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मुंबई, 14 मई 2017: मुंबई में विभिन्न अनुसूचित एवं को-ऑपरेटिव बैंकों के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में मेरे सम्बोधन के मुख्य अंश:

 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि भारत में "डिजिटल क्रांति", विकास को "सर्वस्पर्शी, समावेशी एवं पारदर्शी" बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विभिन्न अनुसूचित एवं को-ऑपरेटिव बैंको के प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन में श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार की "डिजिटल क्रांति" से विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं को हर जरूरतमंद तक बिना किसी रोक-टोक के पहुँचाने में मदद मिली है।

श्री नकवी ने कहा कि भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से एक है जहाँ इतने कम समय में डिजिटल व्यवस्था को जन-जन तक पहुँचाया है। श्री नकवी ने कहा कि "डिजिटल इंडिया" के तहत सरकारी विभागों को देश की जनता से जोड़ना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज के इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुंच सकें। इस योजना का एक उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को हाई स्पीड इंटरनेट के माध्यम से जोड़ना भी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद्र सरकार 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ रही है।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस अभियान का मकसद देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलना है। डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत को "लेस कैश इकोनॉमी" बना रही है। देश में डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन एवं मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था सफल हो रही है। डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन एवं मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक और मजबूत अभियान है।

श्री नकवी ने कहा कि डिजिटल पेमेंट आधारित "लेस कैश अर्थव्यवस्था" से आम आदमी के रोजमर्रा का लेनदेन सरल-सुलभ हो गया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने का मतलब अर्थव्यवस्था से नकदी को पूरी तरह हटा देना नहीं है, बल्कि एक ऐसी अर्थव्यवस्था स्थापित करना है जो कम नकदी और अधिकतम डिजिटल ट्रांजेक्शन पर आधारित हो। श्री नकवी ने आह्वाहन किया कि "ना नकद ना उधार, करें डिजिटल लेनदेन और कारोबार"।

श्री नकवी ने कहा कि कैशलेस डिजिटल अर्थव्यवस्था की वजह से भ्रष्टाचार में कमी आएगी क्योंकि ज्यादातर भ्रष्टाचार की गतिविधयां कैश में होती है। श्री नकवी ने कहा कि छोटे जगहों पर जहां बैकिंग की सुविधा नहीं है वहां आसानी से ई पेमेंट व मोबाइल बैकिंग के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के अकाउंट में पहुंचाया जा सकता है।

श्री नकवी ने कहा कि भारत में ई पेमेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन की व्यवस्था बहुत आसानी से लागू की जा सकती है। भारत में लगभग 103 करोड़ मोबाइल हैं, लगभग 35 करोड़ स्मार्टफोन हैं और इन्टरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग 50 करोड़ से भी ज्यादा है। देश भर में लगभग 144 करोड़ बैंक खाते हैं, जन धन के तहत 25 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए हैं। लगभग 107 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। इसके अलावा 14 लाख से ज्यादा पॉइंट ऑफ़ सेल मशीने हैं। लगभग 73 करोड़ क्रेडिट/डेबिट कार्ड इस्तेमाल में हैं।

श्री नकवी ने कहा कि डिजिटल पेमेंट अपनाने से छोटे-छोटे दूकानदार, कारोबारी भी बड़ी कंपनियों से मुकाबला कर पाएंगे। डिजिटल इकॉनमी बैंको पर दबाव भी कम करेगी। कैशलेश यानी जब नोट का चलन समाप्त हो जाएगा या न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाएगा, तो लूटमार, चोरी और बैंक डकैती जैसे अपराधों में कमी आएगी।

श्री नकवी ने कहा कि भारत को सफल डिजिटल अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने में अनुसूचित एवं को-ऑपरेटिव बैंको की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।