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हैदराबाद, 08 जुलाई, 2017:आज हैदराबाद में पहले गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र एवं अन्य विकास योजनाओं के उद्घाटन की मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा स्थापित किये जा रहे गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्रों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एकाउंटिंग/प्रोग्रामिंग और अन्य सम्बंधित विषयों पर सर्टिफिकेट कोर्स कराया जायेगा।

हैदराबाद के विजयनगर कॉलोनी में आज पहले गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा श्री नकवी ने कहा कि इस लगभग तीन महीने के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कोर्स से प्रशिक्षित युवा, ना केवल छोटे-मंझोले उद्यमियों और आम जनता की मदद कर पाएंगे बल्कि इस कोर्स को करने के बाद इन प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

श्री नकवी ने कहा की देश भर में "एक राष्ट्र-एक टैक्स" के लिए लागू जीएसटी से देश भर में GST से सम्बंधित विषयों की जानकारी रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ जाएगी। ऐसे में गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र द्वारा कराये गए जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स की उपयोगिता भी बढ़ जाएगी जिसका सीधा लाभ अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को मिलेगा। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एक्सपर्ट्स की सहायता से चलाये जायेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि देश के 100 जिलों में गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी जहाँ लाखों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं का रोजगारपूरक कौशल विकास होगा। हैदराबाद के अलावा आने वाले 6 महीनों में नोएडा, लखनऊ, जयपुर, नागपुर, औरंगाबाद, भोपाल, इंदौर, इलाहाबाद, मैसूर, चेन्नई, गोवा, गौहाटी, कोलकता, पटना, किशनगंज, देहरादून, शाहजहांपुर, रामपुर, रांची, गिरीडीह, मेवात, तिजारा, पानीपत, दिल्ली, उधमसिंह नगर, अमृतसर, चंडीगढ़, मुंबई आदि स्थानों पर गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र शुरू किये जायेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं की "तरक्की और सशक्तिकरण का केंद्र" साबित होंगे। गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को अल्पकालिक रोजगार उन्मुख कौशल विकास मुहैय्या कराने की योजना शुरू की गई है।

इन अल्पकालिक पाठ्यक्रमों में मोबाइल एवं लैपटॉप रिपेयरिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग, रिटेल प्रबंधन कार्यक्रम, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग, सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षण, औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन में डिप्लोमा, हाउसकीपिंग पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

श्री नकवी ने हैदराबाद के राजेंद्रनगर में अल्पसंख्यक मंत्रालय की बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत निर्मित आवासीय स्कूल की आधारशिला रखी। इसके अलावा येडापल्ली और रेंजल में आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी।

श्री नकवी ने कहा कि "3E"- एजुकेशन (शिक्षा), एम्प्लॉयमेंट (रोजगार), एम्पावरमेंट (सशक्तिकरण) के माध्यम से अल्पसंख्यक मंत्रालय ने गरीब, पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के अल्पसंख्यकों को प्रगति की मुख्यधारा का हिस्सेदार-भागीदार बनाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। कोई भी गरीब शिक्षा से वंचित ना रहे इसके लिए हम "तहरीके तालीम" शुरू कर रहे हैं, जिसके तहत हम शिक्षा के संसाधन एवं सुविधा का हर क्षेत्र में व्यापक जाल बिछाएंगे।

इससे पहले श्री नकवी ने हैदराबाद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (एनएमडीएफसी) की राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) के वार्षिक सम्मेलन को भी सम्बोधित किया।

श्री नकवी ने कहा की अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में एनएमडीएफसी ने बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।श्री नकवी ने इस अवसर पर एनएमडीएफसी की योजनाओं पर बने हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू के मोबाइल ऐप को भी लॉन्च किया। एनएमडीएफसी, अपनी योजनाओं पर मोबाइल ऐप लॉन्च करने वाला पहला शीर्ष निगम है। यह ऐप लक्षित समूहों के लोगों को एनएमडीएफसी की योजनाओं की जानकारी मुहैया कराने के साथ-साथ एनएमडीएफसी की योजनाओं के अंतर्गत, ऋण हासिल करने में, उनका मार्गदर्शन करने में भी मददगार साबित होगा।

श्री नकवी ने अल्पसंख्यक समुदायों के दस्तकारों के लाभ के लिए दस्तकार ऋण योजना की भी शुरूआत की। इस योजना के अंतर्गत, दस्तकारों को उनकी पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए रियायती ऋण मिल सकेगा। उम्मीद है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के तहत एनएमडीएफसी की इस पहल से देश के पारंपरिक कला और शिल्प की विरासत को पुनर्जीवित करने में दूरगामी परिणाम निकलेंगे।

बैठक के दौरान, एनएमडीएफसी की एससीए के द्वारा एनएमडीएफसी की योजनाओं को लागू करने में, सीजीटीएसएमई के साथ संभावित टाई-अप करने के लिए, क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएसएमई) के बारे में सिडबी द्वारा एक प्रस्तुति दी गई।

एनएमडीएफसी की योजनाओं को मुद्रा बैंक से जोड़कर, इसे लागू करने की संभावनाओं पर भी एक प्रस्तुति सम्मेलन के दौरान दी गई। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान, एनएमडीएफसी और संबंधित राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के बीच वार्षिक आवंटन और लक्ष्य के समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।