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नई दिल्ली, 11 फरवरी, 2018:केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में आयोजित "हुनर हाट" के उद्घाटन की प्रेस विज्ञप्ति:

बाबा खड़क सिंह मार्ग, क्नॉट प्लेस, नई दिल्ली में अल्पसंख्यक मंत्रालय के "हुनर हाट", जिसकी थीम है "सम्मान के साथ सशक्तिकरण", का उद्घाटन आज केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने किया।

18 फरवरी तक चलने वाले इस "हुनर हाट" में देश भर के दस्तकारों, शिल्पकारों, हस्तशिल्प के कारीगरों के नायाब हस्तनिर्मित स्वदेशी सामान का प्रदर्शन एवं बिक्री हो रही है।

"हुनर हाट" के उद्घाटन के बाद श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हुनर से बनाये गए प्रोडक्ट्स में केवल हाथ का ही नहीं बल्कि दिल और दिमाग का भी करिश्मा होता है। हमारे पूरे देश के हर क्षेत्र में किसी ना किसी प्रकार के हुनर वाले लोग मिलेंगे। उन्होंने कहा- "हुनर" का मतलब है- H- हाथों से बनाया, U- उम्मीदों से सजाया, N- नफासत से तराशा, A-अच्छा मुनाफा, R- रोजगार में इजाफा।

श्री राजनाथ सिंह ने "हुनर हाट" के आयोजन के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय को बधाई दी। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हुनरमंदों के हुनर की कला को और आगे बढ़ाने की जरुरत है। "हुनर हाट" के पोर्टल को भी बनाये जाने का सुझाव उन्होंने दिया ताकि "हुनर हाट" को देश-विदेश में और बड़े पैमाने पर प्रचलित किया जा सके।

श्री राजनाथ सिंह ने "हुनर हाट" में देश के कोने-कोने से आये हुनरमंद दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों के स्टाल का दौरा किया और उनकी हौसला अफजाई की।

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मंत्रालय की "उस्ताद" के अंतरगर्त देशभर के हुनरमंद दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों को मौका-मार्किटमुहैया कराने के उद्देश्य से आयोजित "हुनर हाट" का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के पारंपरिक कला और शिल्पकारी की समृद्ध विरासत को मजबूत प्लेटफार्म और हुनर के उस्तादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोज़र देना है।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "मेक इन इंडिया"", "स्टैंड अप इंडिया", "स्टार्ट अप इंडिया" के संकल्प को साकार करने का "प्रामाणिक एवं विश्वसनीय ब्रांड" बन गया है"हुनर हाट"। अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा देश भर में आयोजित किये जा रहे "हुनर हाट" देश के कोने-कोने के दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों की अद्भुत कला और हुनर की विरासत को मौका-मार्किटमुहैया कराने और प्रोत्साहन देने का बड़ा अभियान साबित हो रहा है "हुनर हाट"।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले 1 साल में "हुनर हाट" 3 लाख से ज्यादा कारीगरों, दस्तकारों, शिल्पकारों एवं उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया कराने में सफल रहे हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा इससे पहले "हुनर हाट" दिल्ली के प्रगति मैदान में लगने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापर मेले (2016, 2017), बाबा खड़क सिंह मार्ग (2017); पुडुचेर्री के थीडल बीच(2017) और मुंबई के इस्लाम जिमखाना, मरीन लाइन्स (2017) में आयोजित किये गए हैं। इन "हुनर हाट" में जहाँ एक तरफ लाखों लोगों ने कारीगरों/दस्तकारों के हस्तनिर्मित सामानों की खरीददारीकी, वहीँ इन कारीगरों को देश-विदेश से बड़े आर्डर भी मिले हैं। "हुनर हाट" भारत की कमजोर हो रही स्वदेशी धरोहर को पुनर्जीवित करने का एक मजबूत मिशन साबित हो रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि 10 से 18 फरवरी 2018 तक बाबा खड़क सिंह मार्ग पर आयोजित किये जा रहे 6ठे "हुनर हाट" में देश भर के 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से सैंकड़ों दस्तकार, शिल्पकार, कारीगर, भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 12 राज्यों के बड़ी संख्या में खानसामे, बड़ी संख्या में महिला दस्तकार और व्यंजन विशेषज्ञ भी शामिल हैं। श्री नकवी ने कहा कि इस "हुनर हाट" में प्रतिदिन देश के प्रसिद्द कलाकारों द्वारा गजल, कव्वाली, पारम्परिक संगीत कार्यक्रम भी पेश किये जा रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि इस "हुनर हाट" में हस्तनिर्मित, परंपरागत वस्तुएं जैसे- अजरख, एपलिक, बाघ, बंधेज, चूड़ियाँ, बाटीक, बीदरीवेयर, काली मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की हस्तनिर्मितसामग्री, कैंडल और फूल, बेंत और बांस,सेरेमिक प्रोडक्ट, चंदेरी सिल्क, चिकनकरारी, कालीन, गीज़ा एवं मटका सिल्क, ग्लासवेयर, गोल्डन ग्रास प्रोडक्ट, हैंडलूम्स प्रोडक्ट्स, इकत, मुरादाबादी एवंमद्रासी ब्रास एवं स्टील के सामान, जयपुरी जुत्ती, कच्छ की कढ़ाई, कलमकारी, कांथा, कश्मीर की कला, लिनन ड्रेस मटैरियल, महेश्वरी प्रोडक्टस, मार्बल क्राफ्ट, मेटलवेयर, मूजा ग्रास, मिट्टी पर शीशेका काम, फूलपत्ती का काम, वाराणसी सिल्क साड़ी, लकड़ी की कलमकारी, रोट आयरन प्रोडक्टस एवं जरी बैग इत्यादि बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

इसके अलावा यहाँ आने वाले लोग बंगाली फूड एवं स्वीट्स, नार्थ-इस्ट के व्यंजन, दिल्ली की चाट, गुजराती थाली, झारखंड फूड, कश्मीरी वाजवान, राजस्थानी पकवान, राजकोट की मिठाई,शॉवरमा, तमिल व्यंजन, मुग़लई फ़ूड, बिहार की बाटी, गोवन फ़ूड, हैदराबादी खिचड़ा आदि लजीज व्यंजनों का स्वाद भी ले रहे हैं।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक मंत्रालय के सचिव श्री अमेजिंग लुईखाम, एनएमडीएफसी के सीएमडी श्री शाहबाज अली एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।