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मुंबई, 13 मई, 2017:मुंबई में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय एवं महाराष्ट्र अल्पसंख्यक विकास मंत्रालय की समन्वय बैठक की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि अपने पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल में केंद्र की मोदी सरकार ने मुसलमानों की “तरक्की के स्पीड ब्रेकर", "तुष्टिकरण" को ध्वस्त कर सशक्तिकरण का रास्ता साफ किया है।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले कई दशकों से "सेकुलरिज्म के सियासी सूरमाओं" द्वारा "तुष्टिकरण की अफीम" से मुसलमानों के सशक्तिकरण को नजरअंदाज करने की सियासत की गई है।

मुंबई में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय एवं महाराष्ट्र अल्पसंख्यक विकास मंत्रालय की समन्वय बैठक में श्री नकवी ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते तुष्टिकरण की सियासत "समावेशी विकास" की सबसे बड़ी दुश्मन रही है। इसीलिए मोदी सरकार ने "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" का माहौल पैदा कर लोगों में उनके विकास के प्रति विश्वास को पुख्ता किया है।

श्री नकवी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों की बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार पर केंद्रित योजनाओं/कार्यक्रमों को जरूरतमंद लोगों तक ईमानदारी के साथ पहुँचाया है। "3E - एजुकेशन एम्प्लॉयमेंट एम्पावरमेंट" के जरिये हमने अल्पसंख्यकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।

"गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र", "उस्ताद", "नई मंजिल", "नई रौशनी", "सीखो और कमाओ", "पढ़ो परदेस", "प्रोग्रेस पंचायत", "हुनर हाट", बहुउद्देशीय "सद्भाव मंडप", "प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम", "बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम", "बेगम हजरत महल छात्रा छात्रवृति" सहित अन्य विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों से हर जरूरतमंद अल्पसंख्यक की "आँखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली" सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है।

श्री नकवी ने कहा कि वर्ष 2017-18 को हम "तहरीके तालीम" के रूप में मनाएंगे जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं से जुड़ने के लिए अभियान चलाएगें। इस अभियान में देश के जाने माने शिक्षाविदो को जोड़ा जायेगा। इसकी शुरूआत पूर्व राष्ट्रपति ऐ0पी0जे0 अब्दुल कलाम के जन्मदिन 15 अक्टूबर से होगी। इसकी शुरुआत देश भर में 100 जिलों से की जाएगी।

श्री नकवी ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय शताब्दी वर्ष पर हम अल्पसंख्यक समुदायों के दस्तकारों/शिल्पकारों "हुनर के उस्तादों" का सम्मान करेंगे। "उस्ताद सम्मान समागम" का आयोजन मुंबई सहित देश के अन्य जगहों पर किया जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय-संवाद से अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलता के साथ लागू करने में मदद मिली है। मुंबई में श्री नकवी ने महाराष्ट्र अल्पसंख्यक विकास एवं वक्फ मंत्री श्री विनोद श्रीधर तावड़े के साथ बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और महाराष्ट्र अल्पसंख्यक विकास मंत्रालय के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

श्री नकवी ने कहा कि महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों ने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी अच्छा काम किया है। अल्पसंख्यक मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं को भी महाराष्ट्र ने बड़े प्रभावी ढंग से लागू कर के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। 
बैठक में एमएसडीपी के अंतरगर्त महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विभिन्न ढांचगत विकास योजनाओं जैसे सड़क निर्माण, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, स्कूल, आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि पर चर्चा हुई।

12वी पांच वर्षीय योजना के तहत महाराष्ट्र के 8 अल्पसंख्यक बहुल ब्लॉक और 6 अल्पसंख्यक बहुल नगरों का चयन किया गया है। इनमे 4 स्कूल भवन, 384 अतिरिक्त क्लास रूम, स्कूलों में 141 पेयजल एवं शौचालय ढांचे, 16 होस्टल, 2 आईटीआई, 25 स्वास्थ्य केंद्र, 82 आंगनवाड़ी स्वीकृत किये गए हैं।

श्री नकवी ने कहा कि महाराष्ट्र में 2014-15 से अभी तक अल्पसंख्यक वर्गों के लगभग 17 लाख छात्रों को 282 करोड़ रूपए की विभिन्न छात्रवृतियां दी गई हैं।

श्री नकवी ने कहा कि वर्ष 2017 के लिए सऊदी अरब की सरकार द्वारा भारत का हज कोटा बढ़ाने से महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों को फायदा हुआ है। महाराष्ट्र का हज 2017 कोटा 7357 से बढ़ा कर 9780 कर दिया गया है। इस बैठक में नई हज नीति 2018-22 पर और हज यात्रा को पानी के जहाज से भी दोबारा शुरू किये जाने पर भी चर्चा हुई।