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नई दिल्ली, 31 दिसंबर, 2015  की प्रेस विज्ञप्ति:

 

नई दिल्ली, 31 दिसंबर, 2015: केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि अल्पसंख्यकों के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण को अमली जामा पहनाने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों को अरबों रूपए जारी किए हैं।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए श्री नक़वी ने कहा कि यह धन "जन विकास कार्यक्रम"- बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) और अन्य कार्यक्रमों के तहत मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया है।

श्री नक़वी ने बताया कि एमएसडीपी के अन्तगर्त पश्चिम बंगाल को 565 करोड़, असम को 170 करोड़, उत्तर प्रदेश को 303 करोड़ रूपए अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा जारी  किये गए हैं। इसी प्रकार देश के अन्य राज्यों को भी अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए करोड़ों रूपए भेजे गए हैं।

श्री नक़वी ने बताया कि 2014-15 में लगभग 85 लाख छात्रों को 2011 करोड़ रूपए की छात्रवृति दी गई। इसी तरह NMDFC ऋण के तहत 2014-15 में 1.08 लाख  लाभार्थियों में 431 करोड़ की राशि जारी की गई है।

श्री नक़वी ने कहा कि "जन विकास कार्यक्रम"- बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) का लक्ष्य अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक अवसंरचना सृजित करना और मूलभूत सुविधाएँ प्रदान कर विकास की कमियों का समाधान करना है। इसमें स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेयजल सुविधा, शौचालय निर्माण,  कौशल विकास, आदि के लिए सुविधा निर्माण शामिल हैं। 

श्री नक़वी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक  सशक्तिकरण की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए हमने पारदर्शी तरीके से सभी योजनाओं की लोगों तक जानकारी देने हेतु "युद्ध स्तर" पर अभियान चलाने का फैसला किया है।

श्री नक़वी ने बताया कि विकास कार्यों की निगरानी एवं सहयोग हेतु अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा जिला एवं राज्य स्तर की "मॉनिटरिंग कमिटी" का गठन किया गया है, जिसमे संसद सदस्यों, विधान सभाओं के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि पिछले साल सत्ता में आने का बाद से ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार गरीब, कमजोर, उपेक्षित, अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है जिसके चलते एनडीए की सरकार को लेकर समाज के इन वर्गों में एक विश्वास का माहौल तैयार हुआ है।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सत्ता के गलियारों से "सत्ता के दलालों" और "पावर ब्रोकर्स" के खात्मे का नतीजा है कि आज केंद्र सरकार द्वारा अल्संख्यक समुदाय सहित सभी गरीब वर्गों के लिए भेजे जाने वाले धन का एक-एक पैसा इन तबकों के कल्याण पर खर्च हो रहा है।

श्री नक़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अल्पसंख्यक मंत्रालय ने देश के अल्पसंख्यकों के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण और संपूर्ण विकास के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं, कई योजनाएं शुरू की जिनका जमीनी स्तर पर परिणाम दिखने शुरू भी हो गए हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि “उस्ताद”, “हमारी धरोहर”, “नई मंजिल”, “पढ़ो परदेस”, “सीखो और कमाओ”, “नई रौशनी”, “प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्री कार्यक्रम”, “जियो पारसी” जैसी योजनाएं सिर्फ योजनाएं नहीं हैं बल्कि भाजपा सरकार का “अल्पसंख्यकों के विकास के लिए दृढ और ईमानदार संकल्प है”।

श्री नक़वी ने कहा कि उनके द्वारा शुरू किया गया "मिशन सशक्तिकरण" अल्पसंख्यकों के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस मिशन के अन्तगर्त उन्होंने 19 राज्यों का दौरा किया जिनमे केरल, हरयाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड    महाराष्ट्र,  मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान शामिल हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि "मिशन सशक्तिकरण" के तहत देश के विभिन्न राज्यों के दौरों के बाद अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों की जरुरत के मुताबिक केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों को उन क्षेत्रों में विकास कार्यों हेतु पर्याप्त धन मुहैया करा रही है। इन दौरों से अल्पसंख्यकों की समस्याओं उनकी जरूरतों की जमीनी हकीकत जानने में मदद मिली है।

  श्री नक़वी ने कहा कि ये सभी योजनाएं सत्ता के दलालों से मुक्त- बिचौलियों से मुक्त पारदर्शिता-विकास युक्त कार्यक्रमों के माध्यम से आखिरी व्यक्ति तक विकास की रौशनी पहुँचाने का मजबूत कदम हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी जरूरतमंदों तक विकास की रौशनी पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठायें हैं। "सबका साथ सबका विकास" हमारी सरकार का मूल मन्त्र है। इन्ही क़दमों की वजह से आज अल्पसंख्यक  समाज भी अन्य सभी वर्गों के साथ विकास के मार्ग पर कंधे से कन्धा मिला कर आगे बढ़ रहा है।

श्री नक़वी ने कहा कि कुछ तथाकथित "सेकुलरिज्म के सूरमाओं" ने देश में एक भय का माहौल बनाने की कोशिश की है ताकि गांव, गरीब, महिलाओं, युवाओं के हितो को समर्पित मोदी सरकार को बदनाम किया जा सके, उसके विकास के एजेंडे को बाधित किया जा सके। देश की जनता ने इस "नकारात्मक अभियान" को नकार दिया है। हमारी सरकार यह भरोसा दिलाती है कि किसी भी "नकारात्मक एजेंडे" को सुशासन-विकास के एजेंडे पर हावी नहीं होने दिया जायेगा।

श्री नक़वी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के सुरक्षा, समृद्धि, सम्मान के मजबूत संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।