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23 सितंबर चेन्नई, 2016: चेन्नई में दक्षिणी राज्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, दलितों की "प्रोग्रेस-प्रोस्पेरिटी" कोई "पोलिटिकल फॉर्मेलिटी" नहीं बल्कि हमारी "ड्यूटी" और हमारा "राजधर्म" होना चाहिए।

हमें "वोट की मैथमेटिक्स" से ज्यादा गरीबों के "डेवलपमेंट और एम्पॉवरमेंट की अरिथमेटिक्स" पर ध्यान देना चाहिए। "जिस दिन हमारे पोलिटिकल ऐजेंडे पर डेवलपमेंट एजेंडा डोमिनेट करेगा, उस दिन हमें कोई डिफीट नहीं दे सकता।" श्री नकवी ने दक्षिण भारत के विभिन्न मंत्रियों और विभागीय सचिवों, अन्य अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह बाते कहीं।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सरकारों के साथ मिल कर गरीबों, अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ों के सशक्तिकरण के संकल्प को जमीन पर उतारना चाहती है। इस काम में हमें काफी हद तक सफलता मिली है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। केंद्र सरकार और हमारा मंत्रालय राज्यों के साथ मिल कर आखिरी आदमी तक विकास और विश्वास पहुँचाने के लिए काम कर रहा है। इस काम को पूरा करने में केंद्र किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं आने देगा, बशर्ते कि जन-धन का आना-पाई ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों में खर्च किया जाये।

श्री नकवी ने कहा कि MsDP (प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम), उस्ताद, नई मंजिल, सीखो और कमाओं, सहित अल्पसंख्यकों के विकास, शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रहा है। इसमें मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन, नवाडको, मानस, जैसे संस्थान अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक प्रगति के लिए काम कर रहे हैं। राज्य सरकारों को इन योजनाओं का अपने राज्य के जरूरतमंद लोगों के हितों में भरपूर लाभ लेना चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार “प्रधानमंत्री के 15-सूत्रीय कार्यक्रम” की समीक्षा कर रही है ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके। अल्पसंख्यक मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री मोदी के समाज के आखिरी व्यक्ति तक "विकास और विश्वास" पहुँचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय विशेषकर युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। "सीखो और कमाओ" योजना इस दिशा में कारगर साबित होगी।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण में वक्फ संपत्तियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय वक्फ संपत्तियों को लेकर दो नीतियों पर काम कर रहा है- पहला वक्फ संपत्तियों को "वक्फ माफिया" के कब्जे से मुक्त कराना और दूसरा इन संपत्तियों को मुस्लिम समुदाय के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए उपयोग करना। श्री नकवी ने कहा कि राज्य वक्फ बोर्डों को इस वर्ष के अंत तक सभी वक्फ संपत्तियां ऑनलाइन रूप से पंजीकृत करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान शुरू करना चाहिए।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी वक्फ बोर्डों को निर्देश दे चुकी है कि सभी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होना चाहिए और पारदर्शी तरीके से उसके बारे में किसी को भी जानकारी हो सके इसकी व्यवस्था की जाए। इस काम के लिए हमारे मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता भी दे रही है।

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की शिकायतों के लिए केंद्र स्तर पर एक सदस्यीय "बोर्ड ऑफ़ एडजूडिकेशन" का गठन जल्द किया जायेगा जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस या राज्य हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस करेंगे। इसी तरह राज्यों में 3 सदस्यीय न्यायाधिकरण की स्थापना की जा रही है। लगभग 15-16 राज्यों में इनका गठन किया जा चुका है। अन्य राज्य भी इसका गठन शीघ्र करें।

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ जमीनों पर अल्पसंख्यक मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज, मॉल, अस्पताल, कौशल विकास केंद्र आदि का निर्माण कराएगा, और इससे हुई आमदनी को अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। इन जमीनों पर विभिन्न प्रयोजन के सामुदायिक केंद्र "सद्भाव मंडप" का निर्माण भी किया जायेगा जो विभिन्न प्रकार के कार्यों जैसे शादी-विवाह, प्रदर्शनी और किसी आपदा के समय राहत केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किये जा सकेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि 29 सितम्बर से मैं "प्रोग्रेस पंचायत" शुरू करूँगा जिसका मकसद आम लोगों को अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं की जानकारी देना है। सरकार लोगों से ही पूछेगी कि उनके विकास के लिए निर्धारित धन कैसे इस्तेमाल किया जाये। पहली "प्रोग्रेस पंचायत" हरियाणा के मेवात में होगी। उसके बाद मैं देश भर "प्रोग्रेस पंचायत" लगाऊंगा जिसमे दक्षिण भारत भी शामिल है।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार हज यात्रियों को और बेहतर सुविधाएँ मुहय्या कराने के लिए कई कदम उठा रही है। हज 2016 के लिए लगभग 1 लाख 36 हजार भारतीय हज यात्रा पर गए। श्री नकवी ने इस वर्ष की हज यात्रा सुचारू रूप से आयोजित होने पर सऊदी अरब की सरकार, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया, तथा अन्य सम्बंधित विभागों का धन्यवाद किया।

श्री नकवी ने कहा कि इस बार हज के लिए कुल यात्रियों के लगभग 10 प्रतिशत लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया। अगले वर्ष ऑनलाइन आवेदन को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने में राज्यों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। मुझे पूरा भरोसा है कि राज्य केंद्र के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर काम करेंगे ताकि विकास की रौशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जा सके।

समीक्षा बैठक में तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री डा. महमूद अली; तमिलनाडु की अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती एस वलमाथि; तमिलनाडु की वक्फ मामलों की मंत्री श्रीमती नीलोफर क़लील; आंध्र प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री रघुनाथ रेड्डी; केरल के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री के टी जलील; कर्नाटक के सूचना एवं हज मामलों के मंत्री श्री रोशन बेग; कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री तनवीर और दक्षिण राज्यों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

इस बैठक में अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी के विभागीय सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।