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नई दिल्ली, 13 जनवरी, 2017: नई दिल्ली में एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की प्रेस विज्ञप्ति:

 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि देश का संविधान हमारी सरकार का "धर्मग्रन्थ" और समावेशी विकास हमारा “संकल्प और लक्ष्य है” और इसी संकल्प के साथ समाज के आखिरी व्यक्ति की आँखों में खुशी-जिंदगी में खुशहाली के लिए काम कर रहे हैं।

नई दिल्ली के स्कोप काम्प्लेक्स में एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक में श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सभी समुदायों, सभी वर्गों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ काम कर रही है। हम विकास के एजेंडे पर किसी भी तरह के नकारात्मक एजेंडे को हावी नहीं होने देंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं को सफलता के साथ लागू कर रहा है। "बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण" हमारा लक्ष्य है। गरीबों, कमजोर तबकों के विकास की योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है।

श्री नकवी ने कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय ने अपनी छोटी जनसँख्या के बावजूद भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार में सभी धर्मों, सभी वर्गों के संवैधानिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। श्री नकवी ने कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय को भी पूरी तरह से अल्पसंख्यक मंत्रालय और अन्य मंत्रालयों की कल्याणकारी योजनाओं में हिस्सेदारी-भागीदारी बढ़ानी चाहिए। श्री नकवी ने कहा कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों की तरह एंग्लो-इंडियन समुदाय को भी छात्रवृति, कौशल विकास की योजनाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि 2015-2016 में विभिन्न स्कालरशिप योजनाओं का लाभ पाने वाले छात्रों में ईसाई समुदाय के छात्रों का प्रतिशत लगभग 10 प्रतिशत था। जिसका सीधा लाभ एंग्लो-इंडियन समुदाय को हुआ है। MSDP के अंतरगर्त अल्पसंख्यकों के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण का फायदा समाज के सभी वर्गों सहित एंग्लो-इंडियन समुदाय को भी मिल रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए लगभग 5 अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगा। इसका लाभ एंग्लो-इंडियन समुदाय को भी मिलेगा।

इस बैठक में एंग्लो-इंडियन समुदाय के मनोनीत सांसद प्रोफ रिचर्ड हे और जॉर्ज बेकर ने भी भाग लिया। इसके अलावा समुदाय के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखण्ड, मध्य प्रदेश के कई विधायक, एंग्लो-इंडियन समुदाय के विभिन्न प्रख्यात एवं महत्वपूर्ण व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास की मुहिम और संकल्प की सराहना की और एनडीए सरकार द्वारा सभी वर्गों के विकास के लिए उठाये गए क़दमों का स्वागत किया। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एक नई ऊर्जा का माहौल तैयार हुआ है और यहाँ पर उपलब्ध हो रहे अपार अवसरों के कारण एंग्लो-इंडियन समुदाय के वो लोग जो विदेशों में जा कर बस गए थे अब भारत वापस आ रहे हैं।

एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों ने श्री नक़वी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पिछले कई दशकों में पहली बार किसी सरकार ने इस समुदाय के प्रतिनिधियों को बातचीत करने, उनके सुझाव लेने के लिए बैठक की है।

एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों ने समुदाय के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न सुझाव दिए जिन्हें श्री नकवी ने सकारात्मक, सार्थक बताया और भरोसा दिलाया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगा।

श्री नकवी ने कहा कि उनका मंत्रालय आगे भी समुदाय के प्रतिनिधियों से संपर्क, संवाद करेगा। आज की बैठक में तेलंगाना के एंग्लो-इंडियन समुदाय के मनोनीत विधायक श्री एल्विस स्टीफेन्सन; कर्नाटक से विधायक श्रीमती विनिशा नीरो; आंध्रप्रदेश के विधायक श्री फिलिप टोचर; झारखण्ड से विधायक श्री ग्लेन जोसेफ; आल इंडिया एंग्लो-इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बेरी ओ ब्रायन तथा अन्य प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए।