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अलवर (राजस्थान), 01 अक्टूबर, 2018:राजस्थान के अलवर में किशनगढ़बास में अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा स्थापित किये जा रहे पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक संस्थान के शिलान्यास एवं अन्य विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि “राजनीतिक असहिष्णुता” के बावजूद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने "समावेशी विकास" की पटरी से सरकार की गाड़ी को भटकने नहीं दिया।

राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास तहसील में कोहरापीपली गांव में अल्पसंख्यक मंत्रालय के सहयोग से बनाये जा रहे पहले विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थान का शिलान्यास एवं अन्य विकास योजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण करते हुए श्री नकवी ने कहा कि बिना भेदभाव “सर्व-स्पर्शी सशक्तिकरण” को पूरा करने में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने "विकास के मसौदे" को "वोट के सौदे" से प्रभावित नहीं होने दिया।

श्री नकवी ने कहा कि विरासत में मिली नाकामियां और भ्रष्टाचार के दीमक की सफाई करते हुए तरक्की की राह तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी, इस चुनौती पर मजबूत विकासवादी इच्छाशक्ति से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विजय हासिल की है, यह विजय यात्रा सभी के सहयोग से आगे बढ़ रही है।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों सहित सभी कमजोर, गरीब एबं पिछड़ों को सस्ती-सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए युद्धस्तर पर काम किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अल्पसंख्यकों सहित सभी जरूरतमंदों को बेहतर शिक्षा मुहैया करने के संकल्प के साथ काम किया है जिसका जमीनी स्तर पर परिणाम दिख रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि अलवर में बनने वाला यह शैक्षिक संस्थान अल्पसंख्यकों, गरीबों, कमजोर तबकों की शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। अलवर में स्थापित किये जा रहे शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत 2020 तक हो जाएगी। राजस्थान सरकार ने इसके लिए कोहरापीपली गांव में 15 एकड़ जमीन दी है।

श्री नकवी ने कहा कि इस संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास केंद्र, प्राथमिक से उच्च शिक्षा, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद जैसी आधुनिक सुविधाएं तैयार की जायेंगी। इस संस्थान में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।

श्री नकवी ने कहा कि अलवर में स्थापित किये जा रहे शैक्षणिक संस्थान की पूरी रुपरेखा तैयार करने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधिकारियों एवं मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के सदस्यों की एक 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जल्द ही इस संस्थान के निर्माण आदि के सन्दर्भ में डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। ताकि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इस संस्थान के काम को जल्द पूरा किया जा सके।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के "बिना तुष्टीकरण के सशक्तिकरण" के संकल्प का नतीजा है कि पिछले सवा 4 वर्षों में विभिन्न स्कॉलरशिप्स योजनाओं से गरीब, कमजोर अल्पसंख्यक समाज के रिकॉर्ड लगभग 3 करोड विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं जिनमे लगभग 1 करोड़ 63 लाख छात्राएं शामिल हैं।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि मुस्लिम लड़कियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट जो पहले 70-72 प्रतिशत था, वह अब घटकर लगभग 35-40 प्रतिशत रह गया है। हम इसे जीरो प्रतिशत करेंगे। इस काम में सरल-सुलभ स्कॉलरशिप व्यवस्था ने बड़ी भूमिका निभाई है।

इस वर्ष स्कालरशिप के लिए मोबाइल एप्प "नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल मोबाइल एप्प" (एनएसपी मोबाइल एप्प) भी शुरू किया गया है जिससे छात्र आसानी से छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने "3E - एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एम्पावरमेंट" के संकल्प के साथ काम किया है। पिछले लगभगएक वर्ष में देश भर में मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शैक्षिक संस्थानों को "3T -टीचर, टिफ़िन, टॉयलेट" से जोड़ कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया है।
सीखो ओर कमाओ, उस्ताद, गरीब नवाज कौशल विकास, नई मन्जिल आदि रोजगारपरक कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से 5 लाख 43 हजार युवाओं को कौशल विकास व रोजगार-रोजगार के अवसर मुहैय्या कराये गए हैं। "हुनर हाट" के माध्यम से पिछले 1 वर्ष में 1 लाख 18 हजार से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के दस्तकारों/शिल्पकारों को ना केवल रोजगार-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गए हैं बल्कि उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मार्किट-मौका भी मुहैया कराया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अल्पसंख्यकों के लिए देश के सिर्फ 100 जिलों तक सीमित विकास योजनाओं का विस्तार "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" के अंतरगर्त 308 जिलों में कर दिया है। आजादी के बाद पहली बार देश के 308 जिलों में अल्पसंख्यक तबकों और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा हेतु मूलभूत सुविधाओं के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

"प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" के तहत लड़कियों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, गर्ल्स हॉस्टल, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र आदि का उन वंचित इलाकों में निर्माण कराया जा रहा है जहाँ आजादी के बाद से यह सुविधाएँ नहीं पहुँच पाई।