Speeches



कालीकट, केरल, 25 दिसंबर, 2017:कालीकट, केरल में मरकज़ क़्वींस लैंड एकेडमी के शिलान्यास के अवसर पर मेरे सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि शिक्षा ही अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण का साधन है और केंद्र की मोदी सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से काम कर रही है।

कालीकट, केरल में मरकज़ क़्वींस लैंड एकेडमी के शिलान्यास के अवसर पर श्री नकवी ने कहा कि हमें गर्व है कि भारत की संस्कृति और संस्कारों के कारण आतंकवादी ताकतें हमारे देश में अपनी शैतानी जड़ों को जमाने में नाकाम रही है। ऐसी शैतानी ताकतों को परास्त करने में भारतीय मुसलमानों की बड़ी भूमिका है।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार समाज के हर तबके की तरह अल्पसंख्यकों के प्रत्येक छात्र को सस्ती-सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हम "तहरीके तालीम" अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय अपने बजट का 65 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अल्पसंख्यकों के शैक्षिक एवं कौशल विकास पर खर्च कर रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय "3E - एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एम्पावरमेंट" के संकल्प के साथ काम कर रहा है। श्री नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 6 महीनों में मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शैक्षिक संस्थानों को "3T -टीचर, टिफ़िन, टॉयलेट" से जोड़ कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को विश्वस्तरीय आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय देश भर में 5 विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की स्थापना कर रहा है। देश भर में 100 नवोदय प्रकार के विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। देश भर के 100 जिलों में “गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र” की स्थापना की जा रही है जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास से सम्बंधित विभिन्न कोर्स करवाएं जा रहे हैं। इन कोर्सों में "जीएसटी फैसिलिटेटर" और "सेनेटरी सुपरवाइजर" के कोर्स शामिल हैं जो बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया करा रहे हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा दी जा रही विभिन्न छात्रवृतियों के लिए 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप के लिए 3 लाख से ज्यादा आवेदन आये हैं। अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को उच्च शिक्षा के मकसद से प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार उन लड़कियों को 51 हजार रुपये बतौर "शादी शगुन" देगी जो स्नातक की पढ़ाई पूरी करेंगी।

श्री नकवी ने कहा कि बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए पिछले 3 वर्षों में 10649 पेयजल सुविधाएँ, 32000 अतिरिक्त क्लास रूम, 1817 स्कूल बिल्डिंग, 15 डिग्री कॉलेज, 169 ITI, 48 पॉलीटेक्निक, 248 बहुउद्देशीय “सद्भाव मंडप”, 1064 हॉस्टल, 27 आवासीय स्कूल का निर्माण किया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाएं- "हुनर हाट", "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "गरीब नवाज कौशल विकास योजना", "नई रौशनी"- अल्पसंख्यकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं। तीन वर्षों में इन योजनाओं से 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार एवं रोजगार के अवसर मुहैय्या कराने में सफलता मिली है।

श्री नकवी ने कहा कि "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" की हमारी नीति के चलते आज अल्पसंख्यक भी देश की तरक्की का बराबर का हिस्सेदार-भागीदार बन रहा है। केंद्रीय सरकारी नौकरियों में अल्पसंख्यकों की भागीदारी जहाँ 2014 में लगभग 5 प्रतिशत थी वहीँ 2017 में यह 10 प्रतिशत हो गई। श्री नकवी ने कहा कि इस वर्ष सिविल सेवा में लगभग 100 अल्पसंख्यक समुदाय के युवा चयनित हुए हैं जिनमे से 52 मुस्लिम समुदाय से हैं। सिविल सेवा परीक्षा में अल्पसंख्यक वर्ग के सफल उम्मीदवारों की संख्या में लगभग 90 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। आजादी के बाद पहली बार अल्पसंख्यक समुदाय के इतने उम्मीदवार सिविल सेवा में चयनित हुए हैं। यही हमारी "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" की नीति का असर है।