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भाजपा प्रतिनिधि मंडल की चुनाव आयोग से भेंट की प्रेस विज्ञप्ति नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2015 .

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2015: चुनाव आयोग ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की चुनाव सभाओं के सीधे प्रसारण पर रोक की कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यूo) की मांग ख़ारिज की है और बिहार में राज्य सरकार के मंत्रियों और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के धन उगाही की सीo बीo आईo जाँच की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

बिहार सरकार और राज्य में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के भ्रष्ट आचरण और प्रधानमंत्री की रैलियों और सभाओं को रोकने की साजिश से सम्बंधित मुद्दों पर भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल के मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों से भेंट के दौरान चुनाव आयोग ने यह आश्वासन दिया।

भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापम सौंपा जिसमे भाजपा नेताओं ने कहा कि बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यूo) और कांग्रेस द्वारा लगातार निष्पक्ष, भयमुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त चुनाव को बाधित करने का प्रयास चल रहा है।

केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन पर दबाव डालकर प्रधानमंत्री की रैलियों, सभाओं पर रोक लगाने की मांग करना, बिहार सरकार के मंत्रियों और उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा भ्रष्ट आचरण करते हुए पैसे का लेन-देन, उगाही की खुले-आम घटना, चुनाव में बिहार सरकार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

श्री नक़वी ने कहा कि बिहार में अपने आप को जेo पीo का चेला कहने वाले "कुशासन-करप्शन का मेला" बन गए हैं। बिहार सरकार के मंत्री और नेताओं द्वारा खुले आम धन उगाही के तार कहाँ से जुड़े हैं इसकी जाँच होनी चाहिए, चुनाव आयोग इसकी जाँच सीo बीo आईo को सौंपे। धन उगाही की "सुपारी और सरौता" दोनों पर क़ानूनी कार्यवाही की जरुरत है।

श्री नक़वी ने कहा कि पराजय से परेशान "निकाला" (नितीश, कांग्रेस, लालू) गठबंधन "खिसयानी बिल्ली-खम्भा नोचे" जैसी स्थिति में आ गया है। इस "निकाला" गठबंधन का बिहार चुनाव में जनता "निकाला" करने का फैसला कर चुकी है, यही इस गठबंधन के नेताओं के बौखलाहट का कारण है।

भाजपा प्रतिनिधि मंडल में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरुण जैन, सांसद श्री चन्दन मित्रा, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संबित पात्रा और राष्ट्रीय मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह भी शामिल थे।

भाजपा प्रतिनिधि मंडल के चुनाव आयोग से भेंट के बाद श्री नक़वी ने कहा कि इससे पूर्व भी जब कई चरणों के चुनाव होते रहे हैं तो मतदान वाले क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में सभाएं होती रही हैं और उनका प्रसारण भी होता रहा है। सभाओं और उनके प्रसारण पर प्रतिबन्ध की मांग जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के खिलाफ है और लोकतान्त्रिक मूल्यों पर हमला करने की कोशिश है और लालू- नितिश-कांग्रेस गठबंधन की हार से पूर्व हताशा का प्रदर्शन है। 
चुनाव आयोग ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि प्रधानमंत्री की रैलियों का सीधा प्रसारण नहीं रोक जाएगा।

श्री नक़वी ने कहा कि जिस प्रकार बिहार सरकार के मंत्री, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं द्वारा पैसे के खुले आम लेन-देन, उगाही का वीडियो सामने आया है उससे स्पष्ट है कि वर्तमान बिहार सरकार और उनकी पार्टी खुले आम भ्रष्ट आचरण में शामिल है।

श्री नक़वी ने चुनाव आयोग से निवेदन किया कि प्रधानमंत्री एवं भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की सभाओं, कार्यक्रमों को प्रभावित करने, प्रतिबन्ध लगाने जैसे गैर-संवैधानिक फैसले, कोशिशों और बिहार सरकार के गैर-संवैधानिक दबाव पर चुनाव आयोग सीधे हस्तक्षेप करे और भयमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करे।