को हम लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि आने वाले दिनों में हम अल्पसंख्यक समाज के उस गौरवशाली, राष्ट्रवादी इतिहास को भी लोगों तक पहुंचाएंगे जिसने देश के लिए कुर्बानी भी दी है और भारत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्री नक़वी ने कहा कि पारसी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का भारत के विकास एवं निर्माण में महत्वपूर्ण और शानदार योगदान रहा है। पारसी समाज ने विभिन्न क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान देने वाली महान शख्सियतें दी है।

जमशेतजी टाटा का भारत को उद्योग क्षेत्र में अपने पैरों पर खड़ा करने में योगदान, दादाभाई नौरोजी और भीकाजी कामा द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की सेवा, होमी भाभा का भारत को एटॉमिक शक्ति बनाने में योगदान भारत के समृद्ध इतिहास का अभिन्न भाग है। फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के सैन्य योगदान का भी अपना महत्व है।

श्री नक़वी ने कहा कि यह प्रदर्शनी पारसी समुदाय की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति, सामाजिक परिवेश और उनकी विरासत को प्रस्तुत करने के साथ-साथ आम लोगों को पारसी समुदाय की परंपराओं से अवगत भी कराएगी। इस प्रदर्शनी से पारसी समुदाय के जाने-माने कलाकारों की फिल्म, कविता, थिएटर, क्लासिकल डांस, क्राफ्ट, लिटरेचर में योगदान की जानकारी आम लोगों को मिलेगी।

श्री नक़वी ने कहा कि भारत में पारसी समुदाय भले ही जनसँख्या के लिहाज से छोटा अल्पसंख्यक समुदाय हो लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि पारसी समाज सबसे उदारवादी, शिक्षित, विकासवादी और आधुनिक समाज में से एक है।

श्री नक़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए जमीनी स्तर पर कई कदम उठाये हैं। "उस्ताद", "हमारी धरोहर", “नई मंजिल", "नई रौशनी", "जियो पारसी", "प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्रीय कार्यक्रम”, "मिशन सशक्तिकरण", "सीखो और कमाओं" जैसी योजनाएं अल्पसंख्यकों को सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि यह सभी योजनाएं सिर्फ सरकारी योजनाएं नहीं हैं बल्कि अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक विकास की गारंटी हैं। इन योजनाओं के कारण ही अल्पसंख्यक समाज भी आज अन्य सभी वर्गों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

यह प्रदर्शनी अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजना "हमारी धरोहर" के अंतर्गत "दी एवरलास्टिंग फ्लेम इंटरनेशनल प्रोग्राम" के तहत आयोजित की जा रही है।

श्री नक़वी ने कहा कि इसी प्रकार के अन्य कार्यक्रमों की भी रचना की जा रही है जिससे अल्पसंख्यक समाज की शानदार विरासत को लोगों से रूबरू कराया जा सके और नई पीढ़ी भारत की इस सांझी संस्कृति और संस्कार को समझ सकें और उससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में हिस्सेदार-भागीदार बन सकें।