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नई दिल्ली, 18 मार्च 2017: नई दिल्ली में मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन की 94वी गवर्निंग बॉडी और 53वी जनरल बॉडी की बैठक में मेरे संबोधन के मुख्य अंश:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा किअल्पसंख्यकों को बेहतर से बेहतर शिक्षा संस्थानों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना और उनका कौशल विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन की 94वी गवर्निंग बॉडी और 53वी जनरल बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को बेहतरआधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें रोजगार योग्य बनाना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को पूरा करने की ओर हम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया हुआ हैजिससे कि अल्पसंख्यकों को सस्ती-सुलभ-गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।
श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों कीस्थापना कर रहा है। तकनीकीमेडिकलआयुर्वेदयूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे। एक उच्च स्तरीयकमेटी का गठन किया गया है जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है और जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी और हमारी कोशिश होगी कि यहशिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।
केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195.48 करोड़ रूपए कर दियागया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रूपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रूपए (9.6 प्रतिशत की वृद्धि) अधिक है। श्री नकवी ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यकोंके सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी।
श्री नकवी ने कहा कि इस बार बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा धन अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं कौशल विकासरोजगारपरक ट्रेनिंग पर खर्च कियाजायेगा। बजट का बड़ा भाग विभिन्न स्कालरशिपफ़ेलोशिप और कौशल विकास की योजनाओं जैसे "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल","नई रौशनी", "उस्ताद", "गरीब नवाज़कौशल विकास केंद्र", "बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप" पर खर्च किये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत भी शैक्षिक विकासकी गतिविधियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर धन खर्च किया जायेगा।  
मेरिट-कम-मीन्स स्कालरशिप पर 393.5 करोड़ रूपएप्री-मेट्रिक स्कालरशिप पर 950 करोड़ रूपएपोस्ट-मेट्रिक स्कालरशिप पर 550 करोड़ रूपए, "सीखो और कमाओ"पर पिछले साल के मुकाबले 40 करोड़ रूपए की वृद्धि के साथ 250 करोड़ रूपए, "नई मंज़िल" पर 56 करोड़ रूपए की वृद्धि के साथ 176 करोड़ रूपएमौलाना आज़ाद फ़ेलोशिपस्कीम पर 100 करोड़ रूपए खर्च किये जाने का प्रावधान है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए 113 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
श्री नकवी ने कहा कि 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा छात्रों को विभिन्न स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा लाख से अधिक युवाओं को रोजगार परक ट्रेनिंग दीजाएगी।
श्री नकवी ने कहा कि 16 से ज्यादा “गुरुकुल” प्रकार के आवासीय स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही हम जो मदरसें मुख्यधारा की शिक्षा भी दे रहे हैं उन्हें भी मदद देरहे हैं। अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे हमारे प्रयासों में "गरीब नवाज़ स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करनाछात्राओं के लिए "बेगम हजरत महलस्कालरशिप"करना एवं 500 से ज्यादा उच्च शैक्षिक मानकों से भरपूर आवासीय विद्यालय एवं रोजगार परक कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।