Speeches



नई दिल्ली, 16 फरवरी 2017: "हुनर हाट" के फेसबुक पेज का शुभारम्भ:-

 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा क्नॉट प्लेस के बाबा खडग सिंह मार्ग पर 11 से 26 फरवरी तक लगाए जा रहा "हुनर हाट" देश ही नहीं बल्कि विदेश के लोगों के आकर्षण और प्रशंसा का केंद्र बना हुआ है।

"हुनर हाट" के फेसबुक पेज https://www.facebook.com/hunarhaat17/ के शुभारम्भ के अवसर पर श्री नकवी ने कहा कि "हुनर के उस्तादों" की जानदार-शानदार पारंपरिक विरासत को हौसला देने के मजबूत मिशन के तहत आयोजित दूसरे "हुनर हाट" में अभी तक लगभग 15 लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं। “शिल्प और कुजिन का संगम”थीम पर आधारित इस "हुनर हाट" की खासियत देश के विभिन्न हिस्सों से लाए गए शिल्प और पारंपरिक व्यंजन हैं। इस "हुनर हाट" में कला और शिल्प के साथ-साथ देश के विभिन्न व्यंजनों का "बावर्चीखाना" भी है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय "हुनर हाट" को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी प्राप्त हो सके। "हुनर हाट" का फेसबुक पेज लांच किया जाना इसी दिशा में एक प्रयास है। इस फेसबुक पेज पर अभी तक लगाए गए दोनों "हुनर हाट" की जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा लगाए गए स्टाल, सम्बंधित राज्य, स्टाल में बिक्री के लिए उपलब्ध कलाकृतियों, हस्तशिल्प, विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की जानकारी, "हुनर हाट" के फोटो, विडियो भी उपलब्ध है।

श्री नकवी ने कहा कि "दिल्ली के दिल" कहे जाने वाले क्नॉट प्लेस में "हुनर हाट" में आने वाले लोगों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। देश भर से आये कारीगरों/शिल्पकारों और खानसामों के स्टाल में दिन भर लोगो की भीड़ लगी रहती है। "हुनर हाट" का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के शिल्पकारों/कलाकारों और खानसामों की कला और व्यंजनों की विरासत और उनके हुनर को दुनिया भर के सामने प्रस्तुत करना और साथ ही उन्हें देश-विदेश के मार्किट-मौका मुहैय्या कराना है। इस हाट में देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 100 से ज्यादा कारीगर/शिल्पकार और 30 से ज्यादा खानसामे अपने हुनर को लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। इस "हुनर हाट" में लगभग 130 स्टाल लगाए गए हैं। इन कारीगरों/शिल्पकारों और खानसामों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता भी शामिल हैं।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी राज्यों में "हुनर हब" शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। "हुनर हब" में "हुनर हाट" तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये गए हैं उनमे "हुनर हाट" भी एक महत्वपूर्ण पहल है। अभी तक आयोजित दो "हुनर हाट" की लोकप्रियता को देखते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय इस तरह के "हुनर हाट" देश के अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना बना रहा है। मुम्बई, कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ, पटना, गुवाहाटी तथा अन्य जगहों पर इस तरह के "हुनर हाट" आयोजित किये जायेंगे।

दूसरे "हुनर हाट" में हस्तशिल्प और हथकरघा के बेजोड़ नमूनों जैसे मकराना संगमरमर के उत्पाद, सीकर से बंधेज, राजस्थान से मोजरी, तेलंगाना से बंजारा कढ़ाई, हाथ से बने ताले और डोर हैंडल के साथ अलीगढ़ की फूल पत्ती का काम, नागालैंड के कोकून डेकोरेटिव प्रोडक्ट, उत्तर प्रदेश से सिरेमिक से बानी क्राकरी, चीनी मिटटी के सामान, मिट्टी के बर्तन, चन्दन और अन्य लकड़ी से हस्त निर्मित सजावट के सामान, सूती के डिज़ाइनर कपडे, बनारसी साड़ी, मणिपुर से मनके का काम, नागालैंड के बने बस्ते, असम से जूट का सामान, गुजरात से तांबे की कारीगरी, मुरादाबाद के तांबे के बर्तन लोगों के लिए उपलब्ध हैं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश से माहेश्वरी साड़ी, कश्मीरी पश्मीना, कर्नाटक से बिदरी का सामान, उत्तराखंड का हथकरघा सामान, हिमाचल प्रदेश से ऊन निर्मित सामग्री, केरल से कांच निर्मित सामान और मिजोरम के पारंपरिक शिल्प को प्रदर्शित और बेचने के लिए लाया गया गया है।

13 राज्यों के व्यंजन विशेषज्ञों द्वारा तरह-तरह के लजीज व्यंजनों को लाया गया है। इन व्यंजनों में लखनऊ का अवधी मुगलई, रॉयल मुगलई, राजस्थान से दाल बाटी चुरमा एवं थाली, पश्चिम बंगाल के व्यंजन, केरल से मालाबारी फूड, बिहार का लिट्टी चोखा, महाराष्ट्र से पुरन पोली, गुजरात से ढोकला और जलेबी, वडापाव, दिल्ली की आलू चाट, जम्मू और कश्मीर से कश्मीरी वजवान, मध्यप्रदेश से भुट्टे की कीस,साबूदाना खीर एवं खिचड़ी, मणिपुर के खाद्य पदार्थ, नागालैंड के पारंपरिक व्यंजन के अलावा केसरिया दूध, कुल्फी, गरमा गरम जलेबी तथा विभिन्न प्रकार के अचार, पंजाब के छोले भठूरे के साथ-साथ दक्षिणी भारत के विभिन्न पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं।

चयनित कारीगरों/शिल्पकारों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, गुजरात, मणिपुर, असम, ओडिशा के अलावा केरल, तेलंगाना, बिहार तथा अन्य राज्यों के "हुनर के उस्ताद" शामिल हैं। वहीं "बावर्चीखाना" में उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पश्चिम बंगाल, गुजरात के अलावा बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान के व्यंजन का लोग स्वाद ले रहे हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा पहले "हुनर हाट" का आयोजन पिछले साल 14 से 27 नवम्बर में प्रगति मैदान में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान किया गया था।