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नई दिल्ली, 20 सितंबर, 2016: केंद्रीय वक्फ परिषद की 74वी बैठक के दौरान मेरी प्रेस विज्ञप्ति:

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि कुछ राज्यों में वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों द्वारा बड़ी संख्या में वक्फ संपत्तियों को वक्फ माफियाओं के हवाले किये जाने की गंभीर शिकायतें आई हैं।

नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय वक्फ परिषद् की 74वी बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान श्री नकवी ने कहा कि इस सम्बन्ध में उच्च स्तर पर जांच का काम चल रहा है और जल्द ही वक्फ बोर्डों के वे लोग एवं अधिकारी जो इसके लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ की देश भर में संपत्तियों को "वक्फ माफियाओं" के चंगुल से छुड़ाने के लिए केंद्र सरकार युद्ध स्तर पर अभियान चला रही है ताकि इन सम्पतियों का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय के आर्थिक-सामाजिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए हो सके। वक्फ संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का गैरकानूनी कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा चाहे वह कितना भी शक्तिशाली व्यक्ति क्यों ना हो।

श्री नकवी ने कहा कि मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सँभालने के बाद मैंने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए जो कदम उठाये हैं उनमे वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और विकास अहम है। इस सम्बन्ध में कई राज्य सरकारें सराहनीय सहयोग कर रही हैं। राज्य वक्फ बोर्डों की संख्या 31 है और देश भर में 4,27,000 से ज्यादा पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियां हैं। इसके अलावा कई वक्फ सम्पत्तियां पंजीकृत नहीं हुई हैं। कुछ राज्यों के वक्फ बोर्ड पर "वक्फ माफियाओं" ने कब्ज़ा जमा लिया है जिसके चलते वक्फ संपत्तियों का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।

श्री नकवी ने राज्य वक्फ बोर्डों को निर्देश दिया कि इस वर्ष के अंत तक सभी वक्फ संपत्तियां ऑनलाइन रूप से पंजीकृत हो जानी चाहिए। श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी वक्फ बोर्डों को निर्देश दे चुकी है कि सभी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होना चाहिए और पारदर्शी तरीके से उसके बारे में किसी को भी जानकारी हो सके इसकी व्यवस्था की जाए। इस काम के लिए हमारे मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों को आर्थिक सहायता भी दी है।

कई राज्यों के वक्फ बोर्ड इस दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं पर कुछ राज्यों के वक्फ बोर्ड ऑनलाइन वक्फ संपत्ति पंजीकरण के मामलें में गंभीर नहीं दिख रहे हैं। श्री नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की शिकायतों के लिए केंद्र स्तर पर एक सदस्यीय "बोर्ड ऑफ़ एडजूडिकेशन" का गठन जल्द किया जायेगा जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस या राज्य हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस करेंगे।

इसी तरह राज्यों में 3 सदस्यीय न्यायाधिकरण की स्थापना की जा रही है। लगभग 15-16 राज्यों में इनका गठन किया जा चुका है। अन्य राज्य भी इसका गठन शीघ्र करें।

श्री नकवी ने कहा कि वक्फ जमीनों पर अल्पसंख्यक मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज, मॉल, अस्पताल, कौशल विकास केंद्र आदि का निर्माण कराएगा, और इससे हुई आमदनी को अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। इन जमीनों पर विभिन्न प्रयोजन के सामुदायिक केंद्र "सद्भाव मंडप" का निर्माण भी किया जायेगा जो विभिन्न प्रकार के कार्यों जैसे शादी-विवाह, प्रदर्शनी और किसी आपदा के समय राहत केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किये जा सकेंगे।