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लुक्सर में इस्लाम धर्म और कट्टरपंथ की समस्या पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मेरी प्रेस विज्ञप्ति 14 नवम्बर, 2015 :

लुक्सर (मिस्र), 14 नवम्बर, 2015: भारत सरकार के संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने मिस्र के लुक्सर में आज कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद मानवता और इस्लाम धर्म के सबसे बड़े दुश्मन हैं और आतंकवाद तथा कट्टरवाद की इस समस्या को ख़त्म करने के प्रयास में संपूर्ण विश्व, इस्लाम जगत, धर्म गुरुओं और विद्वानों को एकजुट होना होगा।

मिस्र के लुक्सर में "25th International Conference of the Supreme Council for Islamic Affairs on: “The vision of Imams and advocates on religious discourse reform and tackling radicalism” में लगभग 42 देशों से आये इमाम, धर्म गुरुओं, बुद्धिजीवियों, मंत्रियों तथा अन्य प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए श्री नक़वी ने कहा कि विश्व शान्ति और स्थिरता के लिए खतरा बन चुके आतंकवाद और कट्टरवाद से लड़ने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास की जरुरत है।

श्री नक़वी ने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद अब किसी एक देश या क्षेत्र की समस्या नहीं रह गया है। आतंकवाद और कट्टरवाद के शैतान ने विश्व भर में अपने पैर पसार लिए हैं। समस्त विश्व को इस गंभीर चुनौती का मुकाबला करने के लिए एकजुट होना होगा।

श्री नक़वी ने कहा कि इस्लाम धर्म और पैगम्बर मोहम्मद का सन्देश बिलकुल स्पष्ट है कि आतंकवाद सभी प्रकार की हत्याओं से बड़ा अपराध है। पवित्र कुरान के अनुसार किसी की हत्या संपूर्ण मानवता की हत्या के समान है और किसी के जीवन की रक्षा संपूर्ण मानवता की रक्षा के बराबर है। पैगम्बर मोहम्मद ने सिखाया है कि हत्या करने वाले को कभी जन्नत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा है कि इंसाफ केवल इंसानों के प्रति ही नहीं बल्कि समस्त जीव-जंतुओं के प्रति होना चाहिए। यहाँ तक कि इस्लाम में हरे पेड़ को काटने की भी मनाही है। मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान किया जाना चाहिए और इसका उलंघन सबसे बड़ा अपराध माना गया है।

श्री नक़वी ने कहा कि हमें यह याद रखना चाहिए कि सातवी शताब्दी में इस्लाम आधुनिकता में सबसे आगे था और यह सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता, लैंगिक समानता और जनतांत्रिक राजनीति पर आधारित था। इस्लाम धर्म ने तो कई शताब्दियों तक विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में शान्ति और स्थिरता स्थापित की।

श्री नक़वी ने कहा कि यह सिद्धांत अभी भी बचे हुए हैं। इन्हे और मजबूत और प्रभावशाली बनाने की जरुरत है जिससे अपने स्वार्थ के लिए धर्म का दुरूपयोग करने वाले तत्वों को पराजित और अलग थलग किया जा सके।

श्री नक़वी ने कहा कि कुछ भ्रमित और स्वार्थी तत्वों की गतिविधियों के चलते इस्लाम के दया, एकता, शान्ति, भाईचारे के सन्देश को नुक्सान पहुँच रहा है। धर्म की आड़ में आतंकवाद का शैतानी खेल खेलने वालों का मुकाबला समाज, धर्म गुरुओं, सरकारी एजेंसियों और मीडिया के समन्वय-संवाद से किया जा सकता है।

श्री नक़वी ने कहा कि मजबूत सांस्कृतिक एकता, जिवंत और सुदृढ़ प्रजातंत्र के कारण भारत में आतंकवाद अपनी जड़ें नहीं जमा पाया है।

श्री नक़वी ने कहा कि दुनिया का हर धर्म दया, एकता, शान्ति और भाईचारे की शिक्षा देता है। धर्म का प्रयोग समाज के हर वर्ग की भलाई और तरक्की के लिए किया जाना चाहिए।श्री नक़वी ने भरोसा जताया कि इस सम्मेलन से इस्लाम धर्म के बारे में गलतफहमियों को दूर करने और पूरे विश्व में इस्लाम के शांति और भाईचारे के सन्देश को फ़ैलाने में मदद मिलेगी।