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मेवात-पलवल, 29 सितंबर, 2016: मेवात-पलवल (हरियाणा) के दौरे पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा विभिन्न योजनाओं के उद्धघाटन, शिलान्यास एवं "प्रोग्रेस पंचायत" की प्रेस विज्ञप्ति: 
 
 

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, कमजोर तबकों का सशक्तिकरण केंद्र की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का "राज धर्म" है।

मेवात के बिछोर गांव में पहली विशाल "प्रोग्रेस पंचायत" में बड़ी संख्या में आये लोगों को संबोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि "प्रोग्रेस पंचायत", "वोट का सौदा" नहीं बल्कि "विकास का मसौदा" है।  

श्री नकवी ने कहा कि गरीबी के खिलाफ हमारी जंग का सबसे बड़ा फायदा देश के अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों को होगा क्योंकि लगभग 75 % मुस्लिम आबादी गरीबी रेखा के नीचे रह रही है। 

श्री नकवी ने कहा कि "सेकुलरिज्म के तथाकथित सियासी सूरमा" मुसलमानों की इस मूलभूत समस्या गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा पर कभी बातें नहीं करते, सिर्फ उन्हें डराने और उनके "सियासी शोषण" में लगे हुए हैं। मुसलमानों की सबसे बड़ी समस्या है गरीबी और मोदी सरकार का सबसे बड़ा संकल्प है गरीबी से जंग।

श्री नकवी ने कहा कि धर्म, जाति, क्षेत्र के नाम पर भेदभाव आज भी अपनी जड़े जमाए हुए है और इसका नुकसान कमजोर तबकों, अल्पसंख्यकों को हो रहा है। “हमें इस भेदभाव के भूत को भस्म” करना होगा। समाज में सद्भाव की सोंच को ताकत देनी होगी।

गरीब का बेटा-बेटी आज भी IAS, IPS या उच्य प्रशासनिक सेवा में उत्तीर्ण होता है, तो वह न्यूज बनती है, आजादी के छह दशकों के बाद भी यह हालत क्यों ? क्योंकि गरीबों का "राजनीतिक शोषण" हुआ, सशक्तिकरण नहीं  हुआ। श्री नकवी ने कहा कि गरीबों, दलितों, कमजोर तबकों, अल्पसंख्यकों का सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण हमारी सरकार का संकल्प है जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी जमीन की हकीकत बनाने के लिए मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि हमारी सरकार ने किसी भी तबके, किसी भी समुदाय को "वोट बैंक" की नजर से नहीं देखा।

लोगों को अल्पसंख्यक मंत्रालय की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए श्री नकवी ने कहा कि मंत्रालय ने "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल", "नई रौशनी", "उस्ताद", "नई उड़ान" जैसी योजनाएं शुरू की है जो अल्पसंख्यक वर्ग के गरीबों की तरक्की की गारंटी हैं। इसके अलावा "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" (MsDP) जैसे कार्यक्रम अल्पसंख्यकों को आधारभूत सुविधाएँ जैसे स्कूल, अस्पताल, सड़क आदि इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करा रहा है। रोजगारपुरक योजनाएं हमारी प्राथमिकता हैं और इस सन्दर्भ में युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। "हर हाथ को रोजगार" हमारा लक्ष्य है। 

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए विभिन्न स्तर पर काम कर रहा है। इसमें वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और विकास अहम है। इस सम्बन्ध में कई राज्य सरकारें सराहनीय सहयोग कर रही हैं। राज्य वक्फ बोर्डों की संख्या 31 है और देश भर में 4,27,000 से ज्यादा पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियां हैं। इसके अलावा कई वक्फ सम्पत्तियां पंजीकृत नहीं हुई हैं। कुछ राज्यों के वक्फ बोर्ड पर "वक्फ माफियाओं" ने कब्ज़ा जमा लिया है जिसके चलते वक्फ संपत्तियों का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।

हमारा मंत्रालय वक्फ संपत्तियों को "वक़्फ माफिया" के चंगुल से छुड़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। कुछ राज्यों में वक्फ बोर्ड के लोगों और "वक्फ माफिया" की सांठ-गांठ से वक़्फ संपत्तियों पर कब्जे की गंभीर शिकायतें  मिली हैं जिनकी उच्च स्तर पर जाँच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी।   

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की शिकायतों के लिए केंद्र स्तर पर एक सदस्यीय "बोर्ड ऑफ़ एडजूडिकेशन" का गठन जल्द किया जायेगा जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस या राज्य हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस करेंगे। इसी तरह राज्यों में 3 सदस्यीय न्यायाधिकरण की स्थापना की जा रही है। लगभग 15-16 राज्यों में इनका गठन किया जा चुका है। अन्य राज्य भी इसका गठन शीघ्र करें। 

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ जमीनों पर अल्पसंख्यक मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज, मॉल, अस्पताल, कौशल विकास केंद्र आदि का निर्माण कराएगा, और इससे हुई आमदनी को मुस्लिम समुदाय की शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। इन जमीनों पर विभिन्न प्रयोजन के सामुदायिक केंद्र "सद्भाव मंडप" का निर्माण भी किया जायेगा जो विभिन्न प्रकार के कार्यों जैसे शादी-विवाह,  प्रदर्शनी और किसी आपदा के समय राहत केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किये जा सकेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार मिल कर गरीबों, किसानों, दलितों, अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। पलवल और फरीदाबाद में वक्फ संपत्तियों पर विभिन्न तरह के विकास कार्य किये जायेंगे।

एन0एम0एफ0डी0सी0 ने 11वें और 12वें प्लान के अर्न्तगत 1,723 करोड़ रू0 की आर्थिक सहायता दी है, जिसका लाभ 4 लाख से अधिक लोगों को मिला है, जिसमें हरियाणा के 10 हजार से अधिक लोग शामिल हैं। “सिखों और कमाओ” के तहत 2,830 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। अपने मेवात-पलवल दौरे पर श्री नकवी ने पलवल के हाथिन में 100 बेड के गर्ल्स हॉस्टल भवन, मेवात मॉडल स्कूल, पुन्हाना ब्लॉक में स्टाफ क्वार्टर्स का उद्घाटन किया, चिलवाली (नूह) के उच्च माध्यमिक विद्यालय का शिलान्यास और खानपुर घाटी स्थित MsDP के अंतरगर्त निर्मित गर्ल्स स्कूल का निरीक्षण किया।