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मुंबई, 28 दिसंबर, 2019: आज मुंबई में नागरिकता बिल, एनआरसी पर भाजपा के देशव्यापी जन जागरण अभियान के तहत भाजपा कार्यालय में बैठक एवं पत्रकार वार्ता के दौरान मेरे सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि भारत में मुसलमान "मज़बूरी" में नहीं बल्कि "मजबूती" से रह रहा है। उसके नागरिक, सामाजिक, धार्मिक, संवैधानिक अधिकार पूरी तरह "महफूज और मजबूत" हैं।

आज मुंबई में नागरिकता बिल, एनआरसी पर भाजपा के देशव्यापी जन जागरण अभियान के तहत भाजपा कार्यालय में बैठक एवं पत्रकार वार्ता के दौरान श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता बिल, एनआरसी पर "बकवास ब्रिगेड का बोगस बैशिंग बाजार" बंद होगा और सत्य की जीत होगी।

श्री नकवी ने कहा कि कुछ राजनैतिक दल और उनके सहयोगी नागरिकता बिल, एनआरसी और अब एनपीआर पर "हॉरर हंगामा" और "पोलिटिकल ड्रामा" कर रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता बिल या किसी भी अन्य कानून से भारत के किसी भी मुसलमान की नागरिकता और अधिकारों पर कोई सवालिया निशान या ख़तरा नहीं है। मुस्लिम समाज के नागरिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, संवैधानिक अधिकार पूरी तरह "महफूज और मजबूत" हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार "समावेशी सशक्तिकरण, सर्वस्पर्शी समृद्धि" को समर्पित रही है, बिना भेदभाव, बिना धर्म-जाति देखे हर जरूरतमंद की आँखों में खुशी, जिंदगी में खुशहाली के संकल्प के साथ लगातार काम कर रही है।

श्री नकवी ने कहा कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, एनआरसी और अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने के निर्णय को लेकर समाज के एक वर्ग में “भय और भ्रम का भूत” खड़ा किया जा रहा है। "झूठ के झाड़ से सच के पहाड़" को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता बिल, एनआरसी पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट सन्देश दिया है कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट “किसी की नागरिकता लेने के लिए नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए है” और एनआरसी की 1951 से चल रही प्रक्रिया असम के अलावा कहीं और नहीं है, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी कानून से किसी भी भारतीय मुसलमान की नागरिकता को न खतरा है, न होगा।

श्री नकवी ने कहा कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट कानून- पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान- में धार्मिक भेदभाव एवं उत्पीड़न से प्रताड़ित-पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है। वह भी यदि वो लोग चाहेंगे तब। जहाँ तक सवाल है विदेश में रह रहे मुस्लिम समाज के लोगों को नागरिकता देने का तो यह प्रावधान इंडियन सिटीजनशिप एक्ट 1955 में आज भी मौजूद है।

श्री नकवी ने कहा कि जहाँ पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अपमान और नरसंहार के शिकार हैं, वहीँ भारत में अल्पसंख्यक प्रगति के बराबर के हिस्सेदार-भागीदार रहे हैं। अल्पसंख्यकों के आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मोदी सरकार की योजनाएं सबसे ज्यादा प्रभावी रही हैं।

श्री नकवी ने कहा कि "पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए नर्क और हिंदुस्तान स्वर्ग साबित हुआ है।" यही सच्चाई कुछ विघटनकारी ताकतों के आँख की किरकिरी बनी हुई है और वे भारत की "अनेकता में एकता" की ताकत को कमजोर करने की साजिशों का ताना-बाना बुन रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि हमें समझना चाहिए कि जनतंत्र से पराजित लोग "गुंडातंत्र" से जनतंत्र का अपहरण करने की कोशिश कर रहे हैं।