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गाजियाबाद, 25 अप्रैल, 2017: गाजियाबाद में अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण पर आधारित "तालीम ओ तरबियत" कार्यक्रम में मेरा सम्बोधन:

 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार समावेशी विकास के संकल्प पर "अराजकता-उदण्डता की साजिश" सफल नहीं होने देंगे।

गाजियाबाद के लोहिया नगर में "तालीम ओ तरबियत" कार्यक्रम में अपने सम्बोधन के दौरान श्री नकवी ने कहा कि कि हमने इन तीन वर्षों में "अंत्योदय" यानी आखरी जरूरतमंद तक विकास की रौशनी बिना रोक-टोक पहुंचे इसके लिए ईमानदारी के साथ काम किया है, इस प्रयास का फायदा अल्पसंख्यक समाज को भी हो रहा है।

केंद्र की मोदी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने अल्पसंख्यकों का शैक्षिक और कौशल विकास सुनिश्चित किया है। “टी-3 - टीचर, टिफिन और टॉयलेट” अल्पसंख्यक छात्रों में शिक्षा की दर को बढ़ाने में मजबूत अभियान साबित हो रहा है। अब तक हमने पिछले तीन महीनों में कई हजार मदरसों को मदद देने का कदम उठाया है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों के लिए देश भर में 5 विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों का निर्माण कर रहा है। हमारी कोशिश है कि 2018 से इन संस्थानों में शैक्षिक सत्र शुरू हो जाये। तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे। एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है और बहुत जल्द अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।

केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195.48 करोड़ रूपए कर दिया गया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रूपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रूपए (9.6 प्रतिशत की वृद्धि) अधिक है। श्री नकवी ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी।

श्री नकवी ने कहा कि इस बार बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा धन अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं कौशल विकास, रोजगारपरक ट्रेनिंग पर खर्च किया जायेगा। बजट का बड़ा भाग विभिन्न स्कालरशिप, फ़ेलोशिप और कौशल विकास की योजनाओं जैसे "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल","नई रौशनी", "उस्ताद", "गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र", "बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप" पर खर्च किये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत भी शैक्षिक विकास की गतिविधियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर धन खर्च किया जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा छात्रों को विभिन्न स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार परक ट्रेनिंग दी जाएगी। श्री नकवी ने कहा कि 20 से ज्यादा “गुरुकुल” प्रकार के आवासीय स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही हम जो मदरसें मुख्यधारा की शिक्षा भी दे रहे हैं उन्हें भी मदद दे रहे हैं। अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे हमारे प्रयासों में "गरीब नवाज़ स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करना, छात्राओं के लिए "बेगम हजरत महल स्कालरशिप", करना एवं 500 से ज्यादा उच्च शैक्षिक मानकों से भरपूर आवासीय विद्यालय एवं रोजगार परक कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय उत्तर प्रदेश में विभिन्न योजनाएं शुरू कर रहा है। इनमे हर जिले में "सद्भावना मंडप", 15,000 मदरसों में शौचालय का निर्माण, 20 से ज्यादा रोजगारपरक कौशल विकास केंद्रों की स्थापना, बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत पेयजल सुविधा, सड़क, अस्पताल, हॉस्टल, स्कूल, डिस्पेंसरी आदि का निर्माण शामिल है।