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लखनऊ, 18 जनवरी, 2018: लखनऊ में 9 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की "विकास समन्वय बैठक" के दौरान मेरे सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि पिछले कुछ वर्षों से चले आ रहे "तुष्टिकरण के तमाशे" और "वोट के सौदे" को खत्म कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने "विकास के मसौदे" को अपना संकल्प बना कर काम किया है, जिसका नतीजा है कि आज समाज के अन्य वर्गों की तरह अल्पसंख्यक तबका भी विकास का बराबर का हिस्सेदार-भागीदार बन रहा है।

आज लखनऊ में सचिवालय के "तिलक हॉल" में आयोजित 9 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अल्पसंख्यक कार्य एवं सामाजिक कल्याण मंत्रियों, इन विभागों के सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की एक दिवसीय "विकास समन्वय बैठक" का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

बैठक के दौरान श्री नकवी ने कहा कि "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" एवं "डेवलपमेंट विद डिग्निटी" (सम्मान के साथ सशक्तिकरण) के संकल्प के साथ केंद्र की मोदी सरकार, राज्य सरकारों से समन्वय के साथ समावेशी विकास की दिशा में मजबूती से काम कर रही है।

श्री नकवी ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चल रही विभिन्न शैक्षिक, कौशल विकास, स्कालरशिप की योजनाओं की समीक्षा करना, राज्यों के सुझाव प्राप्त करना है, जिससे की इन सभी योजनाओं का लाभ समाज के हर जरूरतमंद तक पहुँच सके।

श्री नकवी ने कहा की अल्पसंख्यक समुदायों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के मामले में अधिकांश राज्य अच्छा काम कर रहे हैं। बाकि राज्यों को भी इस दिशा में और प्रयास करने चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय "3E- एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एम्पावरमेंट" के संकल्प के साथ काम कर रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि बिचौलियों को खत्म कर मोदी सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे, ऐसी पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की है। अल्पसंख्यक मंत्रालय शत-प्रतिशत ऑनलाइन/डिजिटल हो गया है। अल्पसंख्यक मंत्रालय के 280 से भी अधिक "निगेहबान" निरीक्षण अधिकारी, मंत्रालय की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की कौशल विकास, शैक्षिक सशक्तिकरण से लेकर स्कालरशिप आदि की विभिन्न योजनाओं जैसे "गरीब नवाज कौशल विकास योजना", "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप", "नई उड़ान", "पढ़ो परदेस", "फ्री कोचिंग", "उस्ताद", "प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम" आदि का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जमीन पर क्रियान्वयन इन निरीक्षण अधिकारियों के सहयोग से ही हो पाया है।

श्री नकवी ने कहा अल्पसंख्यक मंत्रालय ने निरीक्षण अधिकारियों की व्यवस्था लगभग एक वर्ष पहले शुरू की थी जो सफल रही है। निरीक्षण अधिकारियों में अधिकांश सेवा निवृत आईएएस, आईपीएस, उच्च प्रशासनिक अधिकारी, रक्षा क्षेत्र के रिटायर्ड अधिकारी, इंजीनियर्स, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों के अनुभवी लोग शामिल हैं। इनके अनुभव का लाभ अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रमुखता से मिल रहा है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं की जानकारी देते हुए श्री नकवी ने कहा कि देश भर में गुरुकुल प्रकार के 27 आवासीय स्कूल का निर्माण किया गया है। बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए पिछले 3 वर्षों में 15 डिग्री कॉलेज, 169 ITI, 48 पॉलीटेक्निक, 248 बहुउद्देशीय “सद्भाव मंडप”, 1064 हॉस्टल, 10,649 पेयजल सुविधाएँ, 32,000 अतिरिक्त क्लास रूम, 1817 स्कूल बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। अल्पसंख्यकों को विश्वस्तरीय आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय देश भर में 5 विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की स्थापना कर रहा है। देश भर में 100 नवोदय प्रकार के विद्यालयों की स्थापना की जाएगी।

पिछले 3 वर्षों में अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 2 करोड़ 42 लाख छात्र, मैट्रिक-पूर्व, मैट्रिकोत्तर, मैट्रिक, साधन आधारित छात्रवृति, फ्री-कोचिंग, फेलोशिप आदि से लाभान्वित हुए हैं। इस वर्ष अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा दी जा रही विभिन्न छात्रवृतियों के लिए रिकॉर्ड 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं।

श्री नकवी ने कहा कि देश भर के 100 जिलों में “गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र” की स्थापना की गई है जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास से सम्बंधित विभिन्न कोर्स करवाएं जा रहे हैं। इन कोर्सों में "जीएसटी फैसिलिटेटर" और "सेनेटरी सुपरवाइजर" के कोर्स शामिल हैं जो बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया करा रहे हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाएं- "हुनर हाट", "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "गरीब नवाज कौशल विकास योजना", "नई रौशनी"- अल्पसंख्यकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं। तीन वर्षों में इन योजनाओं से 8.5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार एवं रोजगार के अवसर मुहैय्या कराने में सफलता मिली है। अकेले "हुनर हाट" से पिछले 1 वर्ष में लगभग 3 लाख कारीगरों, दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों एवं इनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

श्री नकवी ने कहा कि "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" की हमारी नीति के चलते आज अल्पसंख्यक भी देश की तरक्की का बराबर का हिस्सेदार-भागीदार बन रहा है। केंद्रीय सरकारी नौकरियों में अल्पसंख्यकों की भागीदारी जहाँ 2014 में लगभग 5 प्रतिशत थी वहीँ 2017 में यह 10 प्रतिशत हो गई। इस वर्ष सिविल सेवा में लगभग 125 अल्पसंख्यक समुदाय के युवा चयनित हुए हैं जिनमे से 52 मुस्लिम समुदाय से हैं।

"समन्वय बैठक" में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री डा. वीरेंदर कुमार भी उपस्थित रहे। इसके अलावा पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर और हरियाणा के अल्पसंख्यक कार्य एवं समाज कल्याण मंत्रियों, उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ मंत्रियों, इन राज्यों के सम्बंधित विभागों के सचिवों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। आने वाले महीनों में इस तरह की बैठक कोलकाता एवं मुंबई में भी आयोजित की जाएगी।