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नई दिल्ली, 13 जनवरी 2018: नई दिल्ली में अल्पसंख्यक मंत्रालय के “निरीक्षण अधिकारियों” की कार्यशाला के उद्घाटन की मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि 280 से भी अधिक "निगेहबान" निरीक्षण अधिकारी, अल्पसंख्यक मंत्रालय की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अल्पसंख्यक मंत्रालय के देश के सभी हिस्सों से आये निरीक्षण अधिकारियों की कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की कौशल विकास, शैक्षिक सशक्तिकरण से लेकर स्कालरशिप आदि की विभिन्न योजनाओं जैसे "गरीब नवाज कौशल विकास योजना", "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप", "नई उड़ान", "पढ़ो परदेस", "फ्री कोचिंग", "उस्ताद", "प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम" आदि का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जमीन पर क्रियान्वयन इन निरीक्षण अधिकारियों के सहयोग से ही हो पाया है।

श्री नकवी ने कहा अल्पसंख्यक मंत्रालय ने निरीक्षण अधिकारियों की व्यवस्था लगभग एक वर्ष पहले शुरू की थी जो सफल रही है। इस व्यवस्था ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, एनएमडीएफसी, मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की सभी योजनाओं का पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ शत प्रतिशत
क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है।

श्री नकवी ने कहा कि निरीक्षण अधिकारियों में अधिकांश सेवा निवृत आईएएस, आईपीएस, उच्च प्रशासनिक अधिकारी, रक्षा क्षेत्र के रिटायर्ड अधिकारी, इंजीनियर्स, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों के अनुभवी लोग शामिल हैं। इनके अनुभव का लाभ अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रमुखता से मिल रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय पूरी तरह से ऑनलाइन-डिजिटल हो गया है। हर योजना डिजिटल कर दी गई है जिससे बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं रह गई है और हर योजना का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच रहा है। छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप्स का पैसा भी सीधे उनके बैंक खातों में जा रहा है। चाहे वह विकास योजनाएं हो या हज का मामला, अल्पसंख्यक मंत्रालय ने ऑनलाइन-डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता सुनश्चित की है।

इस कार्यशाला में निरीक्षण अधिकारियों को अल्पसंख्यक मंत्रालय की विभिन्न नई शुरू की गई योजनाओं की पूरी जानकारी भी दी गई।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अपने बजट का 65 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अल्पसंख्यकों के शैक्षिक एवं कौशल विकास पर खर्च कर रहा है। श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय "3E - एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एम्पावरमेंट" के संकल्प के साथ काम कर रहा है। श्री नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 6 महीनों में मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शैक्षिक संस्थानों को "3T -टीचर, टिफ़िन, टॉयलेट" से जोड़ कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को विश्वस्तरीय आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय देश भर में 5 विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की स्थापना कर रहा है। देश भर में 100 नवोदय प्रकार के विद्यालयों की स्थापना की जाएगी

देश भर के 100 जिलों में “गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र” की स्थापना की जा रही है जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास से सम्बंधित विभिन्न कोर्स करवाएं जा रहे हैं। इन कोर्सों में "जीएसटी फैसिलिटेटर" और "सेनेटरी सुपरवाइजर" के कोर्स शामिल हैं जो बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया करा रहे हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा दी जा रही विभिन्न छात्रवृतियों के लिए रिकॉर्ड 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। “बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप” के लिए 3 लाख से ज्यादा आवेदन आये हैं। अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को उच्च शिक्षा के मकसद से प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार उन लड़कियों को 51 हजार रुपये बतौर "शादी शगुन" देगी जो स्नातक की पढ़ाई पूरी करेंगी।

श्री नकवी ने कहा कि बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए पिछले 3 वर्षों में 10649 पेयजल सुविधाएँ, 32000 अतिरिक्त क्लास रूम, 1817 स्कूल बिल्डिंग, 15 डिग्री कॉलेज, 169 ITI, 48 पॉलीटेक्निक, 248 बहुउद्देशीय “सद्भाव मंडप”, 1064 हॉस्टल, 27 आवासीय स्कूल का निर्माण किया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाएं- "हुनर हाट", "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "गरीब नवाज कौशल विकास योजना", "नई रौशनी"- अल्पसंख्यकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं। तीन वर्षों में इन योजनाओं से 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार एवं रोजगार के अवसर मुहैय्या कराने में सफलता मिली है।