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चंडीगढ़, 08 नवम्बर 2017: चंडीगढ़ में आज "काला धन विरोधी दिवस" के अवसर पर मेरी प्रेस कांफ्रेंस के मुख्य बिंदु।#AntiBlackMoneyDay

केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार यदि बदले की भावना से काम करती तो कांग्रेस की "करप्शन की कुंडली" और "बेईमानों की मण्डली" अब तक जेल में होती।

चंडीगढ़ में नोटबंदी की सफलता के एक साल पूरे होने पर आयोजित "काला धन विरोधी दिवस" कार्यक्रम के अवसर पर श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, जो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे, एवं भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह एवं अन्य नेताओं पर जितना जुल्म, अत्याचार और साजिशें की अगर हम बदले की भावना से काम करते तो आज कांग्रेस के "करप्शन के कुनबे" के कई लोग जेल की कोठरी में होते।

श्री नकवी ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान हुए घोटालों के मामलों में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जनता के धन की लूट करने वालों के खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है। श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार “बदले की राजनीति” नहीं बल्कि "बदलाव की राष्ट्रनीति" पर यकीन करती है। अपने तीन वर्ष के दौरान मोदी सरकार ने "बदले की राजनीति" नहीं बल्कि "समावेशी विकास" और "रिफार्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म" की "राष्ट्रनीति" के साथ काम किया है।

श्री नकवी ने कहा कि एनडीए की सरकार में सभी जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है ताकि वे अपना काम पूरी निष्पक्षता से बिना किसी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के कर सके। जबकि कांग्रेस के समय में सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों का दुरपयोग राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को परेशान करने के लिए किया जाता था।

श्री नकवी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को कांग्रेस "बदले की राजनीति" कह कर बच नहीं सकती। कांग्रेस की सियासी साजिशों का सूपड़ा साफ़ हो रहा है। कांग्रेस का नकारात्मक एजेंडा हमारे विकास के एजेंडे को प्रभावित नहीं कर सकता। आज कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा "काला दिवस" मनाया जा रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी नोटबंदी को लेकर भ्रांतियां फैला रहे हैं। लेकिन इस षड़यंत्र में वे लोग कामयाब नहीं होंगे।

आज देश की जनता समझ रही है कि नोटबंदी भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई है। आज नोटबंदी के फैसले को एक साल हो रहे हैं और इस एक साल में हमारी सरकार का फैसला पूरी तरह सही और सफल साबित हुआ है। लोग तकलीफ के बावजूद भी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में साथ खड़े रहे। श्री नकवी ने कहा कि 08 नवम्बर 2016 को केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रूपए के नोटों को रात 12 बजे के बाद अवैध घोषित कर दिया था। यह अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम था जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर प्रहार करना, कालेधन को उजागर करना, जाली नोटों पर रोक लगाना, आतंकवाद और नक्सलवाद की गतिविधियों की फंडिंग की कमर तोडना और देश के विकास के रास्ते के भ्रष्टाचार के रोड़े को हटाना रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के प्रति दुनिया का विश्वास बढ़ा है। आज भारत निवेशकों के लिए एक सुरक्षित एवं सरल ठिकाना बनता जा रहा है। विमुद्रीकरण ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। कर आधार बढ़ाने में नोटबंदी सफल रही है। नोटबंदी के बाद लगभग 57 लाख आयकरदाता बढ़ गए हैं। चालू वित्त वर्ष मे अप्रैल से अक्टूबर के दौरान लोगों और कंपनियों ने रिकॉर्ड 3 करोड़ 78 लाख रिटर्न दाखिल किये। आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अब तक 6 करोड़ 85 लाख करदाता पंजीकृत हो चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड है। नोटबंदी के चलते कश्मीर में पत्थरबाजी और आतंकी गतिविधियों में 75 प्रतिशत की कमी आई है। नक्सल हिंसा में 20 प्रतिशत से भी ज्यादा गिरावट हुई है। इसका असर आगे और दिखेगा।

श्री नकवी ने कहा कि देश के "प्रोग्रेस पर पलीता लगाने के पाखंड" और देश के "प्रोग्रेस, प्रोस्पेरिटी के लिए किये जा रहे परिश्रम" के बीच युद्ध हो रहा है।