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नई दिल्ली, 22 फरवरी, 2020: आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भारतीय छात्र संसद के 10वे वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में मेरे सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि हिंदुस्तान सेक्युलर-डेमोक्रेटिक देश, बहुसंख्यकों के संस्कार-सोंच के संकल्प का नतीजा है और "अनेकता में एकता" के मजबूत ताने-बाने का प्रमाण है।

आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भारतीय छात्र संसद के 10वे वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि कुछ लोग "गुमराही के गीत" और "भ्रम के संगीत" के जरिये देश के सौहार्द, सेक्युलरिज्म और संविधान के ताने-बाने का अपहरण कर अपनी सनकी "सियासत की सेज" सजाने की साजिश में लगे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि हमारा संवैधानिक संघीय ढांचा सामाजिक सौहार्द और "अनेकता में एकता" की गारंटी है।

श्री नकवी ने कहा कि हमारे संविधान में जहाँ संविधान संसद, विधानमंडल के "पावर और प्रिविलेज" को आर्टिकल 105 में स्पष्ट करते हैं वहीँ उससे पहले आर्टिकल 51 A मूल कर्तव्यों की भी जिम्मेदारी देता है। भारतीय संविधान ने मूल कर्तव्यों के प्रति भी जिम्मेदारी तय की है।

श्री नकवी ने कहा कि जिस तरह से मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में हम जागरूक रहते हैं उसी तरह से मूल कर्तव्यों के प्रति भी हमें जिम्मेदारी समझनी होगी। नागरिकों के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्यों के निर्वहन पर आधारित हैं, क्योंकि अधिकार और कर्तव्य दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते। नागरिकों द्वारा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

श्री नकवी ने कहा कि जीवन, स्वतंत्रता, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित मौलिक अधिकारों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, नागरिकों जिनमे चुने प्रतिनिधि शामिल हैं, द्वारा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को गंभीरता से लेने की जरुरत है। कर्तव्यों और जिम्मेदारियों दोनों से पात्रता आती है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्य का पालन करता है, तो अधिकारों का उपयोग करने के लिए उचित माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को कर्त्तव्य के प्रति ईमानदारी की नजीर बनना चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि भारत न केवल सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में उभरा है, बल्कि जीवंत, समावेशी संस्कृति, संसदीय प्रणाली के रूप में फला-फूला और मजबूत हुआ है, जिसमें संविधान, “प्रत्येक समाज के अधिकारों के रक्षा की गारंटी का ग्रन्थ है।“

श्री नकवी ने कहा कि नागरिकों के अधिकार और मूल कर्त्तव्य समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। नागरिक अधिकार और दायित्व, एक ही सिक्के के दो पहलु है और दोनों ही साथ-साथ चलते हैं। यदि हम अधिकार रखते हैं, तो हम उन अधिकारों से जुड़ें हुए कुछ दायित्व भी रखते हैं। जहाँ भी हम रह रहें हैं, चाहे वह घर, समाज, गाँव, राज्य या देश ही क्यों न हो, वहाँ अधिकार और दायित्व हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं। अधिकारों को कर्त्तव्य की सूली पर चढ़ा कर हासिल नहीं किया जा सकता।

श्री नकवी ने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" केंद्र की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार का राष्ट्रधर्म है। मोदी सरकार की हर एक योजना का केंद्र बिंदु गांव, गरिब, किसान, नौजवान, महिलाएं और कमजोर तबका हैं। हमारी सरकार का संकल्प है हर जरूरतमंद की आँखों में खुशी, जिंदगी में खुशहाली सुनिश्चित करना। और मोदी सरकार ने इसी संकल्प के साथ पूरी मजबूती और पूरी ईमानदारी से काम किया है।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में गरीबों के लिए 2 करोड़ पक्के आवास का निर्माण किया गया है; देश के हर गांव में बिजली पहुंचाई गई है; फसल बीमा योजना का लाभ 6 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है; 22 करोड़ 30 लाख साइल हेल्थ कार्ड वितरित किये गए हैं; 8 करोड़ गरीब बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क घरेलु गैस कनेक्शन दिया गया है; देश भर में 10 करोड़ 90 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है; 30 हजार स्टार्ट-अप्स को मान्यता दी गई है; 23 करोड़ 45 लाख लोगों को मुद्रा योजना के तहत आर्थिक गतिविधियों के लिए आसान ऋण मुहैय्या कराये गए हैं; जन धन योजना के तहत 38 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके अलावा "हुनर हाट" जैसी रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक वर्ग के 8 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं।

श्री नकवी ने कहा कि हाल ही की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी रेखा के नीचे लोगों की संख्या जो 2011 में 27 करोड़ थी वो 2017 में घट कर लगभग 8 करोड़ 40 लाख हो गई है। मोदी सरकार के सुधारवादी-समावेशी सशक्तिकरण के मजबूत प्रयासों का परिणाम तेजी से देश के सामने आ रहा है।

भारतीय छात्र संसद के इस 4 दिवसीय 10वे वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर के 450 विश्वविद्यालयों के लगभग 10 हजार छात्र शामिल हुए हैं।