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तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी, 2016: केरल के पहले "मॉलिक्यूलर ह्यूमन जेनेटिक्स लेबोरेटरी एवं सेंटर फॉर एडवांस्ड बायोटेक्नोलॉजी- क्लीनिकल एप्लीकेशन (स्टार्टअप- इनक्यूबेटर)" के शिलान्यास और एशिया के पहले "ग्रीन कार्डियक कैथेटेराईजेशन लेबोरेटरी" के उद्धघाटन के अवसर पर मेरे भाषण की प्रेस विज्ञप्ति:

केरल के पहले "मॉलिक्यूलर ह्यूमन जेनेटिक्स लेबोरेटरी एवं सेंटर फॉर एडवांस्ड बायोटेक्नोलॉजी- क्लीनिकल एप्लीकेशन (स्टार्टअप- इनक्यूबेटर)" के शिलान्यास और एशिया के पहले "ग्रीन कार्डियक कैथेटेराईजेशन लेबोरेटरी" के उद्धघाटन के अवसर पर मेरे भाषण की प्रेस विज्ञप्ति:

तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी, 2016: केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि देश एवं देशवासियों का स्वास्थ्य हमारे लिए बराबर की प्राथमिकता है, “हर भारतीय स्वस्थ हो और भारत समृद्ध हो” इसी संकल्प के साथ हम सबको काम करना होगा।

तिरुवनंतपुरम के नुरुल इस्लाम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (NIMS) एवं रिसर्च फाउंडेशन में केरल के पहले "मॉलिक्यूलर ह्यूमन जेनेटिक्स लेबोरेटरी एवं सेंटर फॉर एडवांस्ड बायोटेक्नोलॉजी- क्लीनिकल एप्लीकेशन (स्टार्टअप- इनक्यूबेटर)" के शिलान्यास और एशिया के पहले "ग्रीन कार्डियक कैथेटेराईजेशन लेबोरेटरी" के उद्धघाटन के अवसर पर श्री नक़वी ने कहा कि हमें अपने देश को गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, असमानता, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद, कुपोषण सभी तरह की बीमारियों से मुक्त करना है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ “राष्ट्रीय स्वास्थ्य” जरुरी है। अगर राष्ट्र अस्वस्थ रहा तो हम स्वस्थ नहीं रह सकते।

श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्र के स्वास्थ्य और देशवासियों के स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी अभियान शुरू किया है। "राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन", "मेक इन इंडिया", "स्टार्टअप इंडिया", "किसान बीमा योजना", "मुद्रा बैंक", "जन धन योजना", " प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना" जैसे कार्यक्रम देशवासियों के आर्थिक और सामाजिक स्वास्थ्य की प्रभावशाली दवा हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि "अच्छी सेहत ही सफलता की कुंजी है"। "स्वस्थ और समृद्ध" भारत मोदी सरकार की प्राथमिकता है, इसी मकसद के तहत केंद्र सरकार बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं को देश के दूर-दराज के क्षेत्रों और गरीबों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। इस दिशा में निजी क्षेत्र का योगदान अहम है।

श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और अन्य सरकारी अस्पतालों की हालत सुधारना, उनका ढांचागत विकास कर वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा के अंतर को दूर करना ताकि ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा हासिल करने के लिए अपने घर से दूर शहर तक ना आना पड़े।

एमबीबीएस डॉक्टरों की अनिवार्य ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा इस दिशा में कारगर कदम साबित हुआ है। लेकिन इस दिशा में किसी कानून से ज्यादा प्रभावशाली स्थिति तब होगी जब प्रत्येक डॉक्टर एक निश्चित अवधि के लिए ग्रामीण सेवा को अपना मिशन बनाये। ऐसा करने से डॉक्टरों को पैसा शायद अधिक ना मिले लेकिन गरीबों, उपेक्षितों की सेवा करने का सौभाग्य जरूर मिलेगा।

श्री नक़वी ने कहा कि "मिशन इन्द्रधनुष" केंद्र सरकार के प्रयासों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार "मिशन इंद्रधनुष" के पहले चरण में 1.89 करोड़ टीके बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लगाए गए। 75 लाख से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए और लगभग 20 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण के दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को 70लाख टीके लगाए गए। 27 लाख से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए और लगभग 8 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसयू) के तहत तीन नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना को मंजूरी दी है। ये संस्थान महाराष्ट्र के नागपुर, आंध्र प्रदेश के मंगलागिरी और पश्चिम बंगाल के कल्याणी में स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त देश में अन्य जगहों पर भी संपूर्ण सुविधा से युक्त अस्पतालों का जाल बिछाने की योजना है।

श्री नक़वी ने कहा कि इसके अलावा कुपोषण को दूर करना, शिशु मृत्यु दर को घटाना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य के संबंध में जागरूकता फ़ैलाने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही ताकि लोगों को विभिन्न प्रकार के रोगों से सतर्क किया जा सके।

श्री नक़वी ने कहा कि हमें स्वास्थ्य सेवाओं को सामाजिक आंदोलन की तरह बढ़ावा देना होगा, खासकर दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़े और गरीब बस्तियों और लोगों तक सस्ता, सुलभ ईलाज मिल सके, मोदी सरकार इसके लिए अभियान चला रही है।