नई दिल्ली, 09 मई, 2020:  आज नई दिल्ली में मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग, वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये हुई। जिसमें विभिन्न शैक्षणिक, रोजगारपूरक कौशल विकास एवं ब्रिज कोर्स के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की रणनीति और योजनाओं पर चर्चा एवं निर्णय हुए। हेल्थ असिस्टेंट एवं हॉस्पिटैलिटी फैसिलिटेटर के रोजगारपूरक ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों को वर्तमान जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ाने पर निर्णय हुआ।
कोरोना राहत के लिए बने "प्रधानमंत्री केयर्स" फंड के लिए मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के सभी अधिकारियों, अन्य स्टाफ ने अपने एक दिन का वेतन देने का फैसला किया। एएमयू के वीसी, जो कि मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन के मेंबर भी हैं ने जानकारी दी कि एएमयू ने 1 करोड़ 40 लाख रूपए "पीएम केयर्स" में सहयोग किया है एवं एएमयू में मेडिकल कॉलेज ने 100 बेड की व्यवस्था कोरोना मरीजों के उपचार के लिए की है।
साथ ही एएमयू ने कोरोना टेस्ट की व्यवस्था भी की है, अब तक 9000 टेस्ट कर चुके हैं। साथ ही 3 करोड़ रूपए के एन-95 मास्क, पीपीई, वेंटिलेटर्स आदि मंगाए हैं ताकि उसे जरूरतमंदों के सेहत-सलामती हेतु उपयोग किया जा सके। गरीब नवाज स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत 1500 हेल्थ केयर अस्सिटेंट को ट्रेनिंग दी गई है जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लोगों की मदद कर रहे हैं। #IndiaFightsCorona