नई दिल्ली, 31 जुलाई 2020:तीन तलाक कानून के एक वर्ष पूरा होने पर केंद्रीय विधि-न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद जी; महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी जी के साथ आज "मुस्लिम महिला अधिकार दिवस" के अवसर पर वर्चुअल कांफ्रेंस के जरिये देश भर से मुस्लिम महिलाओं को सम्बोधित किया। दिल्ली के उत्तम नगर और बाटला हाउस; उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नॉएडा, लखनऊ, वाराणसी; राजस्थान के जयपुर; महाराष्ट्र के मुंबई; मध्यप्रदेश के भोपाल; तमिलनाडु के कृष्णागिरी; हैदराबाद सहित विभिन्न्न स्थानों से लगभग 50 हजार मुस्लिम महिलाएं वर्चुअल कांफ्रेंस से जुड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार "सियासी शोषण" नहीं "समावेशी सशक्तिकरण" के संकल्प के साथ काम करती है, "बड़े रिफॉर्म, बेहतरीन रिजल्ट" इसका परिणाम हैं।मुस्लिम महिलाओं के "आत्म निर्भरता, आत्म सम्मान, आत्म विश्वास" को पुख्ता करने वाला है तीन तलाक को अपराध बनाने वाला कानून। "तीन तलाक" की कुप्रथा-कुरीति के खात्मे से मुस्लिम महिलाओं के संवैधानिक-मौलिक-लोकतांत्रिक एवं समानता के अधिकार सुनिश्चित हुए हैं। "तीन तलाक (तिलाके-बिद्दत) जैसी कुरीति-कुप्रथा, क्राइम को कानूनन जुर्म बनाने के लिए" प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश भर से मुस्लिम महिलाओं ने शुक्रिया कहा। केंद्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद जी ने इस अवसर पर घोषणा की कि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यक महिलाओं में "डिजिटल साक्षरता" को बढ़ावा देने के लिए देश भर में युद्धस्तर पर विशेष अभियान चलाया जायेगा। #MuslimWomenRightsDay #ThanksModiBhaiJaan