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नई दिल्ली, 18 जनवरी 2016 नई दिल्ली के फिक्की ऑडिटोरियम में चैम्बर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के वार्षिक दिवस कार्यक्रम एवं “एमएसएमई बैंकिंग एक्सीलेंस अवार्ड्स-2015” के अवसर पर मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

नई दिल्ली, 18 जनवरी 2016: केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि देश के गरीबों, कमजोर तबकों और युवाओं के विकास के प्रति कांग्रेस की "नकारात्मक और अवरोधात्मक सोच सबसे बड़ी असहिष्णुता है"।

चैंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के वार्षिक दिवस एवं “एमएसएमई बैंकिंग एक्सीलेंस अवार्ड्स-2015” के अवसर पर अपने सम्बोधन में श्री नक़वी ने कहा कि कांग्रेस देश की प्रगति पर पलीता लगाने को अपना“जन्मसिद्ध अधिकार” मानकर, सामंती मानसिकता और नकारात्मक राजनीति के माध्यम से देश के गरीबों, कमजोर तबकोंऔर युवाओं के तरक्की से जुड़े महत्वपूर्ण बिलों को संसद में रोक कर देश की समृद्धि के प्रति असहिष्णुता का जीता-जागता प्रमाण दे रही है।

श्री नक़वी ने कहा कि एक तरफ देश "स्टार्ट अप क्रांति” की तरफ बढ़ रहा है, वहीँ कुछ लोग और कांग्रेस जैसी पार्टी देश के विकास में बाधा की मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे ही दल संसद में देश के विकास और रिफार्म से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों को रोक कर "गरीबों और देश के विकास में रोड़ा बन गए हैं।" यदि ऐसे दलों ने अपनी “नकारात्मक सियासत” त्याग कर सकारात्मक सोच नहीं अपनाई तो देश उन्हें इस पाप की बड़ी सजा देगा।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार का हमेशा से यह मानना रहा है कि देश का विकास और गांव, गरीब, कमजोर तबकों का कल्याण राजनीति से ऊपर होना चाहिए। कांग्रेस और उसके कुछ साथी विपक्षी दलों को यह समझना चाहिए कि जीएसटी तथा इसी तरह के अन्य विधेयक किसी पार्टी या सरकार के बिल नहीं हैं बल्कि देश की आर्थिक तरक्की से जुड़े विधेयक हैं जो भारत को तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का रास्ता आसान करेंगे।

श्री नक़वी ने कहा कि "मेक इन इंडिया", "स्किल इंडिया", "स्टैंड अप इंडिया", "स्टार्ट अप इंडिया", "प्रधानमंत्री मुद्रा योजना" जैसे कदम देश के युवाओं की आत्मनिर्भरता और रोजगार की क्रांति साबित होंगे। ये कार्यक्रम देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम वर्ग के उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएंगे।

"स्टार्ट अप इंडिया" न केवल लाइसेंस राज को खत्म करेगा बल्कि उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा। सरकार "स्टार्ट अप इंडिया" के लिए फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएगी। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच "स्टार्ट अप" आर्थिक तरक्की का वैकल्पिक इंजन साबित होंगे। "स्टार्ट अप इंडिया" युवाओं को रोजगार मांगने वालों से रोजगार देने वाला बनाएगा। भारत दुनिया की उद्यमिता लहर का बड़ा- प्रभावशाली हिस्सेदार बनेगा।

श्री नक़वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार "आर्थिक सुधारों की सरकार" है। हमारी सरकार के ईमानदार, पारदर्शी,सुशासन से भरपूर, गरीबों के कल्याण से प्रेरित कार्यों से भारत की अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर आई है। हमारा जोर देश भर में बुनियादी ढाँचे का विकास करने पर है। एनडीए सरकार द्वारा सड़क निर्माण, रेलवे विकास, विद्युत योजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में 2015-2016 में 1,28,168 करोड़ रूपए खर्च किये गए जो पिछले वर्ष की तुलना 29.3 प्रतिशत अधिक है।

श्री नक़वी ने कहा कि देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम वर्ग के उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी साख को विश्व स्तर पर स्थापित करना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का लक्ष्य है। भारत की युवा शक्ति को रोजगार हेतु प्रशिक्षित और हुनरमंद बना कर देश को विश्व का सबसे बड़ा कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने वाला देश बनाया जा सकता है। इस लक्ष्य को पूरा करने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम वर्ग के उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

श्री नक़वी ने कहा कि "प्रधानमंत्री मुद्रा योजना" के तहत 66,00,241 छोटे उद्यमियों में 42,520.08 करोड़ रूपए बांटे गए। इनमे नए उद्यमियों की संख्या 32,86,094; महिला उद्यमियों की संख्या 23,50,542; अनुसूचित जाती/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के 22,01,944 उद्यमी शामिल थे। “प्रधानमंत्री मुद्रा योजना” का मकसद है "Enterprise, Earning, Empowerment”, मुद्रा योजना का लक्ष्य है – "जिसके पास धन नहीं है, उसे धन उपलब्ध कराना"।

श्री नक़वी ने कहा कि आज भारत में विकास और विश्वास की क्रांति चल रही है, समाज का आखिरी आदमी प्रगति की क्रांति का हिस्सेदार-भागीदार बने इस लक्ष्य के साथ सरल और समावेशी नीतियों-कार्यक्रमों के तहत हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारी कोशिश है "कानून लोगों की प्रगति में बाधा नहीं सुविधा बनें।“