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नई दिल्ली, 11 मई 2017:एनडीए सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" का प्रमाण है, पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास का बेहतरीन काम।

एनडीए सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर यहाँ एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि "3E"- एजुकेशन (शिक्षा), एम्प्लॉयमेंट (रोजगार), एम्पावरमेंट (सशक्तिकरण) के माध्यम से अल्पसंख्यक मंत्रालय ने गरीब, पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के अल्पसंख्यकों को प्रगति की मुख्यधारा का हिस्सेदार-भागीदार बनाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।

श्री नकवी ने कहा कि "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" की नीति से अल्पसंख्यकों में "विश्वास के साथ विकास का माहौल" तैयार हुआ है। पिछले तीन वर्षों के दौरान अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों की बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार पर केंद्रित योजनाओं/कार्यक्रमों को जरूरतमंद लोगों तक ईमानदारी के साथ पहुँचाया है। "गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र", "उस्ताद", "नई मंजिल", "नई रौशनी", "सीखो और कमाओ", "पढ़ो परदेस", "प्रोग्रेस पंचायत", "हुनर हाट", बहुउद्देशीय "सद्भाव मंडप", "प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम", "बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम", "बेगम हजरत महल छात्रा छात्रवृति" सहित अन्य विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों से हर जरूरतमंद अल्पसंख्यक की "आँखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली" सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है।

अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195 करोड़ रूपए कर दिया गया है। यह पिछले बजट के 3800 करोड़ रूपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रूपए (9.6 प्रतिशत की वृद्धि) अधिक है। जहाँ 2012-13 में अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 3135 करोड़ रूपए, 2013-14 में 3511 करोड़ रूपए था वहीँ 2014-15 में 3711 और 2015-16 में 3713 करोड़ था।

श्री नकवी ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण की योजनाओं में मदद मिली है। श्री नकवी ने कहा कि 2017-18 के बजट में से लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा विभिन्न शैक्षिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपूरक योजनाओं पर खर्च किया जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को बेहतर से बेहतर शिक्षा संस्थानों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना और उनका कौशल विकास मोदी सरकार की प्राथमिकता है। अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रहा है। तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 
अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 100 नवोदय विद्यालय जैसे स्कूल खोले जायेंगे। इस सन्दर्भ में 10 जनवरी 2017 को गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपने वाली है। हमारी कोशिश है यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।

कोई भी गरीब शिक्षा से वंचित ना रहे इसके लिए हम "तहरीके तालीम" शुरू कर रहे हैं, जिसके तहत हम शिक्षा के संसाधन एवं सुविधा का हर क्षेत्र में व्यापक जाल बिछाएंगे। "तहरीके तालीम" की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन 15 अक्टूबर को देश भर के 100 जिलों से की जाएगी। "तहरीके तालीम" की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन 15 अक्टूबर को देश भर के 100 जिलों से की जाएगी।

पिछले तीन वर्षों में मंत्रालय ने देश भर में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 33 डिग्री कॉलेज, 1102 स्कूल भवन, 15869 नए क्लास रूम, 676 होस्टल्स, 97 आईटीआई, 16 पॉलिटेक्निक, 1952 पेयजल एवं शौचालय ढांचे, 8532 आँगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 2090 स्वास्थ्य केंद्र, 223 सद्भाव मंडप (पिछले 6 महीनों में),18 गुरुकुल जैसे आवासीय विद्यालय की स्थापना की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतरगर्त 47,986 पक्के मकान और 17,434 हजार हैंडपंप/पानी की टंकी इत्यादि का निर्माण किया है।

पिछले तीन वर्षों में 1.82 करोड़ छात्रों को 4740 करोड रूपए की छात्रवृति दी है। 116 करोड़ रूपए 32,705 युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए खर्च किये गए। 166 करोड़ रूपए की "बेगम हजरत महल स्कालरशिप" का वितरण 1,38,426 छात्राओं में किया गया। सभी छात्रवृति सीधे छात्रों को उनके बैंक खातों में दी गई है जिससे किसी भी प्रकार के घपले या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रही।

पिछले तीन वर्षों में 5.2 लाख से ज्यादा युवाओं, जिनमे 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, को विभिन्न कौशल विकास की योजनाओं के तहत रोजगार पूरक ट्रेनिंग एवं रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं। “सीखो और कमाओ” योजना के तहत 310 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से 2 लाख 33 हजार से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार दिया गया। नई रौशनी योजना के तहत 1.98 लाख महिलाओं को लीडरशिप विकास से सम्बंधित विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया, नई मंजिल योजना के तहत 70,000 युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।

"3T"- टीचर, टिफिन, टॉयलेट से पिछले तीन महीनों में ही हजारों स्थानीय अल्पसंख्यक स्कूलों एवं मदरसों को जोड़ा गया है। इन अल्पसंख्यक संस्थानों में गुरुद्वारों, जैन संस्थानों, बौद्ध संस्थानों, पारसी संस्थानों एवं मुस्लिम इदारों द्वारा चलाये जा रहे संस्थान शामिल हैं।

बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में ढांचागत विकास किया गया है। 2014 के बाद अभी तक 33 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। जहाँ 2007 से 2014 के बीच 72 आईटीआई खोले गए थे वहीँ पिछले तीन वर्षों में हमने 97 आईटीआई खोले हैं। 2007 से 2014 के बीच कोई नया आवासीय विद्यालय नहीं खोला गया था जबकि हमने 18 आवासीय विद्यालय खोले हैं। 2016-17 में एनएमडीएफसी के माध्यम से स्वरोजगार एवं व्यापार के लिए 1,08588 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी गई जबकि 2013-14 में 75,966 लाभार्थियों को मदद दी गई थी।

जहाँ "प्रोग्रेस पंचायत", "सबका साथ सबका विकास" और "अंत्योदय" के संकल्प को पूरा करने का मजबूत मिशन साबित हुई हैं वहीँ "हुनर हाट" अल्पसंख्यक वर्गों के हुनर के उस्ताद कारीगरों/शिल्पकारों को हौसला, मार्किट-मौका मुहैय्या कराने का बड़ा अभियान साबित हुआ है। क्नॉट प्लेस के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर 11 से 26 फरवरी तक लगाए गए दूसरे “हुनर हाट”से देश के अल्पसंख्यक समुदाय के कलाकारो, शिल्पकारों तथा दस्तकारों को मौका-मार्केट मिला। इन दो "हुनर हाट" में 35 लाख से ज्यादा (26 लाख कनॉट प्लेस, 9 लाख प्रगति मैदान) लोग जिनमे देश ही नहीं बल्कि विदेश के लोग भी देश भर के दस्तकारों, शिल्पकारों की शानदार विरासत को हौसला देने, खरीददारी करने पहुंचे।

लोगों ने दस्तकारों-शिल्पकारों के सामान की लाखों रूपए की खरीद ही नहीं की बल्कि इन्हें बड़ी संख्या में देश-विदेश से आर्डर मिले हैं। "हुनर के उस्तादों" की पारंपरिक विरासत को हौसला देने के मजबूत मिशन के तहत आयोजित दूसरा "हुनर हाट" उम्मीद से ज्यादा लोकप्रिय हुआ। “शिल्प और कुजिन का संगम”थीम पर आधारित इस "हुनर हाट" की खासियत देश के विभिन्न हिस्सों से लाए गए शिल्प और पारंपरिक व्यंजन रहे।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा पहले "हुनर हाट" का आयोजन पिछले साल 14 से 27 नवम्बर में प्रगति मैदान में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान किया गया था। "हुनर हाट" की कामयाबी के बाद अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हर राज्य में "हुनर हब" बनाने का फैसला किया है। इस सम्बन्ध में विभिन्न राज्य सरकारें स्थान उपलब्ध कराने आगे आई हैं। अगले "हुनर हाट", पुडुचेरी, मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु, कोलकाता, गोहाटी, अहमदाबाद, जयपुर में आयोजित किये जायेंगे।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष पर देश भर के "हुनर के उस्तादों" के सम्मान के लिए "उस्ताद सम्मान समागम" की शुरुआत की जाएगी।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "डिजिटल इंडिया" अभियान से जुड़ते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अपनी सभी योजनाओं को ऑनलाइन किया है यहाँ तक की इस वर्ष से पहली बार हज की संपूर्ण प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है।हज मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है। 
इस वर्ष लगभग 1,70,025 हज यात्री सऊदी अरब हज यात्रा पर जा रहे हैं। सऊदी अरब ने 2017 के लिए भारत के वार्षिक हज कोटे में 34,005 की वृद्धि कर दी है। वर्षों बाद भारत से हज पर जाने वाले यात्रियों के कोटे में इतनी बड़ी वृद्धि की गई है।