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पाकुड़ (झारखण्ड), 12 जून, 2017:एनडीए सरकार के 3 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर पाकुड़ (झारखण्ड) के दौरे पर मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि मोदी सरकार के पिछले तीन साल “परिश्रम, प्रगति और पारदर्शिता” से भरपूर रहे हैं।

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार के 3 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर पाकुड़ (झारखण्ड) के दौरे पर श्री नकवी ने प्रेस वार्ता, "सबका साथ सबका विकास" कार्यक्रम, "संवाद विचार" आदि कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जनता से संपर्क संवाद किया और मोदी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

श्री नकवी ने कहा कि समाज के हर जरूरतमंद- किसान, गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाएं- सबकी प्रगति के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार काम कर रही है। भारत आज दुनिया के सबसे बेहतरीन निवेश स्थानों में से एक बन गया है। पिछले 3 साल में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। आर्थिक मोर्चे पर भारत की प्रगति को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।

युवाओं की प्रगति इस सरकार का संकल्प रहा है। श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के युवाओं को नौकरी मांगने वाले से नौकरी देने वाला बनाने पर जोर दिया। "मुद्रा योजना", "स्टैंड अप इंडिया", स्टार्ट अप इंडिया", "मेक इन इंडिया" जैसी योजनाएं युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की गारंटी हैं। मुद्रा योजना के तहत 7 करोड़ 45 लाख उद्यमियों को 3 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा का बिना गारंटी ऋण देकर इन्हे रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं। इनमे 70 प्रतिशत से अधिक महिला लाभार्थी शामिल हैं, इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों का भी एक बड़ा भाग शामिल है। इसके अलावा "स्टैंड अप इंडिया" योजना के अंतरगर्त अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के 10 लाख से 1 करोड़ रूपए तक का ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

श्री नकवी ने कहा की मोदी सरकार ने अपने पिछले तीन साल में देश के लोगों को "पारदर्शी" व्यवस्था का एहसास कराया है। दिल्ली के सत्ता के गलियारे से सत्ता के दलालों की नाकेबंदी और लूट लॉबी पर तालेबंदी की है। हर योजना का लाभ जरूरतमंदों को सीधे पहुँच रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से लगभग 50 हजार करोड़ के सरकारी धन की बचत हुई है। तीन वर्षों में "भ्रष्टाचार मुक्त, विकास युक्त" माहौल बना है।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले तीन साल "सुशासन, सबका साथ सबका विकास, सभी तबको के सशक्तिकरण" को समर्पित तीन साल हैं। "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" मोदी सरकार की पहचान रही है। जो काम कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकारें लगभग 50 वर्षों में नहीं कर पाई, वो काम मोदी सरकार ने पिछले 3 वर्षों में कर दिखाया है। उज्जवला योजना के तहत लगभग 2 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए।

3 वर्षों में 26 करोड़ से अधिक लोगों के जन-धन खाते खुलें हैं। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में 13 करोड गरीब शामिल किये गए। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के द्वारा बिचौलियों की नाकेबंदी से लगभग 50 हजार करोड़ रूपए के सरकारी धन की बचत हुई है।

मुद्रा योजना के तहत 7 करोड़ 45 लाख उद्यमियों को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का बिना गारंटी ऋण देकर इन्हे रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं। इनमे 70 प्रतिशत से अधिक महिला लाभार्थी शामिल हैं, इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों का भी एक बड़ा भाग शामिल है। 2016-17 में 2 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है। “मेक इन इंडिया” के अंतरगर्त इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 1 लाख 43 हजार करोड़ का निवेश हुआ है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए श्री नकवी ने कहा कि "बिना तुष्टीकरण के सशक्तीकरण" का प्रमाण है हमारे 3 साल का लेखा-जोखा। हमारा फोकस “3-E” रहा - एजुकेशन एम्प्लॉयमेंट एम्पावरमेंट। "प्रोग्रेस पंचायत", "लेस केश चौपाल", राज्यों के साथ समन्वय बैठकें प्रमुख रही, नई रौशनी योजना के तहत 2 लाख महिलाओं विभिन्न प्रकार की लीडरशिप ट्रेनिंग दी गई। इस बार मंत्रालय के बजट में 10 वर्षो बाद लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195 करोड़ रूपए कर दिया गया है। पिछले बजट के 3800 करोड़ रूपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रूपए अधिक है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय की उपलब्धियों में शामिल हैं- पिछले तीन वर्षों में 1 करोड़ 82 लाख छात्रों को 4740 करोड रूपए की छात्रवृति देना; 166 करोड़ रूपए की "बेगम हजरत महल स्कालरशिप" का 1 लाख 38 हजार 426 छात्राओं में वितरण; 5 लाख 20 हजार से ज्यादा युवाओं, जिनमे 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, को विभिन्न कौशल विकास की योजनाओं के तहत रोजगार पूरक ट्रेनिंग एवं रोजगार के अवसर मुहैया कराना; 33 डिग्री कॉलेज खोलना; पिछले 6 महीनों में 223 बहुउद्देशीय सद्भाव मंडप को स्वीकृति देना; 18 गुरुकुल प्रकार के आवासीय विद्यालय की स्थापना; हजारों मदरसों एवं अल्पसंख्यक समुदायों के अन्य शिक्षण संस्थानों को "3T- टीचर, टिफ़िन और टॉयलेट” से जोड़ना; वार्षिक हज कोटे में वृद्धि।

श्री नकवी ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा का एक बड़ा अभियान "तहरीक-ए-तालीम" शुरू करना, दिल्ली के बाद देश के सभी हिस्सों में हुनर के उस्ताद शिल्पकारों/दस्तकारों को मार्किट-मुहैय्या कराने के लिए "हुनर हाट" का आयोजन करना; सभी राज्यों में "हुनर हब" की स्थापना करना; "उस्ताद सम्मान समागम" आयोजित करना; 5 अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक संस्थानों की स्थापना करना; अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 100 गुरुकुल -नवोदय जैसे विद्यालयों की स्थापना करना; पानी के जहाज से भी हज यात्रा दोबारा शुरू करना अल्पसंख्यक मंत्रालय के मुख्य लक्ष्य हैं।