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नई दिल्ली, 15 नवम्बर, 2016: नई दिल्ली में भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 2016 में अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित किये जा रहे "हुनर हाट" के उद्घाटन की प्रेस विज्ञप्ति:

 केंद्रीय ऊर्जा, खनिज, कोयला एवं नवीनीकृत ऊर्जा राज्यमंत्री श्री पीयूष गोयल; अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी एवं विदेश राज्यमंत्री श्री एम.जे.अकबर ने आज यहाँ प्रगति मैदान में देश भर के हुनर के उस्तादों द्वारा लगाए गए "हुनर हाट" का उद्घाटन किया।

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 2016 में अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित किये जा रहे "हुनर हाट" में देश के कोने-कोने से 184 से अधिक दस्तकार, शिल्पकार 100 स्टॉलों में अपने शानदार स्वदेशी हुनर का जलवा बिखेर रहे हैं।

इस अवसर पर श्री गोयल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में देश के हर कोने से दस्तकारों, शिल्पकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिला है। इस प्रदर्शनी से भारत की दशकों पुरानी परंपरा को दिखाने का अवसर मिलेगा। श्री गोयल ने कहा कि इन दस्तकारों, शिल्पकारों की कला का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर श्री अकबर ने कहा कि "हुनर हाट" प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की "सबका साथ सबका विकास" की सोंच को कागज से निकालकर एक जिंदगी दे रहा है। हुनरमंदों को आज एक बड़ा अवसर मिला है, देश भर का बाजार मिला है।

इस अवसर पर श्री नकवी ने कहा कि "हुनर हाट" का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के शिल्पकारों/दस्तकारों को राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मुहैय्या करा कर "हुनर को हौसला" देना है। "हुनर हाट" में पहली बार देश के 26 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज क्षेत्रों के शिल्पकारों-दस्तकारों को अपनी कला-कौशल का जलवा दिखाने का मौका मिल रहा है। "हुनर हाट", "हुनर के उस्तादों" की कला और कौशल का अद्भुत संगम है।

इस प्रदर्शनी को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की "उस्ताद" (विकास के लिए पारंपरिक कला-शिल्प के कौशल का उन्नयन और प्रशिक्षण) योजना के तहत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) द्वारा प्रगति मैदान के हॉल न. 14 में आयोजित किया जा रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि इस "हुनर हाट" की विशेषता यह है कि कलाकारों-दस्तकारों को अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा निःशुल्क स्टाल ही नही मुहैया कराया गया है, बल्कि उनके आने-जाने का खर्च और प्रतिदिन खर्च के लिए भी सहायता मुहैया कराई गयी है जिससे दूर-दराज से भी आये "गरीब लेकिन हुनर के अमीर" शिल्पकार आसानी से इस बड़े मंच पर अपने कला के कौशल और हुनर को प्रदर्शित कर रहे हैं।

इस प्रदर्शनी में जहां पूर्वोत्तर राज्यों में बनने वाली बेंत-बांस की कलाकृतियां हैं, उत्तर प्रदेश की ब्रास, कपड़ा-कालीन, चिकन एवं जरदोजी की शानदार सामग्री शामिल है, दक्षिण राज्यों से मिट्टी के बनने वाले बर्तनों का व्यापक कलेक्शन है, चन्दन की लकड़ी की कलाकृतियां हैं, झारखण्ड-बिहार के हस्त निर्मित कलाकृतियां और बॅंगाल-उड़ीसा के घरेलू इस्तेमाल के स्वदेशी सामान, साथ ही देश में बन रहे नीम-एलोविरा, तुलसी और हर्बल सौन्दर्य एवं स्वास्थ सामग्री है।

प्रदर्शनी में राजस्थान के मार्बल की कलाकृतियां हैं, तो गुजरात की दिलकश हस्तनिर्मित सामग्री है, कश्मीर की पश्मीना और ब्रान्ज के बर्तन हैं, भारत की सदियों पुरानी आयुर्वेदिक, यूनानी, स्वास्थ सामग्री भी हैं। यही नहीं दस्तकार, शिल्पकार जिस प्रकार से अपने गांव-कस्बों में इन हस्त निर्मित सामग्री का निर्माण करते हैं, उसका भी प्रदर्शन लोगों के सामने कर रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि "उस्ताद" योजना का लक्ष्य अल्पसंख्यक समुदायों की पारंपरिक कला और शिल्प की समृद्ध विरासत का संरक्षण और उसे बढ़ावा देना है। आज ग्लोबलाइजेशन और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से सालों पुरानी शिल्प की कारीगरी का रोजगार धीरे-धीरे लुप्त होता जा रहा है। इन कारणों से शिल्प उस्तादों के साथ-साथ उनके बच्चे इस कार्य के प्रति उदासीन और हतोत्साहित होते जा रहे हैं और वे अपनी आजीविका के लिए नए रास्ते तलाशने पर मजबूर हो गए हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय बेहतर मार्किट लिंकेज, नए डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग, प्रशिक्षण एवं क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से इस कला को संरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर आग्रह किया था कि वो अपने-अपने राज्यों के शिल्पकारों/दस्तकारों को "हुनर हाट" में आने के लिए प्रोत्साहित करें। कुल मिलाकर 740 के आसपास आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों की सावधानी से जांच करने एवं विचार-विमर्श करने के बाद "हुनर हाट" प्रदर्शनी के लिए 184 से अधिक दस्तकारों/शिल्पकारों को चुना गया है जो लगभग 100 स्टॉलों में अपनी कला-कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। 
श्री नकवी ने लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में "हुनर हाट" आएं और "हुनर के उस्तादों" का हौसला बढ़ाएं।

इन चुने गए दस्तकारों में 26 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 5 अल्पसंख्यक समुदाय के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता भी शामिल हैं। इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली , जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार शामिल हैं। इसके अलावा लेह-लद्दाख से लेकर मणिपुर, नागालैंड, से लेकर केरल तक के दस्तकार/शिल्पकार शामिल हैं। "हुनर हाट" में एक विशेष पवेलियन बनाया गया है जहाँ अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में बताया जा रहा है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने भी थोक खरीदारों जैसे कॉटेज एम्पोरियम, फैब इंडिया, आदि से हुनर हाट प्रदर्शनी में थोक खरीददारी की संभावनाओं का पता लगाने के लिए संपर्क किया है।