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नई दिल्ली, 04 फरवरी, 2018:भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के एक-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के दौरान मेरे सम्बोधन के मुख्य अंश:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि “सौहार्द एवं सहिष्णुता, भारत की संस्कृति एवं संस्कार है”, हमारी यही सांझी संस्कृति दुनिया में भारत के सम्मान और स्वीकृति को ताकत देती है।

भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के एक-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के दौरान श्री नकवी ने कहा कि हमें किसी भी परिस्थिति में एकता और भाईचारे की भारतीय संस्कृति को कमजोर नहीं होने देना है। श्री नकवी ने कहा कि कुछ ताकतें देश के अमन और तरक्की की फिजा को प्रदूषित करने की कोशिश करना चाहती हैं, हम सब को मिल कर ऐसी किसी भी साजिश को परास्त करना होगा।

श्री नकवी ने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार के लिए "विकास का मसौदा वोट का सौदा" नहीं है, इसीलिए बिना भेदभाव, “समावेशी-सर्वस्पर्शी विकास एवं सशक्तिकरण” की दिशा में लगातार काम हो रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि “समावेशी विकास” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता है। 2018-19 के आम बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में रिकॉर्ड 505 करोड़ रूपए की बढ़ोतरी इसका प्रमाण है। श्री नकवी ने कहा कि इस बार के आम बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में रिकॉर्ड वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष मंत्रालय का बजट 4195 करोड़ रु था जो अब 4700 करोड़ रु कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी, अल्पसंख्यक तबकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण, विशेषकर लड़कियों के शिक्षा के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होगी।

श्री नकवी ने कहा कि इस बढे हुए बजट का लाभ अल्पसंख्यक तबकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास के कार्यक्रमों को और मजबूती से लागू करने और उनका लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने में मिलेगा। श्री नकवी ने कहा कि पिछले बजट का लगभग 65 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास पर खर्च किया गया था। जिससे 45 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए। 2018-19 के बजट में इससे ज्यादा खर्च इन कल्याणकारी योजनाओं पर किया जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि बजट वृद्धि के बाद उन्होंने अल्पसंख्यक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ मीटिंग कर इस बात का निर्देश दिया कि बढे हुए बजट का लाभ कैसे अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचे इसकी एक रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार की जाये।

श्री नकवी ने कहा कि इस वर्ष अल्पसंख्यक मंत्रालय का जोर लड़कियों के शैक्षणिक विकास पर रहेगा। बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे "बेगम हजरत महल बालिका छात्रवृति", "नई रौशनी" को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "गरीब नवाज कौशल विकास योजना" का लाभ भी बड़ी संख्या में लड़कियों को मिल रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार की "तुष्टीकरण के बिना सशक्तिकरण" एवं "डेवलपमेंट विद डिग्निटी" की निति का ही नतीजा है कि आज गरीब, कमजोर तबका, अल्पसंख्यक भी विकास के माहौल का बराबर का हिस्सेदार-भागीदार बन रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 3 वर्षों में अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 2 करोड़ 42 लाख छात्रों को मैट्रिक-पूर्व, मैट्रिकोत्तर, मैट्रिक एवं साधन आधारित छात्रवृति एवं अन्य विभिन्न प्रकार की स्कालरशिप दी गई है। इस वर्ष अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा दी जा रही विभिन्न छात्रवृतियों के लिए रिकॉर्ड 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। “बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप” के लिए 3 लाख से ज्यादा आवेदन आये।