Speeches



मुंबई, 07 अक्टूबर, 2017: आज मुंबई में पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित "ग्लोबल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव" में मेरे सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि फिल्में "आतंकवाद और कट्टरवाद" को "एक्सपोज़ और एलिमिनेट" करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

मुंबई में पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित "ग्लोबल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव" में श्री नकवी ने कहा कि भारत का फिल्म उद्योग सामाजिक बुराईयों को खत्म करने, इन बुराइयों के खिलाफ लोगों की चेतना जगाने और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
श्री नकवी ने कहा कि विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर बनायीं गई भारत की फ़िल्में सामाजिक क्षेत्र में अपना सार्थक संदेश देने में सफल रही हैं।

श्री नकवी ने कहा कि भारत के विभिन्न स्थलों की दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं द्वारा फिल्म शूटिंग के लिए अपना विशेष स्थान है। भारत भौगोलिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक खूबसूरती से भरपूर देश है। भारत में कश्मीर से कन्याकुमारी, गुजरात से पूर्वोत्तर राज्यों तक सुन्दर से सुन्दर जगह हैं जहाँ फिल्मों की देशी ही नहीं बल्कि विदेशी फिल्मों की भी शूटिंग हो रही है।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारें देश और दुनिया के फिल्म निर्माताओं को उनके क्षेत्र में फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहित करती हैं। हमें इन प्रोत्साहन कार्यक्रमों की दुनिया भर को जानकारी देनी चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि भारत दुनिया का “फिल्म टूरिज्म हब” बनने की सभी सुविधाओं, संभावनाओं और संसाधनों से भरपूर है। श्री नकवी ने कहा कि पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जैसे संगठन इन संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

श्री नकवी ने कहा कि भारत दुनिया के उन कुछ देशों में शामिल हैं जहाँ फिल्म जगत को एक उद्योग का दर्जा हासिल है।

इस "ग्लोबल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव" में भारत और अन्य कई देशों के फिल्म निर्देशक, निर्माता, वितरक, फिल्म लेखक और सिनेमा जगत की अन्य हस्तियां शामिल हुई।