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शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कुलपतियों और अन्य प्रबुद्ध नागरिकों से भेंट की प्रेस विज्ञप्ति नई दिल्ली, 04 नवम्बर,  2015

नई दिल्ली, 04 नवम्बर,  2015:  केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आज यहाँ कहा कि “सहिष्णुता के संकट के नाम पर अल्पसंख्यकों के सियासी शोषण और देश को बदनाम करने की साजिशों को सफल नहीं  होने दिया जायेगा।“

श्री नक़वी ने बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, साहित्यकारों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अन्य प्रबुद्ध नागरिकों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण को “स्वार्थी सियासत की सूली पर नहीं चढ़ने दिया जायेगा।“ अल्पसंख्यकों का विकास केंद्र की भाजपा सरकार के लिए कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं बल्कि एक नैतिक संकल्प है।

श्री नक़वी ने कहा कि कुछ "सामंती मानसिकता" वाली ताकतें देश में सौहार्द और विकास-विश्वास के माहौल को बिगाड़ना चाहती हैं लेकिन विकास के रास्ते में किसी भी प्रकार के अवरोध को सफल नहीं होने दिया जायेगा।

श्री नक़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के सभी तबकों के समावेशी विकास के लिए उठाये गए कदमों से कुछ लोग परेशान हो गए हैं, विकास का माहौल इन लोगों को हजम नहीं हो पा रहा है जिसके चलते ये लोग तरह-तरह के आधारहीन मुद्दों को लेकर देश में शांति, विकास, सौहार्द के माहौल को ख़राब करने की साजिश में लगे हुए हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि कांग्रेस तथा उसके सहयोगी "सहिष्णुता-असहिष्णुता" के मुद्दे पर देश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन ऐसे "सामंती मानसिकता" के लोग अपने नकारात्मक मकसद में कभी कामयाब नहीं हो पाएंगे।

श्री नक़वी ने कहा कि पिछले कई दशकों से कथित सेक्युअलर पार्टियों द्वारा "राजनैतिक शोषण" का शिकार रहे मुसलमानों सहित सभी अल्पसंख्यकों को केंद्र की मोदी सरकार में एक नई रौशनी नजर आई है। अल्पसंख्यको को विश्वास हो गया है कि सिर्फ मोदी सरकार ही उनके संपूर्ण विकास के लिए पूरी ईमानदारी और दृढ संकल्प के साथ काम कर रही है। इस विकास और विश्वास के माहौल को ख़राब करने की साजिशें चल रही हैं।

श्री नक़वी ने कहा कि मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए जो कदम उठाये, उनका लाभ दिखना शुरू भी हो गया है। अल्पसंख्यकों तक विकास का लाभ सीधे पहुंचे यह हमारा संकल्प है, देश में आज ''इक़बाल और इंसाफ'' की सरकार है जो सदियों से तरक्की से कोसों दूर रहे समाज के कमजोर तबकों, गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, दलितों और मध्यम वर्ग की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए मजबूत विकासवादी इक्छाशक्ति के साथ काम कर रही है। इस लक्ष्य और संकल्प के रास्ते में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

श्री नक़वी ने कहा कि अल्संख्यकों की सुरक्षा, सम्मान, पहचान केंद्र की मोदी सरकार के लिए “सियासी शगूफा” नहीं, अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण का संकल्प है। इस संकल्प को सफल करना हमारा लक्ष्य है।

आज की बैठक में प्रोफ. मेहराजुद्दीन, कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय, कश्मीर, प्रोफ. अशोक आइमा, कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू, प्रोफ असलम परवेज़, कुलपति मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, डॉ सय्यद अली करीम, डायरेक्टर NCPUL, प्रोफ. तलत अहमद, कुलपति जामिया मिलिया इस्लामिया और डॉ हमीदुल्लाह बट मौजूद थे।