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पालघर (महाराष्ट्र), 8 जनवरी, 2016, महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा में मेरे दौरे की प्रेस विज्ञप्ति:

 

महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा में मेरे दौरे की प्रेस विज्ञप्ति:

पालघर (महाराष्ट्र), 8 जनवरी, 2016: केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, समृद्धि और शान्ति हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इन मुद्दों पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा में अपने दौरे के दूसरे दिन विक्रमगढ़ में लोगों को सम्बोधित करते हुए श्री नक़वी ने कहा कि यदि कोई भी शैतानी ताकत भारत की सुरक्षा, समृद्धि, सम्मान और स्वाभिमान को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश करेगी तो उसे ध्वस्त करने मं् हमारा देश पूरी तरह से सक्षम है।

श्री नक़वी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई है जिससे आतंकवादी और उनके आका हताश-निराश हो गए हैं। एनडीए सरकार भारत की तरफ आँख उठाने वालों को करारा जवाब देगी। भारत के खिलाफ किसी भी आतंकी गतिविधि को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्री नक़वी ने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद मानवता के सबसे बड़े दुश्मन हैं और आतंकवाद तथा कट्टरवाद की इस समस्या को ख़त्म करने के प्रयास में संपूर्ण विश्व को एकजुट होना होगा। विश्व शान्ति और स्थिरता के लिए खतरा बन चुके आतंकवाद और कट्टरवाद से लड़ने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास की जरुरत है।

अपने 7 और 8 जनवरी के दो दिन के कार्यक्रम के दौरान श्री नक़वी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनता से सीधे संवाद की पहल के अन्तगर्त पालघर लोकसभा क्षेत्र में विभिन्न जनसभाएं और जन-पंचायते कर लोगों को केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, उनकी समस्याएं सुनी। मनोर, तलासरी, बोईसर, विक्रमगढ़ और ढेकाले क्षेत्रों का दौरा किया और इस दौरान किसानों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, युवाओं, महिलाओं, उद्योगपतियों से भेंट कर आगामी आम बजट के लिए सुझाव भी मांगे।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार का देश के गरीबों-किसानों-युवाओं के सशक्तिकरण का जुनून "जमीन की हकीकत" बन रहा है। केंद्र की सरकार गांव, किसान, गरीब, कमजोर तबके,युवाओं और महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए “पुख्ता-प्रभावशाली-पारदर्शी” परियोजनाओं को लोगों तक पहुंचा रही है। इनमें "जन धन योजना", "अटल पेंशन योजना", जीवन बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं, "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ", "सुकन्या योजना", "डिजिटल इंडिया", "स्किल इंडिया", "मेक इन इंडिया", "स्वच्छ भारत अभियान", "प्रधानमंत्री मुद्रा योजना", “सांसद आदर्श ग्राम योजना” शामिल हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए "नई मंज़िल", "नई रौशनी", "उस्ताद", "सीखो और कमाओ", "पढ़ो परदेस", "प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्रीय कार्यक्रम" जैसी योजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों को अरबों रूपए जारी किए हैं। यह धन "जन विकास कार्यक्रम"- बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) और अन्य कार्यक्रमों के तहत सामाजिक-आर्थिक अवसंरचना, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेयजल सुविधा, शौचालय निर्माण, कौशल विकास, आदि के लिए जारी किया गया है।

श्री नक़वी ने बताया कि आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के चौमुखी विकास हेतु सरकार विशेष प्रयास शुरू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं सिर्फ योजनाएं नहीं हैं बल्कि भाजपा सरकार का "सबका विकास" के लिए दृढ और ईमानदार संकल्प हैं।