नई दिल्ली,28 फरवरी, 2020: आज नई दिल्ली में एपीजे स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट के दीक्षांत समारोह में शामिल हुआ और छात्र-छात्राओं को विभिन्न मैनेजमेंट कोर्स की डिग्री वितरित की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि आज भारत सस्ती, सुलभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन "एजुकेशन हब" में से एक बन गया है। केन्द्रीय बजट 2020-21 में शिक्षा के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 2014 के बाद से स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। लगभग 3 दशक बाद अब देश में हमारी सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आ रही है। नई शिक्षा नीति “सशक्त नए भारत” की नींव रखेगी। नई शिक्षा नीति के आने से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। आधुनिक शिक्षा के साथ पारंपरिक भारतीय शिक्षा को भी पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाना चाहिए। भारतीय संस्कार और संस्कृति, व्यक्ति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। प्राचीन भारतीय संस्कार और वर्तमान की आधुनिक शिक्षा को एक सूत्र में पिरोकर "नए भारत" के निर्माण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा जा सकता है।