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नई दिल्ली, 17 दिसंबर, 2016:नई दिल्ली में "सेलिब्रेशन ऑफ़ अरबिक डे 2016" के तहत शरीअत कांफ्रेंस में मेरे संबोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि भ्रष्टाचार की बीमारी ने देश के मुसलमानों सहित कमजोर तबकों को सबसे ज्यादा अपना शिकार बनाया जिसके चलते मुस्लिम समाज गरीबी रेखा के नीचे आता गया।

यहाँ "सेलिब्रेशन ऑफ़ अरबिक डे 2016" में अपने संबोधन में श्री नकवी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक सशक्तिरण के लिए किये गए बड़े पैमाने पर खर्च के बावजूद मुसलमान गरीबी रेखा के नीचे रह गया। इसका मुख्य कारण बेईमानी और बिचौलियों का बोल बाला रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बिना बिचौलियों के गरीबों तक सीधा लाभ पहुँचाने का अभियान शुरू किया जिसके चलते अब तक अरबों रूपए की होने वाली लूट रुकी है और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुसलमानों सहित सभी गरीबों, जरूरतमंदों को हुआ है। "लूट लॉबी" पर लगाम लगी है।

श्री नकवी ने कहा कि कुछ लोग सियासी वजहों से कालेधन-भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का विरोध कर गरीबों की खुशहाली को रोकना चाह रहे हैं लेकिन ईमानदारी बनाम बेईमानी की इस लड़ाई में पूरा देश एक साथ खड़ा है। और बेईमानों का बंटाधार तय है।

श्री नकवी ने कहा कि ऐतिहासिक नोट बंदी के फैसले के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ एक और मजबूत मुहीम है। मुस्लिम समाज को इससे जुड़ना चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि हमारा मंत्रालय अल्पसंख्यक समाज को कैशलेस व्यवस्था से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर "कैशलेस चौपाल" लगाएगा जिससे हम लोगों को यह बताएंगे कि इससे जिंदगी कितनी आसान और बेहतर हो सकती है।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार ने डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था पर जोर दिया है। गैस सब्सिडी, महात्मा गाँधी नरेगा जैसी योजनाओं सहित 17 मंत्रालयों की लगभग 78 जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों में दिया जा रहा है।

Direct Benefit Transfer से अभी तक 36 हजार करोड़ से ज्यादा सरकारी धन की बचत हुई है। कोयला, स्पेक्ट्रम, माइंस की ऑनलाइन बोली लगाने की व्यवस्था से सरकारी खजाने में 3 लाख करोड़ की आमदनी हुई है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 3 करोड़ छात्रों की 6715 करोड़ की छात्रवृति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है।

श्री नकवी ने कहा कि इन सभी क़दमों से विकास की रौशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सफलता हासिल हुई है।