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नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2016: नई दिल्ली में मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की जनरल बॉडी मीटिंग में मेरे संबोधन के मुख्य बिंदु:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगा।

अंत्योदय भवन में मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की जनरल बॉडी मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री एवं फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री नकवी ने बताया कि आधुनिक, तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे। श्री नकवी ने बताया कि इसकी संपूर्ण रुपरेखा हेतु एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में अपनी विस्तृत रिपोर्ट दो महीनों में देगी और हमारी कोशिश होगी कि यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।

श्री नकवी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि आधुनिक सुविधाओं सहित विश्वस्तरीय शिक्षा का आदर्श शैक्षिक केंद्र एवं रोजगार पूरक कौशल विकास संस्थान स्थापित करना शिक्षा के साथ रोजगार मुहैय्या कराने का एक बड़ा मिशन साबित हो।

श्री नकवी ने बताया कि आज की मीटिंग में अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तीकरण और कौशल विकास से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमे लड़कियों के लिए "बेगम हजरत महल स्कालरशिप" शामिल हैं। इसके अलावा देश भर में "गरीब नवाज़ स्किल डेवलपमेंट सेंटर" स्थापित करने की घोषणा भी की गई।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों को बेहतर से बेहतर शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा जोर अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा और इसके साथ ही रोजगार प्रदान करने पर है। पिछले बजट में घोषित 3827 करोड़ में से लगभग 2800 करोड़ रूपए स्कालरशिप, ट्रेनिंग सहित अन्य शैक्षिक गतिविधियों के लिए दिए जा रहे हैं। इनमे 1816 करोड़ रूपए की छात्रवृतियां शामिल हैं। इसके अलावा एमएसडीपी के तहत 650 करोड़ रूपए शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर खर्च किये गए हैं। लगभग 262 करोड़ की लागत से लगभग 200 “सद्भाव मंडप” और 16 “गुरुकुल” प्रकार के आवासीय स्कूलों को स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा अभी तक हमने 16 "गुरुकुल" प्रकार के स्कूलों को स्वीकृति दी है जिनमे तेलंगाना में 7, आंध्र प्रदेश में 6, कर्नाटक में 2 और झारखण्ड में 1 आवासीय स्कूल शामिल हैं। साथ ही हमने तय किया है कि जो मदरसें मुख्यधारा की शिक्षा भी दे रहे हैं उन्हें भी हम मदद देंगें।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की मुहीम के साथ पूरी तरह जुड़ रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय हर स्तर पर कैशलेस डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दे रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 3 करोड़ छात्रों की 6715 करोड़ रूपए की छात्रवृति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है।

श्री नकवी ने बताया कि हमें खुशी है कि 5 महीने पहले हमने देश भर में जिन बहुउद्देशीय "सद्भाव मंडप" के निर्माण की घोषणा की थी उसमे बड़ी सफलता मिली है। हमने अब तक देश भर में लगभग 200 "सद्भाव मंडप" स्वीकृत किये हैं। इनमे पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, असम, केरल शामिल हैं। "सद्भाव मंडप" विभिन्न प्रकार के सामाजिक-शैक्षिक-सांस्कृतिक एवं कौशल विकास की गतिविधियों का संपूर्ण केंद्र होंगे साथ ही यह किसी आपदा के समय राहत केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किये जा सकेंगे।

इसके अलावा 12वी पांच वर्षीय योजना में एमएसडीपी में विभिन्न राज्यों को लगभग 5300 करोड़ रूपए स्वीकृत किये गए। उत्तर प्रदेश 1200 करोड़, पश्चिम बंगाल 1600 करोड़, असम 400 करोड़, बिहार 550 करोड़, अरुणाचल प्रदेश 190 करोड़, त्रिपुरा 162 करोड़, कर्नाटक 157 करोड़, राजस्थान 140 करोड़, तेलंगाना 118 करोड़ शामिल हैं।