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प्रयागराज (यूपी), 02 नवम्बर, 2019: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में 1 से 10 नवम्बर 2019 तक आयोजित किये जा रहे "हुनर हाट" के उद्घाटन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 5 वर्षों में दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी हुनर को बाजार की जरूरतों के हिसाब से तराशने एवं प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी राज्यों में "हुनर हब" स्थापित करने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है।

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज में 1 से 10 नवम्बर, 2019 के बीच आयोजित किये जा रहे "हुनर हाट" के औपचारिक उद्घाटन के अवसर पर आज श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार-2 के पहले 100 दिनों में ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 "हुनर हब" स्वीकृत किये हैं। इन "हुनर हब" में दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी। उनके हुनर को और निखारा जायेगा।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग; सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन; अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता "नंदी" एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय सभी राज्यों में "हुनर हब" की स्थापना करेगा और इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मोदी सरकार की "हुनर हाट" जैसी रोजगारपरक योजनाओं से बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक वर्ग के पारम्परिक दस्तकारों, शिल्पकारों का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हुआ है। "हुनर हाट" योजना देश के कोने-कोने के पारम्परिक हुनर के उस्तादों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराने का एक बेहद सफल अभियान साबित हुआ है।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में देश के प्रसिद्द आर्थिक केंद्रों में आयोजित एक दर्जन से ज्यादा "हुनर हाट" के जरिये 2 लाख 50 हजार से ज्यादा कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों, खानसामों और उनसे जुड़े हुए लोगों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराये हैं जिनमे बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी शामिल हैं। अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार "हुनर हाट" के माध्यम से लाखों "हुनर के उस्ताद" कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों और पारंपरिक खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराएगी।

प्रयागराज में आयोजित "हुनर हाट" में देश भर के हुनर के उस्तादों के मेले में बड़ी संख्या में महिला कारीगरों सहित देश के हर कोने से 300 से अधिक दस्तकार, शिल्पकार, खानसामे भाग ले रहे हैं । 2019-2020 के सभी "हुनर हाट", "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के थीम पर आधारित होंगे।

श्री नकवी ने कहा कि अगले 5 वर्षों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय देश के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 100 "हुनर हाट" का आयोजन करेगा। आने वाले दिनों में "हुनर हाट" का आयोजन दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेर्री, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुबनेश्वर, अजमेर आदि में किया जायेगा। अगला "हुनर हाट" दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवम्बर और मुंबई में 20 से 31 दिसंबर के बीच होगा।

श्री नकवी ने कहा कि "हुनर हाट", दस्तकारों/शिल्पकारों का “एम्पावरमेंट और एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज" साबित हुआ है। "हुनर हाट" प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "मेक इन इंडिया", "स्टैंड अप इंडिया", "स्टार्ट अप इंडिया" के संकल्प को साकार करने का "प्रामाणिक एवं विश्वसनीय ब्रांड" बन गया है। साथ ही "हुनर हाट", "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के संकल्प को शक्ति दे रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित "हुनर हाट" में दस्तकार, शिल्पकार दुर्लभ स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पाद लाये हैं जैसे आंध्र प्रदेश की कलमकारी और मंगलगिरी, असम के जूट से बने उत्पाद, बिहार की मधुबनी चित्रकारी, गुजरात का अजरख, बंधेज मड वर्क, तांबे की कलाकृतियां, हिमाचल प्रदेश से लकड़ी के बने उत्पाद, मध्य प्रदेश से ब्लॉक प्रिंट, उप्पा छपाई, पुडुचेर्री के मोतियों से बने आभूषण, राजस्थान से मार्बल कलाकृतियां और हैंडीक्राफ्ट, तमिलनाडु की एम्ब्रोइडरी एवं चन्दन की कलाकृतियां, उत्तर प्रदेश से वाराणसी सिल्क; लखनवी चिकनकारी; कांच के सामान, लेदर, संगमरमर के उत्पाद; पश्चिम बंगाल से एम्ब्रोइडरी के उत्पाद, कश्मीर-लद्दाख की दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां इत्यादि लेकर आये हैं।

प्रयागराज में आयोजित "हुनर हाट" में आने वाले लोग देश के हर क्षेत्र के लज़ीज परंपरागत व्यंजनों का जायका ले रहे हैं। इसके अलावा इस "हुनर हाट" में विभिन्न प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रत्येक दिन प्रस्तुत किये जाने वाले पारम्परिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, कव्वाली, सूफी गीत-संगीत, कवि सम्मेलन आदि विशेष आकर्षण हैं।