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मुम्बई, 02 जनवरी 2017: मुम्बई में हज कमिटी ऑफ़ इंडिया मोबाइल ऐप के लांच की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि पहली बार हज आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो रही है।

मुम्बई स्थित हज हाउस में हज कमिटी ऑफ़ इंडिया मोबाइल ऐप लांच करते हुए श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार का अल्पसंख्यक मंत्रालय भी डिजिटल इंडिया की मुहिम के साथ पूरी तरह से जुड़ कर इसे और मजबूत कर रहा है। हमारे मंत्रालय ने इस बार हज आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन/डिजिटल कर दिया है। केंद्र सरकार अगली हज यात्रा के लिए हज यात्रियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है ताकि आसानी और पारदर्शिता के साथ लोग अगली हज यात्रा के लिए आवेदन कर सकें।

हज कमिटी ऑफ़ इंडिया मोबाइल ऐप गूगल प्लेस्टोर में 2 जनवरी से उपलब्ध होगा। श्री नकवी ने कहा कि इस ऐप के लांच होने से हाजियों को ऑनलाइन आवेदन करने में बड़ी सहूलियत होगी। हज 2017 की घोषणा हो गई है और 2 जनवरी से इसके लिए आवेदन आरम्भ हो जायेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 24 जनवरी है।

हज के लिए आवेदन, पूछताछ एवं सूचना, हज से सम्बंधित नवीनतम गतिविधियों की जानकारी और ई-पेमेंट इस ऐप की खासियत है। इस ऐप के द्वारा पांच वयस्क एवं 2 बच्चे एक समूह के रूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की पीडीएफ कॉपी आवेदनकर्ता को मेल द्वारा भेजी जाएगी जिसे आवेदनकर्ता को बाद में फोटो लगा कर स्टेट हज कमिटी को भेजना होगा। इस ऐप से पंजीकरण भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकेगा।

श्री नकवी ने कहा पिछले महीने नई दिल्ली में अल्पसंख्यक मंत्रालय के हज विभाग की नई वेबसाइट लांच की गई थी। यह वेबसाइट हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओँ में उपलब्ध है। इसमें हज से सम्बंधित सभी जानकारी उपलब्ध है। इस वेबसाइट से भी हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को ऑनलाइन आवेदन करने में बड़ी मदद मिलेगी। इस वेबसाइट में अल्पसंख्यक मंत्रालय, हज विभाग, हज यात्रा से सम्बंधित विभिन्न नियमों, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया, निजी टूर ऑपरेटरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही हज यात्रा के दौरान क्या करना है, क्या नहीं करना है, से सम्बंधित जानकारी एवं फिल्म भी उपलब्ध है। अगले हज के लिए हाजियों के लिए नकद के साथ-साथ ऑनलाइन, क्रेडिट/डेबिट कार्ड से आवेदन शुल्क जमा करने की व्यवस्था की जा रही है।

हज 2016 के दौरान लगभग 45,843 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे जो कुल आवेदनों का लगभग 11 प्रतिशत था। सबसे अधिक 10,960 ऑनलाइन आवेदन महाराष्ट्र से प्राप्त हुए थे। 9,257 ऑनलाइन आवेदन केरल से; 5,407 ऑनलाइन आवेदन उत्तर प्रदेश से; 2983 आवेदन तेलंगाना से; 2426 आवेदन जम्मू और कश्मीर से; 2425 ऑनलाइन आवेदन गुजरात से प्राप्त हुए थे।

श्री नकवी ने कहा कि हमारी कोशिश है इस बार अधिक से अधिक लोग हज यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन दें सकें। हज 2016 में देश भर में 21 केंद्रों से लगभग 99,903 हाजियों ने हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिये हज किया और लगभग 36 हजार हाजियों ने प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के जरिये हज की अदायगी की थी।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय एवं हज कमिटी ऑफ़ इंडिया ने अगले हज के लिए तैयारियां इस बार काफी हद तक समय से पहले शुरू कर दी है जिससे कि हाजियों को उनकी यात्रा में किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो। श्री नकवी ने कहा कि हमने अगले हज के लिए देश भर से आये विभिन्न सुझावों के आधार पर सऊदी अरब सरकार एवं हज से जुडी भारत की एजेंसियों से बात-चित शुरू कर दी है। श्री नकवी ने कहा कि नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से भी कहा गया है कि हज यात्रियों को आधुनिक सुविधा वाले जहाज उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग के अवसर पर हज कमिटी ऑफ़ इंडिया चेयरमैन चौधरी महबूब अली कैसर, हज कमिटी के सीईओ अताउर रहमान भी मौजूद थे।