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नई दिल्ली, 20 दिसंबर, 2019: आआज नई दिल्ली में आयोजित मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन एवं केंद्रीय वक्फ कौंसिल की संयुक्त बैठक में मेरे सम्बोधन के मुख्य अंश:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि "झूठ के झाड़”से “सच के पहाड़”को नहीं छुपाया जा सकता।

आज नई दिल्ली में आयोजित मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन एवं केंद्रीय वक्फ कौंसिल की संयुक्त बैठक में श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर बेबुनियाद और झूठी कहानियाँ गढ़, अफ़वाह से अमन को अगवा करने की कोशिश हो रही है।

श्री नकवी ने कहा कि मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन, केंद्रीय वक्फ़ कौंसिल के सदस्य देश भर में शैक्षिक संस्थानों, धार्मिक प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, आम लोगों से संपर्क-संवाद कर समाज के बड़े वर्ग में पैदा की जा रही "सियासी साजिश" से भरपूर गलतफ़हमी को दूर कर सच्चाई की ताकत से झूठ और दुष्प्रचार को बेनकाब करने का अभियान शुरू करेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि हमें पूरी तरह से होशियार रहना चाहिए ऐसी साज़िशों से जो समाज के सौहार्द के ताने-बाने को अपने सियासी फायदे के लिए तार-तार करने पर उतारू हैं। "एनआरसी के नाम पर अनार्की" इसी का जीता-जागता प्रमाण है।

श्री नकवी ने कहा कि 1951 से असम में चल रही एनआरसी प्रक्रिया सिर्फ असम तक सीमित है, देश के किसी भी हिस्से में यह लागू नहीं है। एनआरसी को मुसलमानों की नागरिकता से जोड़ना सफ़ेद झूठ ही नहीं भ्रम एवं भय का भूत खड़ा करने की कोशिश है।

श्री नकवी ने कहा कि मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन, केंद्रीय वक्फ़ कौंसिल के सदस्य आम लोगों के बीच जायेंगे और नागरिकता कानून और एनआरसी को लें कर कुछ लोगों द्वारा जो "दुष्प्रचार, फेक फैब्रिकेटेड फ़साना" चलाया जा रहा है उसे बेनकाब करेंगे। लोगों को यह समझायेंगे कि नागरिकता कानून से किसी भी भारतीय की नागरिकता कोई सवाल या खतरा नहीं है, हर भारतीय नागरिक की नागरिकता सुरक्षित है।

श्री नकवी ने कहा कि झूठ के पैर नहीं होते, वह औंधे मुंह गिरता है, जो लोग "सत्यमेव जयते" की जगह "झूठमेव जयते" के सिद्धांत के साथ अमन को अफवाह से अगवा करने की कोशिश कर रहे हैं वे नाकाम होंगे और "सत्यमेव जयते" ही “झूठमेव जयते" की साजिशी सियासत को पटखनी देगा।

श्री नकवी ने कहा कि देश में एकता एवं सौहार्द की ताकत ही हमें दुनिया में सम्मान दिलाती है। इस ताकत के ताने-बाने को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने देना है। श्री नकवी ने सभी से शांति, सौहार्द बनाये रखने की अपील की।

श्री नकवी ने कहा कि हमें "दुष्प्रचार के दानवों" से होशियार रहना चाहिए। सिटीजनशिप एक्ट, नागरिकता देने के लिए है, छीनने के लिए नहीं। हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक तरक्की के बराबर के हिस्सेदार-भागीदार हैं। एनआरसी और नागरिकता बिल को जोड़ कर देश को गुमराह करने के षड़यंत्र को परास्त करना है। 1951 में असम में शुरू एनआरसी प्रक्रिया मात्र असम तक सीमित है जो अभी ख़त्म नहीं हुई है। लिस्ट में जिनका नाम नहीं आया है वो ट्रिब्यूनल और उसके बाद अदालतों में अपील कर सकते हैं। सरकार भी उनकी मदद कर रही है।