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कोलकाता, 12 मई, 2019: आज कोलकाता में मेरी प्रेस वार्ता के मुख्य अंश: 

केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी "विकास और सुशासन के प्रामाणिक ब्रांड" हैं।

आज कोलकाता में एक प्रेस वार्ता के दौरान श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले पांच वर्ष "परफॉरमेंस, प्रोग्रेस एवं प्रोस्पेरिटी" के वर्ष साबित हुए हैं। विपक्ष की "नकारात्मक एवं अवरोधकारी राजनीति" के बावजूद मोदी सरकार ने हर तबके के विकास के लिए पूरी ईमानदारी एवं मेहनत से काम किया है।

श्री नकवी ने कहा कि पहले "गाली गैंग" का गुस्सा सिर्फ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर था, लेकिन अब EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर भी हो गया है। इससे साबित होता है कि विपक्ष ने चुनावी जंग पूरी होने से पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया है।

श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस और उसके कुछ साथियों का "सामंती सुरूर" और "शहंशाही गुरुर" चुनावी नतीजों के बाद काफूर हो जायेगा। जिस प्रधानमंत्री ने सुशासन को "राष्ट्रनीति" और समावेशी विकास को "राष्ट्रधर्म" बनाने के संकल्प के साथ काम किया है, उन्हें अपमानित करने और गाली देने की सारी सीमाएं पार की गई हैं। दिन-रात, बिना थके-बिना रुके देश के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए काम करने वाले प्रधानमंत्री का अपमान करने वाले लोगों को देश की जनता मई 23 को सबक सिखाएगी।

श्री नकवी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कई राजनैतिक दलों की मान्यता खतरे में पड़ जाएगी। इसी लिए कई राजनैतिक दल चुनाव के नतीजे से पहले और बाद में, सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि अपने-अपने दल के अस्तित्व को बचाने के लिए इकठ्ठा हो रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि कोलकाता में इकठ्ठा हुई "मोदी हटाओ मण्डली" अब "EVM विलाप मण्डली" बन गई है। राजनैतिक स्वार्थों के टकराव में यह दल ना तो चुनाव से पहले एक हो पाए हैं ना चुनाव नतीजों के बाद एक हो पाएंगे। केंद्र में सरकार "जुगाड़ और जोड़ तोड़" की नहीं बल्कि श्री मोदी के नेतृत्व में स्पष्ट जनादेश की बनेगी।

श्री नकवी ने कहा कि दीदी के "अकड़ और अहंकार का जंतर मंतर", 23 मई को "छूमंतर" हो जायेगा। तृणमूल कांग्रेस, सत्ता को "अराजकता की प्रयोगशाला" बनाना चाहती है। "सत्यमेव जयते की विरासत" को यह लोग "झूठमेव जयते की सियासत" में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसने राजनीति को कभी देश की भलाई के रास्ते में नहीं आने दिया। श्री मोदी ने राजनीतिक फायदे-नुकसान की परवाह किये बिना देशहित, जनहित में बड़े-कड़े फैसले लिए। इन फैसलों ने साबित कर दिया है कि श्री मोदी, "नामुमकिन को मुमकिन बनाने की मजबूत शख्सियत का प्रामाणिक नाम” हैं।

श्री नकवी ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी, सामान्य वर्गों के पिछड़े लोगों को सरकारी नौकरियों-शिक्षा संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण, "प्रधानमंत्री मुद्रा योजना", "उज्ज्वला योजना", "प्रधानमंत्री जन धन योजना", "आयुष्मान भारत" जैसे सुधारवादी एवं ऐतिहासिक कदम उठाये गए। इनसे समाज के हर जरूरतमंद की "आँखों में ख़ुशी, जिंदगी में खुशहाली" सुनिश्चित हुई है।